राजस्थान

Jaipur: प्रसूताओं की मौतों पर सरकार को घेरा, चिकित्सा व्यवस्था पर उठाए सवाल

Admindelhi1
25 Jun 2026 11:30 AM IST
Jaipur: प्रसूताओं की मौतों पर सरकार को घेरा, चिकित्सा व्यवस्था पर उठाए सवाल
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जयपुर: प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने राज्य की चिकित्सा व्यवस्था को लेकर भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह से चरमरा गई हैं, लोगों को न तो समय पर उपचार मिल रहा है और न ही दवाइयां उपलब्ध हो रही हैं। उन्होंने कहा कि सरकारी अस्पतालों में कथित रूप से नकली इंजेक्शन लगाए जाने जैसी घटनाएं सामने आ रही हैं, लेकिन सरकार की ओर से कोई जवाबदेही तय नहीं की जा रही।

प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित प्रेसवार्ता को संबोधित करते हुए डोटासरा ने कहा कि पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार ने मुख्यमंत्री चिरंजीवी योजना, राजस्थान गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम (आरजीएचएस) और राइट टू हेल्थ जैसी योजनाएं लागू कर आमजन और कर्मचारियों को निजी अस्पतालों में 25 लाख रुपये तक के निःशुल्क उपचार की सुविधा उपलब्ध कराई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार के कार्यकाल में स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है।

डोटासरा ने कहा कि कोटा में पांच प्रसूताओं की मौत हो गई, जबकि छह महिलाएं गंभीर रूप से बीमार हैं। इसी तरह जोधपुर में दो महिलाएं गंभीर अवस्था में हैं और छह अन्य चिकित्सकीय लापरवाही के कारण परेशान हैं। बीकानेर में भी छह महिलाओं का समुचित उपचार नहीं हुआ, जिनमें से दो की मौत हो गई। उन्होंने कहा कि परिजन आज भी न्याय की मांग को लेकर धरने पर बैठे हैं और कुछ महिलाओं की किडनी फेल होने की घटनाएं भी सामने आई हैं।

उन्होंने एसएमएस अस्पताल के आईसीयू में आग लगने की घटना का उल्लेख करते हुए कहा कि यह घटनाएं साबित करती हैं कि राजस्थान की चिकित्सा व्यवस्था गंभीर संकट से गुजर रही है।

डोटासरा ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री और चिकित्सा मंत्री ने इन घटनाओं पर संवेदना के दो शब्द तक व्यक्त नहीं किए और न ही पीड़ित परिवारों से मिलने पहुंचे।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने चिकित्सा मंत्री के बयानों को असंवेदनशील बताते हुए कहा कि प्रसूताओं और महिलाओं के संबंध में की गई टिप्पणियां दुर्भाग्यपूर्ण हैं। उन्होंने कहा कि प्रसूताएं अस्पताल इलाज कराने आती हैं और ऑपरेशन अथवा सीजेरियन का निर्णय चिकित्सकीय आवश्यकता के आधार पर डॉक्टर लेते हैं, न कि मंत्री।

डोटासरा ने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने कोटा में स्वास्थ्य व्यवस्थाओं के विरोध में कई दिनों तक धरना-प्रदर्शन किया, लेकिन सरकार ने पीड़ित परिवारों को न तो मुआवजा दिया और न ही किसी प्रकार की राहत की घोषणा की। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में नकली दवाओं और इंजेक्शनों की आपूर्ति गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि यदि कथित रूप से ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन के कारण महिलाओं की मौत और किडनी फेल होने की घटनाएं हुई हैं, तो सरकार को इसकी जवाबदेही तय करनी चाहिए और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार के दौरान निःशुल्क दवा योजना के माध्यम से मरीजों को दवाइयां उपलब्ध कराई जाती थीं, जबकि वर्तमान में लोग उपचार और दवाओं के लिए परेशान हैं।

डोटासरा ने कहा कि आरजीएचएस योजना के अंतर्गत कई निजी अस्पताल मरीजों का उपचार नहीं कर रहे हैं, क्योंकि उन्हें सरकार से समय पर भुगतान नहीं मिल रहा। उन्होंने कहा कि सरकार को व्यवस्थाओं में सुधार करना चाहिए, न कि योजनाओं को प्रभावित होने देना चाहिए।

उन्होंने कहा कि चिकित्सा सेवाओं की खराब स्थिति को लेकर प्रदेशभर में लोगों में भारी आक्रोश है और कांग्रेस पार्टी इस मुद्दे पर आमजन के साथ खड़ी है। पार्टी जल्द ही प्रदेशव्यापी आंदोलन शुरू करेगी।

उन्होंने बताया कि वह और नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली शीघ्र ही बीकानेर जाकर स्थिति का जायजा लेंगे।

डोटासरा ने अंतरराष्ट्रीय सीमा क्षेत्र में धार्मिक स्थलों पर की जा रही कार्रवाई को लेकर भी सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि सीमा क्षेत्र की सुरक्षा और व्यवस्थाओं को लेकर सभी लोग सरकार के साथ हैं, लेकिन मंदिरों और मस्जिदों जैसे आस्था के केंद्रों पर कार्रवाई पारदर्शी तरीके से और संबंधित लोगों को विश्वास में लेकर की जानी चाहिए।

उन्होंने कहा कि किसी भी कार्रवाई को राजनीतिक एजेंडे के तहत अंजाम देना उचित नहीं है। सरकार को प्रभावित लोगों से संवाद स्थापित कर संवेदनशीलता के साथ निर्णय लेना चाहिए। कांग्रेस पार्टी सीमा सुरक्षा के मुद्दे पर सरकार के साथ है, लेकिन आस्था के केंद्रों को निशाना बनाकर की जाने वाली कार्रवाई का समर्थन नहीं करती।

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