Jaipur: युवाओं को ज्यादा जिम्मेदारी देने पर जोर दे रही कांग्रेस, कहीं भारी न पड जाये: पायलट

जयपुर: अहमदाबाद में होने वाले अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के अधिवेशन से पहले कांग्रेस महासचिव सचिन पायलट ने रविवार को कहा कि पार्टी में पीढ़ीगत बदलाव हो रहा है और युवा नेता उन्हें सौंपी गई जिम्मेदारियों का प्रभावी ढंग से निर्वहन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि आगे चलकर जवाबदेही और विचारधारा को मजबूत करना इस दिशा में पार्टी की मुख्य प्राथमिकता होगी।
पीटीआई से बात करते हुए पायलट ने कहा कि गुजरात में एआईसीसी का अधिवेशन इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि पार्टी इस समय राज्य में अपनी स्थिति मजबूत करने और अपना पुराना गौरव बहाल करने का प्रयास कर रही है।
पूर्व केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि लोकसभा चुनाव के बाद कांग्रेस को कुछ राज्यों में हार का सामना करना पड़ा है, लेकिन पार्टी का आत्मविश्वास और संघर्ष का जज्बा अभी भी बरकरार है।
जब उनसे पूछा गया कि क्या पार्टी में पीढ़ीगत बदलाव का समय आ गया है तो उन्होंने कहा - कोई भी बदलाव रातोरात नहीं होता, यह एक सतत प्रक्रिया है। पार्टी पिछड़े वर्गों, युवाओं, महिलाओं, अनुसूचित जातियों, अनुसूचित जनजातियों और अल्पसंख्यकों के सशक्तिकरण के लिए प्रतिबद्ध है। ये वर्ग हमारी जनसंख्या का एक बड़ा हिस्सा हैं और उनका उचित प्रतिनिधित्व अत्यंत महत्वपूर्ण है।
उन्होंने कहा कि पार्टी फोरम में हमने उदयपुर घोषणापत्र को स्वीकार कर लिया है और उसका पालन कर रहे हैं। हम सभी पार्टी नियुक्तियों में इस बात को ध्यान में रख रहे हैं। पीढ़ीगत परिवर्तन अपने आप हो रहा है, अब बहुत से लोग नेतृत्व की भूमिकाएं संभाल रहे हैं, चाहे वो संसद के अंदर हो या संसद के बाहर, राज्यों में हो या फिर AICC में नए लोगों की नियुक्ति हो, युवा अब नेतृत्व की भूमिकाएं संभाल रहे हैं और अपना काम बखूबी कर रहे हैं।
उन्होंने स्मरण किया कि बेलगाम सम्मेलन में दिसंबर 2025 को "संगठनात्मक सशक्तिकरण का वर्ष" घोषित किया गया था। संगठनात्मक सुधार, रिक्तियों को भरने और युवाओं को अधिक राजनीतिक जिम्मेदारियां देने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
पायलट ने कहा, "राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे और प्रियंका गांधी वाड्रा पार्टी के कामकाज, विभागों और आईवाईसी, एनएसयूआई, सेवा दल और महिला कांग्रेस जैसे प्रमुख संगठनों में सक्रिय रुचि ले रहे हैं। हमने 2025 तक पार्टी कैडर में ऊर्जा भरने और संगठन को वैचारिक रूप से मजबूत करने का संकल्प लिया है।"
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उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि पार्टी में अब "जवाबदेही" अनिवार्य होगी। उन्होंने कहा, "जब किसी व्यक्ति को जिम्मेदारी दी जाती है तो उसे जिम्मेदार भी होना पड़ता है। जो लोग अच्छा प्रदर्शन नहीं कर रहे हैं, उन्हें बाहर का रास्ता दिखाना होगा और मेहनती लोगों को मौका देना होगा।"
उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि राजस्थान में यह निर्णय लिया गया है कि यदि कोई अधिकारी बिना किसी उचित कारण के लगातार तीन बैठकों से अनुपस्थित रहता है तो उसे इस्तीफा देना होगा। हाल ही में इंदिरा गांधी भवन में आयोजित बैठक में निर्णय लिया गया कि जिला कांग्रेस कमेटियों के अध्यक्षों को चुनाव प्रक्रिया में भागीदारी, वित्तीय प्रबंधन और प्रत्याशी चयन सहित अधिक अधिकार दिए जाएंगे।





