
जयपुर: अंत्योदय की भावना को केंद्र में रखते हुए राज्य सरकार ने 2026-27 के बजट में डिजिटल शासन और पारदर्शी प्रशासन को मजबूती देने वाले कई अहम प्रावधान किए हैं।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में प्रस्तुत बजट में नागरिकों को त्वरित, सुगम और सुलभ सेवाएं उपलब्ध कराने पर विशेष फोकस किया गया है।
बजट में नेक्स्ट जनरेशन सिटीजन सर्विस रिफॉर्म्स की घोषणा की गई है। इसके तहत ‘वन्स ओनली प्रिंसिपल’ लागू किया जाएगा, जिससे नागरिकों और उद्यमियों से किसी भी दस्तावेज की मांग केवल एक बार की जाएगी। विभाग आपस में डाटा साझा करेंगे, जिससे बार-बार दस्तावेज जमा कराने की आवश्यकता समाप्त होगी।
इसके साथ ही, जनाधार डेटाबेस को विभिन्न विभागों के पोर्टल्स से जोड़ा जाएगा, ताकि पात्र लाभार्थियों को योजनाओं का लाभ समय पर मिल सके।
सरकार ने 100 प्रमुख सेवाओं को व्हाट्सएप प्लेटफॉर्म के माध्यम से उपलब्ध कराने की घोषणा की है। इसके अलावा 25 हजार युवाओं और महिलाओं को मिनी ई-मित्र के रूप में अधिकृत किया जाएगा, जो मोबाइल आधारित सेवाएं प्रदान करेंगे।
सभी नगरीय निकायों में चरणबद्ध तरीके से स्मार्ट सेवा केंद्र स्थापित किए जाएंगे, जहां जन्म, मृत्यु व विवाह पंजीयन प्रमाण पत्र, फायर एनओसी और अन्य अनुज्ञा पत्र संबंधी सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध होंगी।
डिजिटल राजस्थान के लक्ष्य को साकार करने के लिए नई आईटी पॉलिसी लाई जाएगी। स्टेट डेटा सेंटर की सेवाएं स्टार्टअप्स, एमएसएमई और नागरिकों को किफायती दरों पर उपलब्ध कराने के लिए डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर फेसिलिटेशन पॉलिसी लागू होगी।
आपदा प्रबंधन, शहरी नियोजन, कृषि और पर्यावरण निगरानी के लिए जियो स्पेशियल पॉलिसी भी घोषित की गई है। परिणामोन्मुखी नीति निर्माण के लिए सीएम-प्रमाण (पॉलिसी, रिसर्च एंड एनालिटिक्स फॉर मेजरेबल एक्शन एण्ड नेक्सस) यूनिट की स्थापना की जाएगी। नीति आयोग की तर्ज पर गठित राजस्थान इंस्टीट्यूट फॉर ट्रांसफॉरमेशन एण्ड इनोवेशन (रीती) के लिए 10 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
नवगठित आठ जिलों में मिनी सचिवालय सहित अन्य कार्यालय भवनों के निर्माण, 94 नई पंचायत समितियों और 3,467 ग्राम पंचायतों में आधारभूत संरचना विकास के लिए तीन हजार करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया है।
साथ ही, सुशासन को बढ़ावा देने के लिए राजस्थान जन विश्वास अधिनियम 2.0 लागू करने की घोषणा की गई है।
आर्थिक समीक्षा 2025-26 के अनुसार राजस्थान सम्पर्क 181 के माध्यम से वर्ष 2025 में 34.43 लाख परिवाद दर्ज हुए, जिनमें से 33.88 लाख (98% से अधिक) का निस्तारण किया गया। डिजिटल गवर्नेंस को सुदृढ़ करने के लिए राजस्थान सम्पर्क 2.0 भी प्रारंभ किया गया है। राजकिसान साथी पोर्टल के माध्यम से दिसंबर 2025 तक किसानों को 3,566 करोड़ रुपये की डीबीटी राशि हस्तांतरित की जा चुकी है।
साथ ही 1.53 करोड़ से अधिक सीड मिनीकिट्स और 1.35 लाख से अधिक गुणवत्ता नियंत्रण नमूनों की सुविधा किसानों को उपलब्ध कराई गई है।
राज्य सरकार के इन प्रावधानों से प्रशासनिक प्रक्रियाओं में पारदर्शिता बढ़ेगी और आमजन को त्वरित सेवाएं मिल सकेंगी। बजट 2026-27 को डिजिटल और नागरिक केंद्रित शासन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।





