राजस्थान

Jaipur: राज्यपाल बागडे ने आयुर्वेद विश्वविद्यालय की समीक्षा की, उत्कृष्टता पर जोर

Tara Tandi
5 Dec 2025 5:48 PM IST
Jaipur: राज्यपाल बागडे ने आयुर्वेद विश्वविद्यालय की समीक्षा की, उत्कृष्टता पर जोर
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Jaipur जयपुर । राज्यपाल एवं कुलाधिपति श्री हरिभाऊ बागडे ने शुक्रवार को डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन राजस्थान आयुर्वेद विश्वविद्यालय, जोधपुर की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में शैक्षणिक प्रगति, परीक्षा प्रणाली, नई शिक्षा नीति के क्रियान्वयन, अनुसंधान संस्कृति तथा खेल–सांस्कृतिक गतिविधियों पर विस्तृत चर्चा हुई।
राज्यपाल श्री बागडे ने कहा कि विश्वविद्यालय को राष्ट्र निर्माण का वैचारिक केंद्र बनना चाहिए। उन्होंने परीक्षा प्रक्रिया को पूर्णतया पारदर्शी एवं सुरक्षित बनाने, राष्ट्रीय महत्व के विषयों पर अध्ययन–अनुसंधान को बढ़ावा देने तथा प्रति माह प्रतिष्ठित विद्वानों को आमंत्रित कर विद्यार्थियों और शिक्षकों के लिए ज्ञान–सहभागिता कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए।
राज्यपाल ने विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए खेल, कला, नेतृत्व कौशल और व्यावहारिक ज्ञान को शिक्षा का अनिवार्य घटक बनाने पर बल दिया। उन्होंने विश्वविद्यालय परिसर में खेल मैदान, खेल उपकरण, कला एवं सह–पाठ्यक्रम गतिविधियों के उन्नयन तथा आधुनिक खेल सुविधाएँ विकसित करने के निर्देश दिए। उन्होंने वैश्विक अनुभव के लिए शिक्षकों और विद्यार्थियों को अंतरराष्ट्रीय अकादमिक कार्यक्रमों एवं शोध गतिविधियों में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित करने की आवश्यकता दोहराई।
राज्यपाल श्री हरिभाऊ बागडे ने विश्वविद्यालय परिसर में पूर्व में किये गए 363 खेजड़ी पौधों के सामूहिक वृक्षारोपण के स्थल का पुनः अवलोकन किया और पौधों की संरक्षण व्यवस्था और उनकी वृद्धि की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि पौधारोपण केवल कार्यक्रम न होकर उत्तरदायित्व और निरंतर देखभाल है, इसलिए प्रत्येक पौधे को पूर्ण विकसित वृक्ष बनाने के संकल्प के साथ संरक्षण व्यवस्था को मजबूत किया जाए।
कुलगुरु प्रो. गोविंद सहाय शुक्ल ने वर्ष 2025-26 की प्रवेश स्थिति, परीक्षा परिणाम, एनईपी–2020 के कार्यान्वयन, अनुसंधान गतिविधियाँ, वित्त पोषित परियोजनाएँ और एमओयू की स्थिति से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि एनएसएस–एनसीसी, खेल और सांस्कृतिक गतिविधियों में विद्यार्थी राज्य, राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उल्लेखनीय उपलब्धियाँ प्राप्त कर रहे हैं। गोद ग्राम में आयुर्वेद आधारित जनजागरूकता और सामुदायिक कल्याण गतिविधियाँ भी सतत जारी हैं।
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