राजस्थान
Jaipur: पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक कल्याण का प्रतीक बने खनन उद्योग - मुख्यमंत्री
Tara Tandi
7 July 2025 5:08 PM IST

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Jaipur जयपुर । मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि राजस्थान खनन क्षेत्र के विकास के लिए पारदर्शी प्रक्रियाओं, ईज ऑफ डूइंग बिजनेस तथा आधारभूत संरचना के विस्तार के साथ तेजी से आगे बढ़ रहा है। हमारा लक्ष्य है कि राजस्थान खनन में अग्रणी केंद्र बने। उन्होंने कहा कि राजस्थान में लोहे से लेकर सोने तक खनिज प्रचुर मात्रा में उपलब्ध है। उन्होंने उद्यमियों से आह्वान किया कि वे प्रदेश में निवेश करें, राज्य सरकार उन्हें हर संभव सहयोग देने के लिए कटिबद्ध है।
श्री शर्मा एवं केन्द्रीय कोयला एवं खान मंत्री श्री जी. किशन रेड्डी सोमवार को राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर में भारतीय खान ब्यूरो द्वारा आयोजित 7 एवं 5 स्टार रेटिंग वाली खदानों के सम्मान समारोह में शिरकत कर रहे थे। इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि स्टार रेटिंग प्रणाली खनन गतिविधियों की मूल्यांकन प्रक्रिया के साथ पर्यावरण संरक्षण एवं सामाजिक उत्तरदायित्व को बढ़ावा देती है। इस प्रणाली के तहत खनन पट्टों के प्रदर्शन को वैज्ञानिकता, सतत् विकास, जल प्रबंधन, पौधारोपण और सामाजिक उत्तरदायित्व जैसे महत्वपूर्ण मापदंडों पर आंकना शुरू किया है। उन्होंने भारतीय खान ब्यूरो द्वारा पुरस्कृत खदानों के प्रतिनिधियों को बधाई देते हुए कहा कि राजस्थान में भी खदानों का इसी प्रकार से मूल्यांकन कर रेटिंग देने का नवाचार किया जाएगा।
राजस्थान ने प्रधान खनिजों के पट्टों की नीलामी में बनाया कीर्तिमान—
मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्थान खनिजों का संग्रहालय है। आज प्रदेश में 57 प्रकार के धात्विक एवं अधात्विक खनिजों का दोहन किया जा रहा है। यहां उत्पादित खनिज देश के कुल खनिज उत्पादन मूल्य का 12 प्रतिशत है। उन्होंने कहा कि राजस्थान प्रधान खनिज के खनन पट्टों की नीलामी में शतक लगा चुका है। देशभर में आवंटित प्रधान खनिज के 500 ब्लॉक्स में से राजस्थान ने 20 प्रतिशत से अधिक यानी 100 से अधिक ब्लॉक्स आवंटित करने का कीर्तिमान बनाया है। साथ ही, राजस्थान में अप्रधान खनिज के 960 एवं क्वारी के 137 प्लाटों की सफलतापूर्वक नीलामी हो चुकी है।
पूर्ववर्ती सरकार से अधिक राजस्व किया अर्जित—
श्री शर्मा ने कहा कि प्रदेश में पूर्ववर्ती सरकार के समय वर्ष 2023-24 में माइनिंग रॉयल्टी के रूप में राजस्व 3 प्रतिशत बढ़ोतरी के साथ महज 7 हजार 460 करोड़ रुपये रहा जबकि हमारे प्रयासों से 2024-25 में रॉयल्टी राजस्व 9 हजार 228 करोड़ रहा, जो गत वर्ष से 24 प्रतिशत अधिक था। यह रॉयल्टी राजस्व एक रिकॉर्ड है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने अवैध खनन के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई है, जिसके अंतर्गत अवैध खनन के खिलाफ तीन विशेष अभियान चलाए गये हैं।
एम सैंड यूनिट लगाने वाले उद्यमियों को दिया जा रहा प्रोत्साहन—
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने बजरी के विकल्प एम-सैंड के लिए नई नीति बनाई है। इस नीति के माध्यम से एम सैंड यूनिट लगाने वाले उद्यमियों को प्रोत्साहन दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्रीजी की पहल ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान से प्रेरणा लेकर राज्य सरकार ने मिशन हरियालो राजस्थान शुरू किया है। इसके तहत हमने 5 साल के कार्यकाल में 50 करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य तय किया है। इस मिशन के तहत गत वर्ष लगभग 7.50 करोड़ से अधिक पौधे लगाए भी जा चुके हैं। साथ ही, इस वर्षा काल में 10 करोड़ पौधे लगाए जा रहे हैं।
केन्द्र एवं राज्य की डबल इंजन की सरकार कर रही हर क्षेत्र का विकास—
श्री शर्मा ने कहा कि यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में 2014 के बाद देश में अभूतपूर्व परिवर्तन आए हैं। उनके द्वारा शुरू की गई गरीब कल्याण की योजनाओं से अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति का उत्थान हो रहा है। साथ ही, उनके कुशल मार्गदर्शन में देश में अभूतपूर्व विकास कार्य के साथ-साथ आतंकवाद-नक्सलवाद का खात्मा हुआ है। उन्होंने कहा कि केन्द्र एवं राज्य की डबल इंजन की सरकार प्रदेश के हर क्षेत्र के विकास के लिए समर्पित होकर कार्य कर रही है। देश का सबसे बड़ा राज्य राजस्थान अपार संभावनाओं का केन्द्र बन रहा है। शिक्षा, उद्योग, पर्यटन सहित विभिन्न क्षेत्रों में निवेश के भरपूर अवसर उपलब्ध हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें ऐसा खनन मॉडल विकसित करना चाहिए जो आवश्यकताओं को पूरा करे तथा आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा भी बने। उन्होंने खनन उद्योग की आर्थिक प्रगति के साथ-साथ इसे पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक कल्याण का प्रतीक बनाने का आह्वान भी किया।
समारोह में मुख्यमंत्री श्री शर्मा और केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री श्री जी. किशन रेड्डी ने 7 एवं 5 स्टार रेटिंग वाली खदानों के प्रतिनिधियों को सम्मानित किया। इस दौरान केन्द्रीय खान मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव श्री संजय लोहिया, भारतीय खान ब्यूरो के मुख्य खान नियंत्रक श्री पीयूष नारायण शर्मा, प्रमुख शासन सचिव खान विभाग श्री टी. रविकांत सहित केन्द्र एवं राज्य के खान विभाग के वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित रहे।
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