राजस्थान

Jaipur: मानदेय वृद्धि को लेकर आंगनबाड़ी कर्मियों ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोला

Admindelhi1
14 July 2026 10:22 AM IST
Jaipur: मानदेय वृद्धि को लेकर आंगनबाड़ी कर्मियों ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोला
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मानदेय और नियमित कर्मचारी दर्जे को लेकर आंगनबाड़ी कर्मियों का प्रदर्शन

जयपुर: महिला एवं बाल विकास विभाग के अधीन कार्यरत आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाओं का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। दो सप्ताह से जारी आंदोलन के तहत सोमवार को गांधीनगर स्थित महिला एवं बाल विकास विभाग के निदेशालय के बाहर अखिल राजस्थान महिला एवं बाल विकास संयुक्त कर्मचारी संघ के बैनर तले 'सद्बुद्धि हवन' आयोजित किया गया। आंदोलनकारी महिलाओं ने सरकार से लंबित मांगों पर शीघ्र निर्णय लेने की मांग करते हुए चेतावनी दी कि यदि एक सप्ताह में समाधान नहीं हुआ तो प्रदेशभर की आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाएं जयपुर में अनिश्चितकालीन महापड़ाव डालेंगी।

संघ के संस्थापक संरक्षक छोटीलाल बुनकर ने बताया कि मांगों की अनदेखी के विरोध में 1 से 6 जुलाई तक कार्य बहिष्कार किया गया था, जबकि 7 जुलाई से प्रदेशभर के आंगनबाड़ी केंद्रों पर ताले लगाकर अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी गई। उन्होंने कहा कि अब आंदोलन सड़क पर उतर चुका है और प्रदेश के विभिन्न जिलों में सरकार को सद्बुद्धि देने के लिए हवन किए जा रहे हैं।

संघ की प्रदेशाध्यक्ष रचना शर्मा ने कहा कि सरकार को कई बार ज्ञापन देने और वार्ता के बावजूद कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया। यदि शीघ्र सम्मानजनक समझौता नहीं हुआ तो प्रदेशभर की आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाएं जयपुर में महापड़ाव डालेंगी, जिसकी जिम्मेदारी सरकार की होगी।

जिला अध्यक्ष ममता प्रजापत ने कहा कि आंगनबाड़ी कर्मी वर्षों से कम मानदेय, अस्थायी सेवा और सीमित सुविधाओं के बीच कार्य कर रही हैं। उनका आंदोलन किसी टकराव के लिए नहीं, बल्कि सम्मानजनक कार्य परिस्थितियों और अपने अधिकारों के लिए है।

उन्होंने बताया कि संघ की प्रमुख मांगों में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाओं को राज्य कर्मचारी का दर्जा देना, मानदेय में सम्मानजनक एवं स्थायी वृद्धि करना, सेवानिवृत्ति पर पेंशन एवं सामाजिक सुरक्षा का प्रावधान लागू करना, रिक्त पदों पर शीघ्र भर्ती कर कार्यभार के अनुरूप सुविधाएं उपलब्ध कराना, अतिरिक्त कार्यों के लिए उचित पारिश्रमिक देना तथा ईएसआई, बीमा, चिकित्सा सहित अन्य कर्मचारी कल्याण योजनाओं का लाभ प्रदान करना शामिल है। साथ ही लंबे समय से लंबित मांगों पर सरकार से शीघ्र वार्ता कर सकारात्मक निर्णय लेने की भी मांग की गई है।

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