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Jaipur: जयपुर निगम की पहल बनी मिसाल, अन्य निकायों ने भी अपनाया अभियान

Admindelhi1
10 Jun 2026 2:08 PM IST
Jaipur: जयपुर निगम की पहल बनी मिसाल, अन्य निकायों ने भी अपनाया अभियान
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जयपुर के अभियान से अन्य शहरों को मिला प्रेरणा स्रोत

जयपुर: नगर निगम द्वारा गुलाबी नगर की स्वच्छता और सुंदरता बढ़ाने का लेकर हाल में चलाए गए अभियान देशभर में छाए हुए है। निगम के अभियानों को दूसरे राज्यों के नगर निगम और नगर निकायों द्वारा पसंद किए जा रहे है। स्थानीय सरकार ने जयपुर नगर निगम के अभियानों को अपनाने के निर्देश दिए है।

नगर निगम आयुक्त ओम कसेरा ने कार्यभार ग्रहण के साथ ही शहर को साफ-सुथरा बनाने और सुंदरता को लेकर अभियान चलाए। इन अभियानों की सरकार द्वारा भी सराहना की गई। नगर निगम द्वारा रंग दे गुलाबी अभियान के माध्यम से शहरभर में 500 से अधिक दीवारों पर रंग रोगन और पेटिंग करवाई गई। स्वच्छ सर्वेक्षण में लगातार 8 साल से प्रथम स्थान पाने वाले इन्दौर नगर निगम ने अभियान को हाथों-हाथ लिया। इंदौर नगर निगम ने इसी की तर्ज पर रंग दे बेकलेन अभियान चलाया गया। इस अभियान में शहर की अंदरुनी गलियों की दीवारों को सुंदर बनाने के लिए काम किया गया। इसके अलावा नगर निगम द्वारा ऑपरेशन क्लीन स्वीप भी चलाया गया। इस अभियान में रात्रि 12 बजे से सुबह 5 बजे तक विशेष स्वच्छता ड्राइव चलाकर परकोटा क्षेत्र को व्यापक स्तर पर स्वच्छ बनाया गया। इस अभियान के माध्यम से ऐसी संकरी गालियों की भी सफाई की गई जहां वर्षो से कचरा जमा हुआ था। इस अभियान से प्रेरित होकर आंन्ध्र प्रदेश सरकार ने भी सभी नगरीय निकायों को ऑपरेशन क्लीन स्वीप अभियान चलाने के निर्देश दिए है। नगर निगम आयुक्त ओम कसेरा ने बताया कि जयपुर केवल एक शहर नहीं, बल्कि हमारी साझा पहचान और विरासत है। वर्ष 2026 में 'सफाई सेवा मैराथन', 'रंग दे गुलाबी', 'ऑपरेशन क्लीन स्वीप' तथा सफाई कर्मियों के सम्मान जैसे अभियानों ने यह सिद्ध किया है कि जब प्रशासन और नागरिक एक साथ संकल्प लेते हैं, तो असंभव लक्ष्य भी संभव हो जाते हैं। इन पहलों के माध्यम से हमने स्वच्छता, सौंदर्यीकरण, सामाजिक समावेशन और कर्मचारी सम्मान के नए मानक स्थापित किए हैं। हमारा उद्देश्य केवल शहर को साफ रखना नहीं, बल्कि जयपुर को देश का सबसे स्वच्छ, सुंदर, नागरिक-केंद्रित और गौरवशाली शहर बनाना है। आने वाले समय में भी हम इसी प्रकार नवाचार, जनभागीदारी और सामूहिक प्रयासों के माध्यम से जयपुर को ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए निरंतर कार्य करते रहेंगे। आइए, हम सब मिलकर अपने जयपुर को और अधिक स्वच्छ, सुंदर एवं विश्वस्तरीय बनाने का संकल्प लें।

जयपुर नगर निगम के अधिकारियों द्वारा इंदौर और सूरत जैसे बड़े शहरों के लगातार अध्ययन दौरों के बावजूद जमीनी स्तर पर स्थिति लगभग शून्य है। इन दौरों का कोई ठोस परिणाम शहर को नहीं मिला है, जिससे राजधानी की सफाई व्यवस्था, ट्रैफिक और बुनियादी सुविधाओं में कोई बड़ा सुधार देखने को नहीं मिला है। अक्सर अधिकारी स्वच्छता और स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट्स समझने के बहाने देश के अन्य राज्यों के शहरों का दौरा करते हैं, लेकिन लौटने पर उन मॉडल्स को जयपुर में लागू करने की कोई व्यावहारिक कार्ययोजना नहीं बनती? इन दौरों में जनता के टैक्स का भारी पैसा खर्च होता है, लेकिन जयपुर आज भी स्वच्छता सर्वेक्षण में अपेक्षित रैंकिंग के लिए संघर्ष कर रहा है? शहर में सड़कों की खराब हालत, सीवरेज ओवरफ्लो, कचरा पॉइंट (डीपो) की समस्या और अतिक्रमण जैसी मूलभूत समस्याएं आज भी बरकरार है। अधिकारियों के दौरों के बजाय यदि जमीनी स्तर पर त्वरित काम और जनता की शिकायतों का सही समाधान हो, तो ही शहर की तस्वीर बदल सकती है। मई माह में जयपुर जिला कलेक्टर संदेश नायक, नगर निगम कमिश्नर ओम कसेरा और जेडीसी सिद्धार्थ महाजन ने गुजरात के सूरत और मध्यप्रदेश के इंदौर का दौरा किया था। इस अध्ययन दौरे का मुख्य उद्देश्य इन शहरों की सर्वश्रेष्ठ सफाई व्यवस्था, अपशिष्ट प्रबंधन और स्मार्ट सिटी योजनाओं का अध्ययन करना था।

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