राजस्थान

Jaipur: बैराजों से पानी छोड़े जाने के बाद चंबल नदी में उफान, प्रशासन अलर्ट पर

Tara Tandi
30 July 2025 2:09 PM IST
Jaipur: बैराजों से पानी छोड़े जाने के बाद चंबल नदी में उफान, प्रशासन अलर्ट पर
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Jaipur जयपुर: जिले में लगातार हो रही वर्षा एवं चंबल, नवनेरा ,पार्वती बैराज से बड़े पैमाने पर पानी छोड़े जाने के चलते खंडार क्षेत्र में चंबल नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी हो रही है।
जल संसाधन विभाग के अधीक्षण अभियंता अरुण शर्मा ने बताया कि शाम 5ः00 बजे पलीघाट गेज पर जल स्तर, चेतावनी सीमा 197 मीटर के मुकाबले 196.50 मीटर दर्ज किया गया। दुब्बी बनास गेज पर चेतावनी स्तर 226 मीटर के मुकाबले 221.76 मीटर, बरनावदा गेज पर 197 मीटर की तुलना में 196.85 मीटर जल स्तर दर्ज किया गया।
उन्होंने बताया कि कोटा बैराज से 11 हजार 75 क्यूसेक, नवनेरा से 3 लाख 42 हजार क्यूसेक, पार्वती बैराज से 1 लाख 17 हजार क्यूसेक, बिसलपुर बांध से 31 हजार क्यूसेक, मोरेल से 16 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। चम्बल एवं बनास नदी के कैचमेंट क्षेत्र में भारी वर्षा के कारण जल की आवक तेज बनी हुई है जिससे चम्बल, बनास एवं मोरेल नदी के तटीय क्षेत्रों में जल स्तर और बढ़ने की संभावना है।
जिला प्रशासन अलर्ट मोड पर, तटीय गांवों में जारी किया सतर्कता संदेश
जिला कलक्टर काना राम एवं पुलिस अधीक्षक अनिल कुमार बैनीवाल ने पालीघाट, रामेश्वर घाट पर चंबल नदी के वर्तमान जलस्तर का अवलोकन किया। वहीं उपखंड अधिकारी ज्योतिष्णा खेड़ा, तहसीलदार पुष्कर सिंह के साथ नरवाला, मीणा खेड़ी, सोनगच्छ, बोहना, बिनजारी, बागोरा सहित तटीय क्षेत्रों का दौरा कर जलभराव की संभावनाओं का स्थलीय अवलोकन किया।
उन्होंने पटवारी ग्राम विकास अधिकारियों एवं फील्ड स्टाफ को निर्देशित किया कि वे संबंधित गांवों में सतत निगरानी बनाए रखें, जलस्तर की जानकारी समय पर दें और आपात स्थिति में तत्काल राहत व पुनर्वास कार्य सुनिश्चित करें। उन्होंने ग्रामीणों से आग्रह किया कि नदी या नालों के समीप न जाएं और आवश्यकता पड़ने पर त्वरित रूप से सुरक्षित स्थानों की ओर स्थानांतरित हो जाएं।
जिला कलक्टर ने चंबल घड़ियाल अभयारण्य, पालीघाट में विभागीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक करते हुए निर्देश दिए कि नदी में छोड़े जा रहे पानी की मात्रा और उसके प्रभाव का विश्लेषण करते हुए प्रति घंटे आधार पर योजना तैयार की जाए, ताकि जलभराव की संभावित स्थिति से पहले ही निपटा जा सके। सभी आवश्यक आपदा प्रबंधन संसाधनों, नावों, जीवन रक्षक उपकरणों, चिकित्सा सहायता व राहत शिविरों को सक्रिय रखने के निर्देश दिए गए हैं।
आमजन से प्रशासन की अपील :- प्रशासन ने विशेष रूप से नदी किनारे बसे ग्रामीणों, कृषकों व पशुपालकों से अपील की है कि वे नदी, नाले या जलभराव वाले क्षेत्रों के निकट न जाएं, अपने पशुओं को भी सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाएं, अफवाहों से बचें और प्रशासन द्वारा जारी की जा रही सूचनाओं पर ही विश्वास करें। आपदा प्रबंधन टीम पूरी तरह अलर्ट मोड पर है और हर संभव सुरक्षा व राहत सहायता के लिए तैयार है। किसी आपात स्थिति में आमजन जिला नियंत्रण कक्ष के दूरभाष नम्बर 07462-220602, 07462-220201 या टोल फ्री नम्बर 1077 पर संपर्क कर सहायता प्राप्त कर सकते हैं।
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