राजस्थान

Jaipur: जयपुर में विराट हिन्दू सम्मेलन, हजारों लोगों ने लिया हिस्सा

Admindelhi1
22 Feb 2026 11:03 PM IST
Jaipur: जयपुर में विराट हिन्दू सम्मेलन, हजारों लोगों ने लिया हिस्सा
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"जयपुर में धार्मिक समागम"

जयपुर: राजधानी जयपुर की 97 बस्तियों में विराट हिन्दू सम्मेलन आयोजित किए गए। आयोजकों के अनुसार इन कार्यक्रमों के माध्यम से सामाजिक समरसता, हिन्दू एकता और सांस्कृतिक जागरण का संदेश दिया गया। परिवारों से एक समय सामूहिक रूप से साथ बैठकर भोजन करने का आग्रह किया गया। पर्यावरण संरक्षण को लेकर पानी बचाने, वृक्षारोपण करने और प्लास्टिक हटाने के संकल्प दिलाए गए।

मुख्य कार्यक्रम में 2785 लोगों की सहभागिता रही। लगभग 1500 महिलाओं ने पारंपरिक वेशभूषा में कलश यात्रा निकाली। सम्मेलन की शुरुआत देशभक्ति गीतों से हुई। कार्यक्रम में फागोत्सव भी आयोजित किया गया। मुख्य वक्ता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के राजस्थान क्षेत्र प्रचारक निंबाराम ने कहा कि भारत को शक्तिशाली बनाने के लिए समाज की एकता आवश्यक है। उन्होंने कहा कि “हिंदू” शब्द सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक है और राष्ट्रहित सर्वोपरि होना चाहिए। झोटवाड़ा स्थित आदर्श विद्या मंदिर परिसर में आयोजित सम्मेलन में लगभग 3500 लोग शामिल हुए। मुख्य वक्ता जसवंत खत्री (राजस्थान क्षेत्र कार्यवाह) ने कुटुंब में संवाद को सामाजिक एकता का आधार बताया। कार्यक्रम में हथोज धाम के संत महामंडलेश्वर बालमुकुंदाचार्य का सान्निध्य रहा। त्रिवेणी नगर सामुदायिक केंद्र में 2500 से अधिक लोगों ने भाग लिया। आठ मंदिरों से 1300 महिलाओं ने कलश यात्रा निकाली। संत श्री 1008 मनोहर दास जी महाराज और युवाचार्य स्वामी राघवेंद्राचार्य जी महाराज ने संबोधित किया।

महानगर सहकार्यवाह डॉ. रामदयाल ने सामाजिक विषयों पर विचार रखे। विवेकानंद बस्ती में 1321 लोगों की उपस्थिति रही। मुख्य वक्ता अशोक शर्मा ने “पंच परिवर्तन” पर बल दिया। त्रिवेणी बस्ती (गोपाल नगर/आनंद विहार) में लगभग 550 लोगों ने भाग लिया। दुर्गापुरा बस्ती में आयोजित कार्यक्रम में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के प्रांत संगठन मंत्री पूरण सिंह ने संबोधित किया। पर्यावरण संरक्षण को लेकर शपथ दिलाई गई। शांति नगर, गोपाल नगर, शिवाजी बस्ती, बरकत नगर, आदर्श नगर (बीस दुकान) और निर्माण नगर सहित विभिन्न क्षेत्रों में भी सम्मेलन आयोजित हुए। निर्माण नगर में बच्चों द्वारा पर्यावरण विषयक प्रस्तुति और युवाओं द्वारा पारंपरिक प्रदर्शन किए गए। विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य करने वाले व्यक्तियों का सम्मान किया गया। आयोजकों के अनुसार सभी कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुए और समाज के विभिन्न वर्गों की भागीदारी रही।

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