राजस्थान

Jaipur: विश्व आत्महत्या दिवस पर शिक्षण संस्थानों में जागरूकता अभियान

Tara Tandi
10 Sept 2025 6:36 PM IST
Jaipur: विश्व आत्महत्या दिवस पर शिक्षण संस्थानों में जागरूकता अभियान
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Jaipur जयपुर: चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर के निर्देशन में प्रदेश में स्वास्थ्य संवर्धन की दिशा में प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं। बीमारियों से बचाव एवं स्वस्थ जीवन शैली अपनाने के लिए आमजन को जागरूक किया जा रहा है। इसी क्रम में ’विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस’ के अवसर पर 10 सितम्बर से 10 अक्टूबर तक शिक्षण संस्थानों यथा स्कूलों, कॉलेजों एवं कोचिंग संस्थानों में आउटरीच कैंप एवं आईईसी गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। इसी के तहत बुधवार को विश्व आत्महत्या दिवस के अवसर पर जागरूकता रैली का आयोजन किया गया।
रैली को अतिरिक्त मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. शिशिर बैरवा ने हरी झंडी दिखा कर रवाना किया। रैली मे नर्सिंग कॉलेज के छात्र छात्राओं ने भाग लिया। रैली विभिन्न स्थानों से आमजन को जागरूक करते हुये निकली। इस् अवसर पर मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम नोडल अधिकारी डॉक्टर गौरव चंद्रवंशी मौजूद रहे। मानसिक स्वास्थ्य इकाई द्वारा रैली, शपथ और संगोष्ठी का आयोजन किया गया।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि युवाओं में विशेष रूप से विद्यार्थियों के बीच आत्महत्या की घटनाएं होना चिंताजनक हैं। विभाग द्वारा राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य इकाई के माध्यम से सभी जिलों में स्थानीय प्रशासन के सहयोग से किशोर-किशोरियों के लिए परामर्श- चर्चा सत्रों का आयोजन किया जायेगा। इसी क्रम में 10 सितंबर से आगामी एक माह तक “आत्महत्या के प्रति धारणा में बदलाव कार्यवाही हेतु आह्वान-बातचीत की शुरुआत करें“ की थीम पर शिक्षण संस्थानों में परामर्श सत्रों के साथ जन-जागरुकता अभियान संचालित किया जाएगा। इसके लिए सभी मेडिकल कॉलेजों के प्रधानाचार्य एवं नियंत्रक, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों, प्रमुख चिकित्सा अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं। विभाग द्वारा तत्काल परामर्श सेवाओं के लिए प्रभावी रूप से टोल फ्री हैल्पलाइन सेवा 14416 या 188-89-14416 का संचालन किया जा रहा है। मानसिक स्वास्थ्य इकाई द्वारा मानसिक रोगों का इलाज और काउंसलिंग नियमित रूप से किया जा रहा है।
आत्महत्या एक गंभीर सार्वजनिक स्वास्थ्य समस्या है, जिसके दूरगामी सामाजिक, आर्थिक एवं भावनात्मक असर पड़ते हैं। शैक्षणिक संस्थानों में बच्चों, किशोरों एवं युवाओं के मानसिक स्वास्थ्य एवं कल्याण हेतु सकारात्मक संवाद और सहयोगात्मक वातावरण निर्मित करना बेहद आवश्यक है। उन्होंने बताया कि इस विषय पर जन-जागरूकता बढाने एवं रोकथाम को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से प्रतिवर्ष 10 सितंबर को ’विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस’ पर गतिविधियां आयोजित की जाती हैं। उन्होंने बताया कि जिलों में संचालित मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत सभी जिलों में आउटरीच सत्र व् विभिन् जागरूकता गतिविधियां आयोजित कि जाएंगी। इन सत्रों का उद्देश्य विद्यार्थियों को यह अवसर प्रदान करना है कि वे अपने शिक्षकों एवं प्रशिक्षकों से पढ़ाई, करियर और अन्य व्यक्तिगत समस्याओं पर खुले मन से संवाद स्थापित कर सकें।
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