राजस्थान

अर्ध-शहरी आतंकवाद रोधी संचालन पर दिया जोर, भारत-यूके संयुक्त सैन्य अभ्यास

SHIDDHANT
30 Nov 2025 11:36 PM IST
अर्ध-शहरी आतंकवाद रोधी संचालन पर दिया जोर, भारत-यूके संयुक्त सैन्य अभ्यास
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Rajasthan राजस्थान: भारत और यूनाइटेड किंगडम की सेनाओं द्वारा आयोजित संयुक्त सैन्य अभ्यास ‘अजेय वारियर-25’ आज राजस्थान के महाजन फील्ड फायरिंग रेंज में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। यह अभ्यास दोनों देशों की सेनाओं के बीच सामरिक सहयोग, प्रशिक्षण और आतंकवाद रोधी क्षमताओं को मजबूत करने के उद्देश्य से आयोजित किया गया था। अभ्यास का मुख्य फोकस अर्ध-शहरी इलाकों में आतंकवाद रोधी संचालन पर था। इसमें सैनिकों ने वास्तविक परिस्थितियों के अनुरूप तैयार किए गए परिदृश्यों में आतंकवादियों की गतिविधियों की रोकथाम, नागरिक सुरक्षा सुनिश्चित करना, खोज एवं बचाव अभियान और उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों में संचालन का प्रशिक्षण लिया।
अभ्यास के दौरान दोनों देशों के सैनिकों ने संयुक्त योजना निर्माण, कमांड और नियंत्रण प्रणाली का प्रभावी उपयोग, त्वरित निर्णय लेने और टीमवर्क के महत्व को लागू किया। इस प्रशिक्षण ने सैनिकों को वास्तविक अर्ध-शहरी परिदृश्यों में आतंकवादी खतरों का सामना करने और आपातकालीन परिस्थितियों में समन्वित कार्रवाई करने की क्षमता दी। सेना सूत्रों ने बताया कि अभ्यास के दौरान उच्च अधिकारियों और पर्यवेक्षकों ने हर चरण का मूल्यांकन किया। उनका कहना था कि अर्ध-शहरी इलाकों में आतंकवाद रोधी अभियानों में नागरिक सुरक्षा, रणनीतिक योजना और सटीक प्रतिक्रिया बेहद महत्वपूर्ण होती है। इस अभ्यास ने इन पहलुओं पर सैनिकों की दक्षता बढ़ाई।
अभ्यास में भारतीय सेना ने अपनी रणनीतियों, तकनीकी क्षमताओं और आधुनिक उपकरणों का प्रदर्शन किया, जबकि यूके सेना ने अपने उन्नत हथियार और आतंकवाद रोधी तकनीकों का परिचय दिया। इस सहयोग से दोनों देशों की सेनाओं के बीच पेशेवर तालमेल और विश्वास मजबूत हुआ।
अभ्यास के समापन के अवसर पर अधिकारियों ने इसे भविष्य में और व्यापक स्तर पर जारी रखने का संकल्प लिया। सैन्य विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे संयुक्त अभ्यास दोनों देशों की सुरक्षा क्षमताओं को बढ़ाने और क्षेत्रीय स्थिरता बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। अजेय वारियर-25 के सफल समापन ने स्पष्ट कर दिया कि भारत और यूके की सेनाएं अंतरराष्ट्रीय सहयोग, सामरिक प्रशिक्षण और आतंकवाद रोधी अभियानों में अपनी दक्षता को लगातार बढ़ा रही हैं। यह अभ्यास दोनों देशों की सेनाओं के बीच रणनीतिक सहयोग और साझा सुरक्षा हितों को भी मजबूती प्रदान करता है।
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