राजस्थान
Jaipur: अगली पीढ़ी का भविष्य सुरक्षित रखने के लिए करें जल संरक्षित- मंत्री खर्रा
Tara Tandi
21 Jun 2025 10:49 AM IST

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Jaipur जयपुर । नगरीय विकास एवं स्वायत्त शासन मंत्री श्री झाबर सिंह खर्रा ने शुक्रवार को अजमेर जिले में वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान की समीक्षा बैठक ली। इसमें अगली पीढ़ी के भविष्य को सुरक्षित रखने के लिए जल को संरक्षित करने की आवश्यकता बताई। जिला कलक्टर श्री लोक बन्धु ने अभियान के दौरान किए गए कार्यों से अवगत कराया।
नगरीय विकास मंत्री श्री झाबर सिंह खर्रा ने कहा कि वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान जन भागीदारी की दृष्टि से अन्य अभियानों से अलग है। इसकी सफलता जन भागीदारी पर ही निर्भर है। जल संरक्षण का यह अभियान लगातार जारी रहना चाहिए। जलवायु परिवर्तन एवं ग्लोबल वार्मिंग जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए जल संरक्षण एवं पौधारोपण आवश्यक है। पृथ्वी पर उपलब्ध पेयजल के रूप में जल की मात्रा में लगातार कमी हो रही है। प्रकृति से खिलवाड़ के दुष्परिणाम सामने आने लगे हैं। ऎसे में जल संरक्षण ही एक मात्र उपाय है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने एक पेड़ मां के नाम लगाने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री श्री भजन लाल शर्मा ने हरियाळो राजस्थान में भी एक पेड़ मां के नाम लगवाया। प्रतिवर्ष लगाए जाने वाले इन पेड़ों की देखभाल भी मातृत्व भाव के साथ करनी चाहिए। इनका वृक्ष बनने तक संरक्षण करें। अबोध शिशु की सुरक्षा तथा पोषण का ध्यान रखकर जिस प्रकार मां अपना कर्तव्य निभाती है, उसी प्रकार हमें भी पौधे के वृक्ष बनने तक सुरक्षा और देखभाल करने का दायित्व निभाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि पूर्व में लगाए गए पेड़ों की जीवितता बढ़ाएं। जीवित नहीं बचे पेड़ों के स्थान पर नए पौधे लगाए जाएं। इन नए लगाए पौधों की संख्या इस वर्ष के लक्ष्यों में शामिल नहीं करें। इन्हें वृक्ष के रूप में फलीभूत करने का लक्ष्य लेकर कार्य करें। इस बारे में जागरूकता भी पैदा की जाए। इसी गति से पौधे लगाकर वृक्ष बनाने से आगामी 6-7 वर्षों में प्रकृति में सामंजस्य आ जाएगा।
उन्होंने कहा कि अजमेर के कुंए, बावड़िया एवं आनासागर झील एक विरासत है। इनकी उपयोगिता हमेशा बनी रहेगी। आनासागर झील में जलकुम्भी दोबारा नहीं आए। गंदे नालों का सीधा गिरने से रोकने के लिए कार्य करें। नालों के सुगम प्रवाह में आने वाले अवरोधों को दूर करें। इनकी सफाई का भौतिक सत्यापन भी कराएं। झील में कचरा फेंकने वालों पर सक्षम धाराओं में कार्यवाही करें। जल स्त्रोतों का सीमांकन आवश्यक है। केचमेंट एरिया को अतिक्रमण मुक्त रखने के लिए कार्यवाही की जाए। इस अभियान को 20 जून को समाप्त नहीं समझा जाए। प्रकृति के मूल स्वरूप को वापस लाने के लिए हमेशा कार्य करते रहें।
इस अवसर पर जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री अभिषेक खन्ना, अजमेर विकास प्राधिकरण की आयुक्त श्रीमती नित्या के., नगर निगम आयुक्त श्री देशल दान, अतिरिक्त जिला कलक्टर श्री गजेन्द्र सिंह राठौड़ एवं ज्योति ककवानी उपस्थित रहे।
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