राजस्थान

Jaipur accident : मोमोज विक्रेता रेशु को मिलेगा सरकारी सहारा

Kavita2
29 Jun 2026 10:39 AM IST
Jaipur accident : मोमोज विक्रेता रेशु को मिलेगा सरकारी सहारा
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Jaipur जयपुर : सड़कों पर मोमोज बेचकर अपने परिवार का भरण-पोषण करने वाली 27 वर्षीय रेशु गुप्ता की जिंदगी एक हादसे के बाद पूरी तरह बदल गई। मुख्यमंत्री के काफिले के लिए सड़क खाली कराने के दौरान हुई कथित लापरवाही में रेशु गंभीर रूप से झुलस गईं। इस घटना के सामने आने के बाद मामला लगातार सुर्खियों में बना रहा, जिसके बाद राज्य सरकार ने इस पर संज्ञान लिया है।

घटना के कई दिन बाद अब राज्य सरकार की ओर से पीड़िता के लिए राहत और पुनर्वास से जुड़े महत्वपूर्ण फैसले लिए गए हैं। सरकार ने घोषणा की है कि रेशु गुप्ता के इलाज का पूरा खर्च राज्य सरकार वहन करेगी। इसके साथ ही उन्हें आर्थिक सहायता देने और उनके परिवार के पुनर्वास के लिए आवश्यक कदम उठाने की भी बात कही गई है।

सरकारी निर्णय के तहत पीड़िता के परिवार को आजीविका के साधन के रूप में डेयरी बूथ उपलब्ध कराया जाएगा, ताकि वे फिर से आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर हो सकें। प्रशासन का कहना है कि इस कदम का उद्देश्य परिवार को स्थायी आजीविका उपलब्ध कराना है, जिससे वे सामान्य जीवन की ओर लौट सकें।

यह मामला सामने आने के बाद प्रशासनिक और पुलिस स्तर पर भी कार्रवाई की गई है। आरोप है कि मुख्यमंत्री के काफिले के लिए सड़क खाली कराने के दौरान हुई कार्रवाई में लापरवाही बरती गई, जिसके कारण यह हादसा हुआ। घटना के बाद संबंधित पुलिसकर्मी को लाइन हाजिर कर दिया गया है और उसके खिलाफ विभागीय जांच शुरू कर दी गई है।

इस घटना ने शहर में सड़क सुरक्षा, भीड़ नियंत्रण और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस तरह की कार्रवाइयों के दौरान आम नागरिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।

रेशु गुप्ता, जो जयपुर की सड़कों पर छोटे स्तर पर मोमोज बेचकर अपने परिवार का खर्च चलाती थीं, इस घटना के बाद गंभीर रूप से घायल हो गईं और उन्हें तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया। उनकी स्थिति को देखते हुए इलाज जारी है और डॉक्टरों की टीम लगातार निगरानी कर रही है।

सरकार की ओर से यह भी कहा गया है कि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे। प्रशासन ने संबंधित अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं कि सड़क खाली कराने जैसी कार्रवाई के दौरान आम लोगों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए।

स्थानीय नागरिकों और सामाजिक संगठनों ने भी इस घटना पर चिंता जताई है। उनका कहना है कि सड़क किनारे काम करने वाले छोटे व्यापारियों और रेहड़ी-पटरी वालों के लिए सुरक्षा व्यवस्था और स्पष्ट नियमों की जरूरत है, ताकि ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।

फिलहाल रेशु गुप्ता का इलाज जारी है और सरकार की ओर से उनके परिवार को हरसंभव सहायता देने का आश्वासन दिया गया है। प्रशासनिक स्तर पर भी मामले की जांच चल रही है और रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

यह मामला अब केवल एक हादसा नहीं रह गया है, बल्कि सड़क पर काम करने वाले छोटे व्यापारियों की सुरक्षा और उनके अधिकारों को लेकर एक बड़ा मुद्दा बन गया है, जिस पर सरकार और प्रशासन दोनों की नजर बनी हुई है।

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