Jaipur: राजस्थान में अवैध खनन के खिलाफ सरकार की बड़ी कार्रवाई

जयपुर: अरावली पर्वतमाला में बढ़ते अवैध खनन पर राजस्थान सरकार ने कड़ा रुख अपनाते हुए एक बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा के निर्देश पर हरियाणा से जुड़ने वाली 5 अवैध सड़कों को बंद कर दिया गया है। ये सड़कें खनन माफियाओं द्वारा चोरी-छिपे तैयार की गई थीं, जिनका इस्तेमाल अवैध खनन के लिए किया जा रहा था।
सरकार की यह कार्यवाही न केवल पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक अहम प्रयास है, बल्कि खनन माफियाओं के खिलाफ एक सख्त संदेश भी माना जा रहा है। इन सड़कों के जरिए हरियाणा से राजस्थान के सीमावर्ती इलाकों में अवैध खनन सामग्री की आवाजाही होती थी, जिससे ना केवल राज्य के खनिज संसाधनों का दोहन हो रहा था, बल्कि पहाड़ियों की प्राकृतिक संरचना को भी नुकसान पहुंच रहा था।
मुख्यमंत्री का सख्त संदेश
मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने कहा है कि अरावली की पहाड़ियों की रक्षा करना हमारी प्राथमिकता है और अवैध खनन किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने संबंधित प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि इस प्रकार की अवैध गतिविधियों पर निगरानी बढ़ाई जाए और दोषियों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए।
वन विभाग और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई
इस कार्रवाई को अंजाम देने के लिए वन विभाग, पुलिस और खनिज विभाग की संयुक्त टीमों ने सीमावर्ती क्षेत्रों में अभियान चलाया। टीमों ने मशीनों की मदद से इन अवैध सड़कों को बंद किया और मौके पर सुरक्षा तैनात की, ताकि दोबारा इन्हें चालू न किया जा सके।
पर्यावरण प्रेमियों ने की सराहना
राज्य सरकार की इस कार्यवाही की पर्यावरण प्रेमियों और सामाजिक संगठनों ने प्रशंसा की है। लंबे समय से अरावली में हो रहे अवैध खनन को लेकर चिंता जताई जा रही थी। कई जनहित याचिकाएं भी अदालत में दायर की गई हैं, जिनमें इस क्षेत्र में अवैध गतिविधियों पर रोक लगाने की मांग की गई थी।
आगे की रणनीति
राज्य सरकार ने संकेत दिए हैं कि यह केवल शुरुआत है। भविष्य में पूरे अरावली क्षेत्र में ड्रोन से निगरानी, सीसीटीवी कैमरे और गश्त को बढ़ाया जाएगा। साथ ही सीमावर्ती क्षेत्रों में खनन पर पूर्ण प्रतिबंध की दिशा में भी ठोस नीति तैयार की जा रही है।
राजस्थान सरकार का यह कदम अरावली को बचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है, जो आने वाले समय में राज्य के पर्यावरण संरक्षण और प्राकृतिक संपदा की रक्षा के लिए मील का पत्थर साबित हो सकता है।





