राजस्थान

Jaipur: जिला कलेक्टर ने नशा मुक्त जयपुर अभियान

Tara Tandi
23 May 2025 10:22 AM IST
Jaipur: जिला कलेक्टर ने नशा मुक्त जयपुर अभियान
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Jaipur जयपुर । जयपुर जिला कलक्टर डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी ने नशा मुक्त जयपुर अभियान को सफल बनाने के लिए संबंधित विभागों के अधिकारियों को हर संभव प्रयास करने के निर्देश दिये हैं। उन्होंने मादक पदार्थों के अवैध उत्पादन, भंडारण एवं परिवहन पर सख्त कार्रवाई करने, युवाओं को नशे की लत से दूर रखने के लिए प्रभावी कार्ययोजना का धरातल पर क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
कलक्टर ने गुरुवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित नार्काे कॉर्डिनेशन सेंटर की जिला स्तरीय समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए अधिकारियों को सार्वजनिक स्थल पर धूम्रपान करने वालों, शिक्षण संस्थानों के पास स्थित दुकानों पर तम्बाकू उत्पाद बेचने वालों पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए। दवा दुकानों की जांच करने एवं प्रतिबंधित दवाओं की बिक्री, तय सीमा से अधिक दवा बिक्री, बिना लाइसेंस के दवा बिक्री सहित अन्य अनियमितताओं के खिलाफ भी कार्रवाई करने के निर्देश दिये।
उन्होंने युवाओं को नशे की जद में आने से बचाने के लिए सघन जागरुकता अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने नशा मुक्त जयपुर अभियान को जन-जन का अभियान बनाने के लिए अधिक से अधिक युवाओं को अभियान के तहत ई-शपथ लेने के लिए प्रेरित करने भी निर्देश दिये।
जिला पुलिस अधीक्षक, ग्रामीण, आनन्द शर्मा ने बताया कि कोटपा अधिनियम, 2003 तंबाकू से बने उत्पादों पर नियंत्रण रखने के लिए बनाया गया है। इस अधिनियम के तहत सार्वजनिक जगहों पर धूम्रपान करना, तंबाकू बेचना और तंबाकू से जुड़े विज्ञापन करना भी मना है। अधिनियम का उल्लंघन करने पर जुर्माना और जेल का प्रावधान है। उन्होंने बताया कि 18 साल से कम उम्र के बच्चों को तंबाकू एवं इससे बने नशीले पदार्थ बेचना निषेध है, पुलिस द्वारा शिक्षण संस्थानों में अध्ययनरत विद्यार्थियों को नशे के प्रवृति से दूर रखने के लिए विशेष जागरूकता अभियान ऑपरेशन नॉक आउट चलाया जा रहा है।
बैठक में एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री जगदीश व्यास ने बताया कि एनडीपीएस एक्ट की धारा 68 (एफ) के तहत नार्काेटिक्स के मुकदमे के अपराधियों के विरुद्ध वित्तीय जांच करने का प्रावधान है। एक्ट के प्रावधानों के तहत ऐसे मुकदमे के 6 साल पूर्व तक की अवधि मंे मादक पदार्थाे के अवैध व्यापार से अर्जित संपत्ति, चाहे वह परिवार के किसी अन्य सदस्य के नाम पर हो अथवा बेनामी हो, उसको सीज या फ्रीज किया जा सकता है। एक्ट के तहत वाणिज्यिक उपयोग के लिए चिन्हित मादक पदार्थ के तस्कर को एक साल तक जेल में निरुद्ध करने का भी प्रावधान है। उन्होंने बताया कि आमजन मानस पोर्टल अथवा हेल्पलाइन नंबर 1933 पर ऐसे अपराधियों के खिलाफ शिकायत दर्ज करवा सकते हैं।
बैठक में जिला कलक्टर ने सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के अधिकारियों को जिले में बिना लाइसेंस के संचालित अवैध नशामुक्ति केन्द्रों पर प्रभावी कार्रवाई करने एवं नवजीवन योजना के चिन्हित परिवारों को योजना में लाभांवित करने के निर्देश दिए। औषधि नियंत्रण विभाग के अधिकारियों ने जानकारी दी कि नियमों का उल्लंघन करने वाले एवं प्रतिबंधित दवाओं की बिक्री करने वाले दवा विक्रेताओं के खिलाफ लाइसेंस निलंबन एवं निरस्त करने की कार्रवाई की जा रही है।
बैठक में अतिरिक्त जिला कलक्टर (दक्षिण) श्री संतोष कुमार मीणा, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य, औषधि नियंत्रक, कृषि, शिक्षा, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता, वन सहित अन्य विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी भी मौजूद रहे।
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