
कालाडेरा: चौमूं क्षेत्र के कालाडेरा गांव में इन दिनों खुशी और उत्साह का माहौल है। लंबे समय से नगरपालिका का दर्जा मिलने की मांग कर रहे ग्रामीणों की मुराद आखिरकार पूरी हो गई है। रविवार को कालाडेरा ग्राम पंचायत को औपचारिक रूप से नगरपालिका में क्रमोन्नत किए जाने की घोषणा के बाद स्थानीय लोगों में हर्ष का वातावरण देखने को मिला।
इस मौके पर राजस्थान सरकार के शहरी विकास एवं स्वायत्त शासन मंत्री (यूडीएच) झाबर सिंह खर्रा स्वयं कालाडेरा पहुंचे। उनके साथ चौमूं क्षेत्र के पूर्व विधायक और वरिष्ठ नेता रामलाल शर्मा भी कार्यक्रम में मौजूद रहे। ग्रामीणों ने दोनों नेताओं का पारंपरिक स्वागत किया और इस महत्वपूर्ण निर्णय के लिए आभार व्यक्त किया।
झाबर सिंह खर्रा ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि कालाडेरा क्षेत्र के तेजी से होते विकास और बढ़ती आबादी को देखते हुए इसे नगरपालिका का दर्जा दिया गया है। अब यहां के लोगों को विकास कार्यों और शहरी सुविधाओं का अधिक लाभ मिलेगा। नगरपालिका बनने के बाद क्षेत्र में जलापूर्ति, सड़क, सफाई व्यवस्था, स्ट्रीट लाइट्स, कचरा प्रबंधन जैसी शहरी सुविधाएं सुलभ हो सकेंगी। उन्होंने कहा कि सरकार की मंशा है कि प्रत्येक क्षेत्र को विकास की मुख्यधारा से जोड़ा जाए और जनता को बेहतर नागरिक सुविधाएं दी जाएं।
इस अवसर पर पूर्व विधायक रामलाल शर्मा ने कहा कि कालाडेरा के लोगों की वर्षों पुरानी मांग पूरी हुई है। उन्होंने क्षेत्रवासियों को बधाई देते हुए भरोसा दिलाया कि आने वाले समय में यहां के विकास को नई गति मिलेगी। उन्होंने यह भी कहा कि नगरपालिका बनने से रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे और क्षेत्र में नए निवेश की संभावनाएं भी मजबूत होंगी।
इस खुशी के मौके पर बड़ी संख्या में ग्रामीण कार्यक्रम स्थल पर एकत्रित हुए। ढोल-नगाड़ों और आतिशबाजी के बीच स्थानीय लोगों ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर अपनी खुशी का इज़हार किया। महिलाओं और युवाओं में भी खासा उत्साह देखने को मिला। गांव के बुजुर्गों ने इसे ऐतिहासिक दिन बताया और उम्मीद जताई कि अब कालाडेरा भी आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा।
नगरपालिका बनने के बाद अब कालाडेरा में स्वायत्त प्रशासनिक इकाई का गठन होगा और स्थानीय स्तर पर विकास कार्यों की गति तेज होगी। लोगों को अब किसी भी सुविधा के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा। क्षेत्रवासियों का मानना है कि इससे स्थानीय शासन व्यवस्था भी मजबूत होगी और जनता की भागीदारी से क्षेत्र का समग्र विकास संभव होगा।
गौरतलब है कि कालाडेरा लंबे समय से चौमूं क्षेत्र का प्रमुख गांव रहा है और यहां की जनसंख्या और भौगोलिक विस्तार को देखते हुए इसे नगरपालिका में शामिल करने की मांग उठती रही थी। अब यह मांग पूरी होने से यहां के लोगों में भविष्य को लेकर नई उम्मीदें जगी हैं।





