राजस्थान

Jaipur: गरमागरम बहस के बाद भू-जल प्राधिकरण विधेयक से पीछे हटी सरकार

Admindelhi1
20 March 2025 1:28 PM IST
Jaipur: गरमागरम बहस के बाद भू-जल प्राधिकरण विधेयक से पीछे हटी सरकार
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जयपुर: सरकार को राजस्थान विधानसभा में भूजल प्राधिकरण विधेयक पेश करना था। लेकिन इस विधेयक पर पक्ष और विपक्ष दोनों के बीच गरमागरम बहस हुई। जिसके बाद सरकार ने विधेयक वापस ले लिया और उसे विधानसभा की प्रवर समिति को वापस भेज दिया। विधानसभा में गरमागरम बहस के बाद जलदाय मंत्री कन्हैया लाल चौधरी ने इसे पुनः प्रवर समिति को भेजने का प्रस्ताव रखा, जिसे सदन ने भी मंजूरी दे दी।

उल्लेखनीय है कि यह विधेयक पिछले वर्ष अगस्त में भी प्रवर समिति को भेजा गया था। समिति की रिपोर्ट प्रस्तुत करने की समय सीमा बाद में फरवरी तक बढ़ा दी गई। हाल ही में समिति ने अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत की, जिसके बाद सरकार ने इसे पुनः सदन में लाने का निर्णय लिया। लेकिन अब इसे पुनः प्रवर समिति को सौंपने से इसके क्रियान्वयन में और विलंब होने की संभावना बढ़ गई है।

विपक्ष ने विधेयक के प्रावधानों पर सवाल उठाए: इस विधेयक पर विधानसभा में चर्चा हुई। विपक्षी विधायकों ने इसके प्रावधानों पर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार के पास ट्यूबवेल खोदने और पानी के उपयोग को विनियमित करने के लिए पर्याप्त संसाधन नहीं हैं। उन्होंने यह भी तर्क दिया कि जब तक सरकारी जल कनेक्शनों पर मीटर नहीं लगाए जाएंगे, तब तक ट्यूबवेलों और भूजल पर सख्ती से निगरानी रखना मुश्किल होगा।

पानी पर भी नजर रखना चाहती है सरकार - टीकाराम जूली

विपक्ष के नेता टीकाराम जूली, कांग्रेस विधायक हाकिम अली, रफीक खान और हरिमोहन शर्मा ने सरकार के इस कदम की कड़ी आलोचना की।

अब तक पानी ही एकमात्र ऐसी चीज थी जो बिना किसी प्रतिबंध के उपलब्ध थी। सरकार इस पर भी नजर रखना चाहती है, जिससे आम लोगों के लिए मुश्किलें पैदा होंगी और नौकरशाही का दबदबा बढ़ेगा। - टीकाराम जूली

इस विधेयक का उद्देश्य भूजल दोहन को विनियमित करना और जल संरक्षण को बढ़ावा देना है। इसमें ट्यूबवेल खोदने, भूजल उपयोग और जल स्तर की निगरानी के लिए सख्त नियमों का प्रस्ताव है। लेकिन विपक्ष का कहना है कि मजबूत बुनियादी ढांचे और संसाधनों के बिना यह कानून सिर्फ कागजों तक ही सीमित रह जाएगा।

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