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Jaipur: जयपुर ट्रैफिक होगा हाईटेक, 253 चौराहों पर एआई आधारित व्यवस्था

Admindelhi1
14 July 2026 9:28 AM IST
Jaipur: जयपुर ट्रैफिक होगा हाईटेक, 253 चौराहों पर एआई आधारित व्यवस्था
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जयपुर: गुलाबी नगरी जयपुर की सड़कों को जाम और प्रदूषण से राहत दिलाने की दिशा में राजस्थान पुलिस बड़ा कदम उठाने जा रही है। पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) राजीव कुमार शर्मा की पहल पर जयपुर का ट्रैफिक अब पारंपरिक फिक्स टाइमर के बजाय आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आधारित स्मार्ट सिस्टम से संचालित होगा। जयपुर ट्रैफिक पुलिस ने डेटा कोर इन्फोटेक के सहयोग से शहर के सबसे व्यस्त रामबाग सर्किल पर 39 दिनों तक एआई आधारित इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (आईटीएमएस) का सफल परीक्षण किया है। ट्रायल के उत्साहजनक परिणामों के बाद अब पुलिस कमिश्नरेट क्षेत्र के 423 चौराहों में से 253 प्रमुख चौराहों पर इस तकनीक को लागू करने की तैयारी है। पूरे प्रोजेक्ट की मॉनिटरिंग ट्रैफिक डीसीपी योगेश गोयल के नेतृत्व में की गई। ट्रायल की सफलता के बाद इसे चरणबद्ध तरीके से पूरे शहर में विस्तार देने का निर्णय लिया गया है।

डेटा कोर इन्फोटेक के निदेशक बसंत गोस्वामी और ओजस शुक्ला ने बताया कि अभी अधिकांश चौराहों पर रेड और ग्रीन सिग्नल का समय पहले से निर्धारित होता है, चाहे किसी सड़क पर ट्रैफिक कम हो और दूसरी ओर लंबा जाम लगा हो। नया एआई आधारित आईटीएमएस इससे बिल्कुल अलग तरीके से काम करेगा। चौराहों पर लगाए गए एआई कैमरे 24 घंटे वाहनों की संख्या, कतार की लंबाई और ट्रैफिक दबाव का वास्तविक समय में विश्लेषण करेंगे। जिस दिशा में वाहनों का दबाव अधिक होगा, सिस्टम स्वतः उस ओर ग्रीन सिग्नल का समय बढ़ा देगा और कम ट्रैफिक वाली दिशा का समय घटा देगा। पूरी प्रक्रिया बिना किसी मानवीय हस्तक्षेप के स्वचालित रूप से संचालित होगी।

रामबाग सर्किल पर 3 जून से 11 जुलाई 2026 तक चले पायलट प्रोजेक्ट के दौरान एआई सिस्टम ने उल्लेखनीय परिणाम दिए। इस अवधि में सिस्टम ने बिना किसी मैन्युअल हस्तक्षेप के 4 लाख 88 हजार 140 से अधिक वाहनों का सुचारु संचालन कराया।

ट्रायल के दौरान प्रत्येक लेन में वाहन चालकों का 8 से 45 सेकंड तक का समय बचा, जबकि औसत ग्रीन टाइम 33.63 सेकंड दर्ज किया गया। चौराहों पर वाहनों के कम समय तक रुकने और ट्रैफिक फ्लो बेहतर होने से 39 दिनों में 2,535 किलोग्राम कार्बन डाइऑक्साइड (CO₂) उत्सर्जन कम हुआ। यह प्रतिदिन औसतन 65 किलोग्राम उत्सर्जन में कमी के बराबर है।

एआई आधारित सिस्टम केवल ट्रैफिक संचालन तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि यातायात नियमों के उल्लंघन पर भी स्वतः कार्रवाई करेगा। ट्रायल के दौरान एक कैमरे ने प्रतिदिन औसतन 4,200 वाहनों की निगरानी की, जिनमें से करीब 450 वाहनों के चालान योग्य उल्लंघनों की पहचान सिस्टम ने स्वतः दर्ज की।

इसके जरिए ओवरस्पीडिंग, रेड लाइट जंप, रॉन्ग साइड ड्राइविंग और लेन उल्लंघन जैसे मामलों की स्वतः पहचान होगी। यदि किसी वाहन पर पहले से चालान लंबित होगा तो नंबर प्लेट स्कैन होते ही उसकी पूरी जानकारी कंट्रोल रूम तक पहुंच जाएगी।

डेटा कोर इन्फोटेक के निदेशकों ने बताया कि भविष्य में इस तकनीक को स्मार्ट सिटी मिशन के साथ भी जोड़ा जाएगा। रामबाग सर्किल पर सिंगल जंक्शन का स्वायत्त एआई नियंत्रण सफल रहने के बाद दूसरे चरण में मल्टी-जंक्शन सिंक्रोनाइजेशन लागू किया जाएगा। इसके तहत एक चौराहे का एआई दूसरे चौराहे से संवाद कर पूरे मार्ग पर ट्रैफिक प्रवाह को नियंत्रित करेगा।

आगे चलकर सिस्टम में वीआईपी मूवमेंट, फायर ब्रिगेड और एम्बुलेंस जैसी आपातकालीन सेवाओं के लिए स्वतः ग्रीन कॉरिडोर उपलब्ध कराने की सुविधा भी विकसित की जाएगी, ताकि आपात स्थिति में वाहनों को जाम में न फंसना पड़े।

नई तकनीक लागू होने से आमजन का यात्रा समय घटेगा, ईंधन की बचत होगी और प्रदूषण में कमी आएगी। वहीं ट्रैफिक पुलिस को चौराहों पर मैन्युअल सिग्नल संचालन से राहत मिलेगी, जिससे पुलिसकर्मी जाम, दुर्घटना संभावित क्षेत्रों, स्कूलों, बाजारों और अन्य संवेदनशील स्थानों पर यातायात प्रबंधन पर अधिक प्रभावी ढंग से ध्यान दे सकेंगे।

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