राजस्थान
Jaipur: धरोहर संरक्षण में डिजिटल पहल, सभी संग्रहालय होंगे ऑनलाइन
Tara Tandi
10 July 2025 4:56 PM IST

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Jaipur जयपुर । प्रमुख शासन सचिव पर्यटन,कला,संस्कृति एवं पुरातत्व श्री राजेश यादव ने राजस्थान में पुरातत्व विभाग के सभी संग्राहलयों और सम्पत्तियों का डिजिटाइजेशन करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने पुरातत्व विभाग की सभी सम्पतियों का एक विजन डोक्यूमेन्ट बनाने और विभाग के कार्यों एवं सेवाओं को ऑनलाइन किया जाने के भी निर्देश दिए हैं।
प्रमुख शासन सचिव ने यह निर्देश आयुक्त पर्यटन रुक्मणी रियाड़ तथा पुरात्व विभाग के निदेशक पंकज धरेन्द्र की उपस्थिति में बुधवार को जयपुर स्थित पर्यटन भवन में आयोजित पुरातत्व एवं संग्राहलय विभाग की समीक्षा बैठक में दिए। उन्होंने पुरातत्व विभाग के कार्यों की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि विभाग अपने कार्यों को योजनाबद्ध रूप से निर्धारित समय पर सम्पादित करें।
प्रमुख शासन सचिव राजेश यादव ने निर्देश दिए कि नारायण सिंह सर्किल स्थित गांधी वाटिका का वृहद प्रचार—प्रसार किया जाए।
प्रमुख शासन सचिव को पुरात्व विभाग के निदेशक पंकज धरेन्द्र ने विभाग का परिचय देते हुए बताया कि जयपुर में जन्तर मन्तर, आमेर किला, झालावाड़ में गागरोन किला यूनेस्को सूचीबद्ध स्मारक हैं। उन्होंने बताया कि 1950 से राजस्थान राज्य के निर्माण के साथ ही पुरातत्व एवं संग्राहलय विभाग का गठन किया गया। वर्तमान में विभाग द्वारा 345 पुरा स्मारक व 43 पुरास्थ संरक्षित घोषित है। साथ ही विभाग द्वारा 22 राजकीय संग्राहलय व 2 कला दीर्घा संचालित किये जा रहे हैं। जिनमें लभगभ 3 लाख से अधिक कला पुरा सामग्री यथा पाषण प्रतिमाएं,धातु प्रतिमाएं लघुरंग चित्र,अस्त्र—शस्त्र,वस्त्र परिधान,सिक्के,हस्तलिखित ग्रंथ,लिथोग्राफ,शिलालेख,टेराकोटा आदि पुरावस्तुएं संग्रहित एव प्रदर्शित हैं।
विभाग द्वारा प्रदेश बिखरी कला—पुरासम्पदा तथा सांस्कृतिक धरोहर की खोज, संरक्षित स्मारकों का संरक्षण एवं जीर्णोद्धार, पुरावशेषों का सर्वेक्षण, संग्राहलयों का पुनर्गठन एवं विकास का पब्लिकेशन कम्यूनिकेशन एवं मास मीडिया योजनाओं के अन्तर्गत कार्य संम्पादित किए जाते हैं। विभाग द्वारा कलात्मक किले,मंदिर,छतरिया,बावड़िया,हवेलियां व अन्य ऐतिहासिक,धार्मिक व सांस्कृतिक महत्व के पुरा स्मारकों का सर्वे करवाया जाकर इनके गौरवशाली स्थापत्य, ऐतिहासिक पृष्ठभूमि एवं कलात्मकता को दृष्टिगत रखते हुए उन्हें संरक्षित घोषित कर मूल स्वरूप में संरक्षण जीर्णोद्धार,रखरखाव व सुरक्षा की समुचित व्यवस्था की जाती है।
इस अवसर पर प्रमुख शासन सचिव को विभाग द्वारा संचालित मुख्य गतिविधयों एवं विभाग की सम्पदाओं का विस्तृत ब्यौरा भी दिया गया।
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