राजस्थान

Jaipur: सोलहवीं विधानसभा के चतुर्थ सत्र में संवेदनशील और एकजुट भावना का प्रदर्शन

Tara Tandi
1 Sept 2025 4:00 PM IST
Jaipur: सोलहवीं विधानसभा के चतुर्थ सत्र में संवेदनशील और एकजुट भावना का प्रदर्शन
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Jaipur जयपुर । सोलहवीं राजस्थान विधानसभा के चतुर्थ सत्र में सोमवार को सदन ने विगत दिनों दिवंगत विशिष्टजनों, आतंकवादी हमले, विमान दुर्घटना एवं प्राकृतिक आपदाओं के कारण हुए हादसों के मतृकों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान सदस्यों ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्माओं को शांति और उनके परिजनों को इस बिछोह को सहन करने की शक्ति प्रदान करने के लिए ईश्वर से प्रार्थना की।
प्रारम्भ में विधानसभा अध्यक्ष श्री वासुदेव देवनानी ने शोक प्रस्ताव रखते हुए दिवंगत विशिष्टजनों नागालैण्ड के पूर्व राज्यपाल स्व. श्री ला. गणेसन, बिहार के पूर्व राज्यपाल स्व. श्री सत्यपाल मलिक, झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री स्व. श्री शिबू सोरेन, केरल के पूर्व मुख्यमंत्री स्व. श्री वी.एस. अच्युतानंदन, गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री स्व. श्री विजय रूपाणी, पूर्व सांसद स्व. डॉ. गिरिजा व्यास, पूर्व सांसद स्व. कर्नल सोनाराम, पूर्व मंत्री स्व. श्रीमती मदन कौर, पूर्व राज्य मंत्री स्व. श्री सोहन सिंह और राजस्थान विधानसभा के पूर्व सदस्य स्व.श्री किशनाराम नाई द्वारा राजनीतिक, सामाजिक एवं अन्य क्षेत्रों में दी गई सराहनीय सेवाओं का उल्लेख किया।
विधानसभा अध्यक्ष ने बताया कि श्री ला. गणेसन वर्ष 2016 में मध्य प्रदेश से राज्य सभा सांसद निर्वाचित हुए। वह अगस्त, 2021 से फरवरी 2023 तक मणिपुर के राज्यपाल रहे तथा फरवरी, 2023 को नागालैण्ड के राज्यपाल नियुक्त हुए। साहित्य में रुचि रखने वाले श्री गणेसन का 15 अगस्त, 2025 को निधन हो गया।
विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि बिहार के पूर्व राज्यपाल श्री सत्यपाल मलिक उत्तर प्रदेश विधान सभा तथा 9वीं लोक सभा के सदस्य रहे। वे दो बार राज्य सभा के सदस्य भी रहे। उन्होंने बताया कि श्री मलिक बिहार, ओडिशा, जम्मू एवं कश्मीर, गोवा एवं मेघालय के राज्यपाल के पद पर आसीन रहे। उनका 5 अगस्त, 2025 को निधन हो गया।
श्री देवनानी ने झारखंड के पूर्व मुख्य मंत्री श्री शिबू सोरेन के राजनीतिक जीवन पर प्रकाश डालते हुए बताया कि श्री सोरेन लोक सभा के लिये आठ बार सदस्य निर्वाचित हुए। केन्द्र सरकार में वे कोयला मंत्री भी रहे। दीर्घ संसदीय अनुभव रखने वाले श्री सोरेन वर्ष 2005 से 2010 के मध्य तीन बार झारखंड के मुख्य मंत्री रहे। 'गुरुजी' के नाम से प्रख्यात श्री सोरेन ने सामाजिक कल्याण, आदिवासी समुदाय के उत्थान एवं ग्रामीण विकास के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दिया। उनका 4 अगस्त, 2025 को निधन हो गया।
श्री देवनानी ने केरल के पूर्व मुख्य मंत्री श्री वी.एस. अच्युतानंदन द्वारा राजनीति के क्षेत्र में दी गई सेवाओं का उल्लेख करते हुए बताया श्री अच्युतानंदन सात बार केरल विधान सभा के सदस्य निर्वाचित हुए। वे वर्ष 2006 में केरल के मुख्य मंत्री बने तथा राज्य में आधारभूत सुविधाओं के विस्तार की दिशा में कार्य किया। उनका 21 जुलाई, 2025 को निधन हो गया।
विधानसभा अध्यक्ष ने बताया कि गुजरात के पूर्व मुख्य मंत्री श्री विजय रूपाणी जुलाई, 2006 से जुलाई, 2012 तक राज्य सभा के सदस्य रहे। वे 2016 से 2021 तक गुजरात के मुख्य मंत्री रहे। श्री रूपाणी का एयर इंडिया विमान हादसे में दिनांक 12 जून, 2025 को निधन हो गया।
श्री देवनानी ने बताया कि पूर्व सांसद डॉ. गिरिजा व्यास दसवीं, ग्यारहवीं, तेरहवीं एवं पंद्रहवीं लोकसभा की सदस्य रहीं। वह दो बार राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष भी रहीं। बहुआयामी व्यक्तित्व की धनी डॉ. गिरिजा व्यास का 1 मई, 2025 को निधन हो गया।
श्री देवनानी ने कहा कि पूर्व सांसद कर्नल सोनाराम ग्यारहवीं, बारहवीं, तेरहवीं एवं सोलहवीं लोक सभा के सदस्य रहे। वह तेरहवीं राजस्थान विधानसभा में बायतु निर्वाचन क्षेत्र से विधायक भी रहे। कृषकों के उत्थान के लिये समर्पित रहे कर्नल सोनाराम का 20 अगस्त, 2025 को निधन हो गया।
विधान सभा अध्यक्ष ने बताया कि पूर्व मंत्री श्रीमती मदन कौर चौथी, पांचवीं, छठी राजस्थान विधान सभा में पचपदरा तथा नौंवी राजस्थान विधान सभा में गुढ़ामालानी निर्वाचन क्षेत्र से सदस्य निर्वाचित हुईं। वे राज्य सरकार में पर्यावरण एवं वन विभाग की मंत्री भी रहीं। महिला शिक्षा के लिये सदैव प्रयासरत रहीं श्रीमती कौर ने नशाबंदी, बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीतियों के उन्मूलन के लिये कार्य किया। उनका 5 अगस्त, 2025 को निधन हो गया।
श्री देवनानी ने कहा कि पूर्व राज्य मंत्री श्री सोहन सिंह आठवीं विधानसभा में मसूदा निर्वाचन क्षेत्र से विधायक रहे। वे राज्य सरकार में स्वतंत्र प्रभार के राज्य मंत्री रहे तथा अपने विधानसभा कार्यकाल के दौरान विभिन्न समितियों के सदस्य रहे। समाज सेवा में रुचि रखने वाले श्री सिंह का 12 अप्रैल, 2025 को निधन हो गया।
विधानसभा अध्यक्ष ने बताया कि पूर्व सदस्य श्री किशनाराम नाई नौंवी, दसवीं एवं चौदहवीं राजस्थान विधान सभा के सदस्य रहे। समाज कल्याण के लिये समर्पित रहे श्री नाई का 7 अप्रैल, 2025 को निधन हो गया।
सदन में पहलगाम के निकट बैसरन घाटी में आतंकवादियों द्वारा कायराना हमले में जान गंवाने वाले पर्यटकों, अहमदाबाद विमान हादसे के मृतकों तथा उत्तराखण्ड, हिमाचल तथा जम्मू कश्मीर में भारी बारिश के कारण हुए हादसों में जान गंवाने वाले लोगों के प्रति भी शोक संवेदना व्यक्त करते हुए श्रद्धांजलि दी गई।
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