राजस्थान
Jaipur: गिव-अप अभियान में 21 लाख अपात्रों ने छोड़ी खाद्य सुरक्षा
Tara Tandi
12 Jun 2025 10:35 AM IST

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Jaipur जयपुर । खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री श्री सुमित गोदारा ने बुधवार को कोटा कलेक्ट्रेट में विभागीय अधिकारियों की बैठक ली तथा प्रदेशभर में गिव अप अभियान की सफलता के लिए आमजन और अधिकारियों की प्रशंषा की व इस अभियान को अधिक गति देने के निर्देश दिए ताकि अन्त्योदय की भावना के अनुरूप प्रत्येक पात्र को खाद्य सुरक्षा का लाभ मिल सके।
श्री गोदारा ने बताया कि गत वर्ष शुरू किए गए गिव-अप अभियान के तहत प्रदेश में अभी तक 21 लाख अपात्र लोगों ने खाद्य सब्सिडी छोड़ी है। खाद्य सुरक्षा पोर्टल के पुनः प्रारंभ होने के बाद 37 लाख नए लाभार्थी जुड़े हैं। उन्होंने कोटा में अभियान को और गति देते हुए 31 अगस्त तक अपात्र लोगों के खाद्य सब्सिडी छोड़ने का आंकड़ा 6 प्रतिशत से अधिक तक ले जाने के निर्देश दिए। उन्होंने खाद्य सुरक्षा सूची में जोड़ने हेतु लंबित आवेदनों की स्थिति की समीक्षा भी की।
खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना की अवधि बढ़ाई जाने से प्रदेश के करोड़ों खाद्य सब्सिडी धारकों को खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित हुई है। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे लगातार फील्ड विजिट कर गिव-अप अभियान को गति दें एवं सक्षम लोगों को खाद्य सब्सिडी छोड़ने के लिए प्रेरित करें। उन्होंने कहा कि सक्षम लोग गिव-अप करेंगे तो पात्र एवं वंचित लोगों को खाद्य सुरक्षा से जोड़ने में आसानी रहेगी। उन्होंने कहा कि अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति तक केन्द्र एवं राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचे, यह सुनिश्चित किया जाए।
श्री गोदारा ने कहा कि सक्षम लोगों द्वारा खाद्य सब्सिडी छोड़ने से बचे हुए अन्न का वंचित पात्रों को खाद्य सुरक्षा देने में इस्तेमाल किया जा सकेगा। श्री गोदारा ने कहा कि एनएफएसए से नाम हटवाने वाले संपन्न व्यक्ति मुख्यमंत्री रसोई गैस सब्सिडी योजना का लाभ भी नहीं ले सकेंगे। इससे राज्य सरकार को होने वाली बचत का भी उपयोग गरीब एवं वंचित वर्ग की भलाई के लिए किया जा सकेगा। उन्होंने आगामी 31 अगस्त तक खाद्य सब्सिडी नहीं छोड़ने वाले अपात्र लाभार्थियों के विरुद्ध आवश्यक दंडात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने राशन वितरण में अनियमिता बरतने वाले राशन डीलरों के विरूद्ध भी कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री ने प्रवर्तन अधिकारियों, प्रवर्तन निरीक्षकों को 31 अगस्त तक अधिक से अधिक लोगों को खाद्य सब्सिडी छोड़ने के लिए प्रेरित करने का टारगेट दिया। उन्होंने कहा कि अधिकारी पूरी निष्ठा एवं समर्पण के साथ इस कार्य में जुटें ताकि अपात्र लोगों को हटाकर अधिक से अधिक से पात्र लोगों को खाद्य सुरक्षा का लाभ दिया सके। राज्य सरकार द्वारा खाद्य सब्सिडी हेतु लाभार्थियों की ईकेवाईसी की प्रक्रिया संपन्न करवा ली गई है। उन्होंने कहा कि 10 वर्ष की आयु तक के एवं 70 वर्ष की अधिक आयु के लाभार्थियों को ईकेवाईसी की बाध्यता से मुक्त रखने का संवेदनशील निर्णय लिया गया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में प्रदेश सरकार लगातार वंचितों को उनका हक दिलाने हेतु प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। खाद्य सुरक्षा से वंचित सभी पात्र लाभार्थियों को एनएफएसए से जोड़ने के मुख्यमंत्री के निर्देशों की अनुपालना में 26 जनवरी से खाद्य सुरक्षा पोर्टल को पुनः प्रारंभ किया गया है। अभी तक 37 लाख नए लाभार्थियों को खाद्य सुरक्षा से जोड़ा गया है। नए जुड़े लाभार्थियों को मुख्यमंत्री रसोई गैस सब्सिडी योजना के तहत 450 रुपए में सिलेंडर तथा मां योजना के तहत निःशुल्क उपचार से लाभान्वित किया जा रहा है।
श्री गोदारा ने कहा कि कई बार समावेशन दस्तावेज पूरे नहीं होने के कारण पात्र लाभार्थी द्वारा खाद्य सुरक्षा सूची से जोड़ने हेतु दिया गया आवेदन लौटा दिया जाता है। विभिन्न क्षेत्रों में आवेदक को फॉर्म लौटने की सूचना प्राप्त नहीं होने पर आवेदन लंबे समय तक लंबित रहता है। उन्होंने कहा कि सभी जिला रसद अधिकारी एवं प्रवर्तन अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि जिस दस्तावेज की कमी के कारण आवेदन लौटाया गया है, उसकी पूरी जानकारी जल्द से जल्द आवेदक को मिले ताकि वह दस्तावेज की पूर्ति कर खाद्य सुरक्षा का लाभ ले सके।
बैठक में शिक्षा मंत्री श्री मदन दिलावर ने कहा कि घुमंतु एवं अर्द्धघुमंतु वर्ग के लोगों को खाद्य सुरक्षा से जोड़ने के लिए उनका सर्वे करवाकर उन्हें घुमंतु वर्ग का प्रमाण पत्र उपलब्ध करवाया जाए ताकि उसके आधार पर उन्हें अपना नाम खाद्य सुरक्षा योजना में जुड़वाने में आसानी रहे। कोटा दक्षिण विधायक श्री संदीप शर्मा ने अपील की कि संपन्न व्यक्तियों का कर्तव्य है कि वे गरीब एवं वंचितों के हक में खाद्य सब्सिडी छोड़ें। गिव-अप अभियान के तहत सक्षम लोगों द्वारा छोड़ी गई सब्सिडी से वंचित वर्ग को इसका लाभ मिल पाएगा। लाडपुरा विधायक श्रीमती कल्पना देवी ने कहा कि राशन की दुकानों एवं ग्रामीण क्षेत्रों में गिव-अप अभियान के लिए जागरूकता फैलाने उद्देश्य से इसका व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए ताकि अपात्र लोग सब्सिडी त्याग दें और पात्र व्यक्ति वंचित नहीं रहें। श्री राकेश जैन ने कहा कि खाद्य सुरक्षा हेतु लंबित आवेदनों का पूर्ण पारदर्शिता के साथ निस्तारण किया जाए। उपस्थित जन प्रतिनिधियों ने विभागीय योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के संबंध में सुझाव दिए।
बैठक में पीपल्दा विधायक श्री चेतन पटेल, जिला प्रमुख श्री मुकेश मेघवाल, सांगोद प्रधान श्री जयवीर सिंह, लाडपुरा प्रधान श्री हेमन्त यादव, जिला कलक्टर डॉ. रविन्द्र गोस्वामी, श्री प्रेम गोचर, अतिरिक्त खाद्य आयुक्त श्रीमती पूनम सागर, डीएसओ शहर श्री कार्तिकेय मीणा, डीएसओ ग्रामीण श्री कुशाल बिलाला, उपखंड अधिकारियों सहित विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।
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