राजस्थान
Jaipur: किसानों और लघु उद्यमियों को सहकारी भूमि विकास बैंकों के माध्यम से दीर्घकालीन ऋण
Tara Tandi
7 Feb 2025 5:57 PM IST

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Jaipur जयपुर/जालोर । राज्य भूमि विकास बैंक प्रदेश के 36 प्राथमिक सहकारी भूमि विकास बैंकों को 130 करोड़ रुपये के दीर्घकालीन ऋण वितरण करेगा। सहकारिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री गौतम कुमार दक ने बताया कि राज्य के सभी जिलों के किसानों और लघु उद्यमियों को अब सहकारी भूमि विकास बैंकों के माध्यम से दीर्घकालीन कृषि एवं अकृषि ऋण उपलब्ध हो पाएंगे।
सहकारिता मंत्री ने बताया कि कृषकों और लघु उद्यमियों को यह ऋण राज्य सरकार की बजट घोषणा के अनुरूप क्रमशः 7 प्रतिशत एवं 5 प्रतिशत ब्याज अनुदान योजना के तहत उपलब्ध करवाये जाएंगे। उन्होंने बताया कि नाबार्ड से पुनर्वित्त के अभाव में काफी समय से अधिकांश भूमि विकास बैंकों द्वारा उक्त योजनाओं के अंतर्गत ऋण वितरण नहीं हो पा रहा था। विगत दिनों नाबार्ड द्वारा पुनर्वित्त जारी करने एवं एनसीडीसी द्वारा ब्याज दरों में कमी किये जाने के परिणामस्वरूप अब ऋण वितरण संभव हो सकेगा।
श्री दक ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा ब्याज अनुदान उपलब्ध करवाये जाने के फलस्वरूप भूमि विकास बैंकों द्वारा वितरित दीर्घकालीन कृषि ऋण मात्र 5.05 प्रतिशत एवं दीर्घकालीन अकृषि उत्पादक ऋण मात्र 7.05 प्रतिशत की ब्याज दर पर उपलब्ध होगा।
उल्लेखनीय है कि प्रदेश के ऐसे लगभग 15 प्राथमिक सहकारी भूमि विकास बैंकों, जहां पिछले 5-6 वर्षों से दीर्घकालीन ऋण वितरण नहीं किया जा रहा था, को भी ऋण वितरण के लक्ष्य आवंटित किये गये हैं। इनमें अजमेर, केकड़ी, टोंक, हिण्डौन, सवाई माधोपुर, जालौर, पाली, सिरोही, बारां, बूंदी, झालावाड़, कोटा, बांसवाड़ा, डूंगरपुर और उदयपुर प्राथमिक सहकारी भूमि विकास बैंक शामिल हैं। प्रदेश की दीर्घकालीन सहकारी साख संरचना के पुनरुद्धार की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।
जयपुर/जालोर 7 फरवरी। राज्य भूमि विकास बैंक प्रदेश के 36 प्राथमिक सहकारी भूमि विकास बैंकों को 130 करोड़ रुपये के दीर्घकालीन ऋण वितरण करेगा। सहकारिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री गौतम कुमार दक ने बताया कि राज्य के सभी जिलों के किसानों और लघु उद्यमियों को अब सहकारी भूमि विकास बैंकों के माध्यम से दीर्घकालीन कृषि एवं अकृषि ऋण उपलब्ध हो पाएंगे।
सहकारिता मंत्री ने बताया कि कृषकों और लघु उद्यमियों को यह ऋण राज्य सरकार की बजट घोषणा के अनुरूप क्रमशः 7 प्रतिशत एवं 5 प्रतिशत ब्याज अनुदान योजना के तहत उपलब्ध करवाये जाएंगे। उन्होंने बताया कि नाबार्ड से पुनर्वित्त के अभाव में काफी समय से अधिकांश भूमि विकास बैंकों द्वारा उक्त योजनाओं के अंतर्गत ऋण वितरण नहीं हो पा रहा था। विगत दिनों नाबार्ड द्वारा पुनर्वित्त जारी करने एवं एनसीडीसी द्वारा ब्याज दरों में कमी किये जाने के परिणामस्वरूप अब ऋण वितरण संभव हो सकेगा।
श्री दक ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा ब्याज अनुदान उपलब्ध करवाये जाने के फलस्वरूप भूमि विकास बैंकों द्वारा वितरित दीर्घकालीन कृषि ऋण मात्र 5.05 प्रतिशत एवं दीर्घकालीन अकृषि उत्पादक ऋण मात्र 7.05 प्रतिशत की ब्याज दर पर उपलब्ध होगा।
उल्लेखनीय है कि प्रदेश के ऐसे लगभग 15 प्राथमिक सहकारी भूमि विकास बैंकों, जहां पिछले 5-6 वर्षों से दीर्घकालीन ऋण वितरण नहीं किया जा रहा था, को भी ऋण वितरण के लक्ष्य आवंटित किये गये हैं। इनमें अजमेर, केकड़ी, टोंक, हिण्डौन, सवाई माधोपुर, जालौर, पाली, सिरोही, बारां, बूंदी, झालावाड़, कोटा, बांसवाड़ा, डूंगरपुर और उदयपुर प्राथमिक सहकारी भूमि विकास बैंक शामिल हैं। प्रदेश की दीर्घकालीन सहकारी साख संरचना के पुनरुद्धार की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।
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