राजस्थान

Jaipur: आभा आईडी से स्वास्थ्य सुविधाएं होंगी और आसान: सीएमएचओ

Admindelhi1
23 May 2026 5:51 PM IST
Jaipur: आभा आईडी से स्वास्थ्य सुविधाएं होंगी और आसान: सीएमएचओ
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स्वास्थ्य सेवाओं के बेहतर लाभ के लिए बनवाएं आभा आईडी

जयपुर: स्वास्थ्य विभाग -राजस्थान सरकार द्वारा भारत सरकार की महत्वूर्ण योजना आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन को राज्य में क्रियान्वित किया जा रहा है। जिसका लक्ष्य भारत में एकीकृत डिजिटल स्वास्थ्य परिस्थतिकी तंत्र बनाया जा रहा है। इससे देश में यूनिर्वसल हेल्थ कवरेज की अवधारणा को साकार किया जा सकेगा।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, जयपुर द्वितीय डॉ. मनीष मित्तल ने बताया कि प्रत्येक नागरिक के आयुष्मान भारत हेल्थ अकाउंट (आभा आईडी) का 14 अंकीय विशिष्ट आभा नम्बर को राष्ट्रीय डिजिटल इकोसिस्टम से जोडता है। आभा आईडी एक व्यक्तिगत स्वास्थ्य रिकार्ड एप्लिकेशन है जो आपको स्वास्थ्य रिकार्ड जैसे लैब रिपोर्ट, टीकाकरण, प्रमाण-पत्र आदि को लिंक करने, देखने और पंजीकृत चिकित्सकों से शेयर करने की और स्वास्थ्य सुविधाओं आदि की खोज भी कर सकते है। नागरिक के तौर पर डिजिटल मेडिकल रिकार्ड के साथ बेहतर नियंत्रण और समय की बचत, बार-बार होने वाले परीक्षणों (जॉच) के खर्चों से मुक्ति, स्वास्थ्य सेवाओं और उत्पादों की आसानी से खोज कर उन तक पहॅुचने और उनका लाभ उठाने जैसी सुविधाए मिलती हैँ। आम नागरिको से अपील है कि वे चिकित्सा विभाग द्वारा किये जा रहे इस कार्य में अपना पूर्ण सहयोग करे ताकि जिले के हर नागरिक की आभा आईडी बनाई जा सके।

उपमुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (स्वास्थ्य) डॉ. सुरेंद्र कुमार गोयल ने बताया कि आभा आईडी व आयुष्मान कार्ड के लिए आधार कार्ड व मोबाईल जो आधार से लिंक हो, लेकर जाए और अपना आभा आईडी तथा आयुष्मान कार्ड बनवाये। आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (आभा) योजना का उद्देश्य देश में डिजिटल स्वास्थ्य को बढावा देना है। जिले में हर नागरिक की आभा आईडी बनाने के लिए चिकित्सा विभाग प्रतिबद्ध है। इसके तहत एक डिजिटल प्लेटफार्म का निर्माण किया गया है जिससे आमजन सरल व सुगम रुप से किसी भी स्वास्थ्य सेवा प्रदाता से अपने पुराने रिकॉर्ड सुरक्षित व डिजिटल रुप में कही भी साझा कर सकेंगे तथा स्वास्थ्य सेवाओं का प्रभावी लाभ उठा सकेंगे। इससे ना केवल स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं को बेहतर एवं सटीक रोग निवारण एवं निदान में सहायता मिलेगी बल्कि रोग प्रबंधन भी बेहतर ढंग से किया जा सकेगा।

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