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राजस्थान में दिल दहलाने वाली घटना, मां ने दो मासूम बच्चों की हत्या के बाद दी जान

Kavita2
18 Oct 2026 5:32 PM IST
राजस्थान में दिल दहलाने वाली घटना, मां ने दो मासूम बच्चों की हत्या के बाद दी जान
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अलवर। राजस्थान के अलवर जिले में रविवार को एक दिल दहलाने वाली घटना सामने आई है। यहां खेरली कस्बे के पास स्थित दंतिया गांव में एक महिला ने कथित तौर पर अपने दो नाबालिग बच्चों की हत्या करने के बाद आत्महत्या कर ली। मृतका की पहचान उषा शर्मा के रूप में हुई है, जबकि उसके बच्चों की पहचान पांच वर्षीय मुकुल और चार वर्षीय नंदिनी के रूप में की गई है। पुलिस के अनुसार, बच्ची के घर से बाहर खेलने जाने की बात को लेकर विवाद होने के बाद यह घटना हुई। महिला अपने दोनों बच्चों को एक कमरे में ले गई और दरवाजा बंद कर लिया। इसके बाद उसने कथित तौर पर कैंची से बच्चों पर हमला किया और स्वयं को भी घायल कर लिया। घटना में मां और दोनों बच्चों की मौत हो गई। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

बच्ची के बाहर खेलने जाने की बात पर हुआ था विवाद

प्राप्त जानकारी के अनुसार, रविवार को दंतिया गांव में रहने वाले परिवार के घर में बच्ची के बाहर खेलने जाने को लेकर कहासुनी हुई थी।

पुलिस की प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, चार वर्षीय नंदिनी घर से बाहर खेलने जाना चाहती थी। इसी बात को लेकर परिवार के भीतर विवाद की स्थिति पैदा हुई।

बताया जा रहा है कि इसके बाद उषा शर्मा अपने पांच वर्षीय बेटे मुकुल और चार वर्षीय बेटी नंदिनी को लेकर कमरे में चली गई।

महिला ने कमरे का दरवाजा अंदर से बंद कर लिया। कुछ देर बाद बच्चों की आवाज सुनकर परिवार के लोग और आसपास के ग्रामीण चिंतित हो गए।

पुलिस के अनुसार, इसी कमरे में महिला ने कथित तौर पर अपने दोनों बच्चों पर हमला किया।

हालांकि, इतनी गंभीर घटना के पीछे केवल खेलने जाने को लेकर हुआ विवाद ही कारण था या अन्य परिस्थितियां भी जिम्मेदार थीं, यह जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।

बच्चों की आवाज सुनकर मौके पर पहुंचे ग्रामीण

घटना के दौरान बच्चों की आवाज सुनकर परिजन और आसपास मौजूद ग्रामीण घर की ओर पहुंचे।

कमरे का दरवाजा अंदर से बंद होने के कारण लोगों को उसे खोलने में परेशानी हुई। ग्रामीणों ने किसी तरह दरवाजा खोला।

अंदर का दृश्य देखकर परिवार के सदस्य स्तब्ध रह गए। महिला और उसके दोनों बच्चे गंभीर रूप से घायल अवस्था में मिले।

इसके बाद ग्रामीणों ने तत्काल सभी को अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था की।

घटना की सूचना स्थानीय पुलिस को भी दी गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मामले की जानकारी जुटाई और जांच शुरू की।

अस्पताल में तीनों की मौत की पुष्टि

घटना के बाद घायल महिला और दोनों बच्चों को खेरली के उपजिला अस्पताल ले जाया गया।

चिकित्सकों ने जांच के बाद पांच वर्षीय मुकुल को मृत घोषित कर दिया।

उषा शर्मा और उसकी चार वर्षीय बेटी नंदिनी की भी उपचार के दौरान मौत हो गई।

एक ही परिवार के तीन सदस्यों की मौत से दंतिया गांव में शोक का माहौल बन गया।

ग्रामीणों और परिवार के सदस्यों के लिए यह घटना बड़ा आघात है। विशेष रूप से दो छोटे बच्चों की मौत ने सभी को दुखी कर दिया है।

अस्पताल प्रशासन ने आवश्यक कानूनी प्रक्रिया के लिए पुलिस को सूचना दी। इसके बाद शवों को पोस्टमार्टम के लिए रखवाया गया।

महिला की छोटी बहन भी हुई घायल

इस घटना में उषा शर्मा की छोटी बहन मनीषा के घायल होने की जानकारी भी सामने आई है।

पुलिस के अनुसार, मनीषा घटना के समय घर पर मौजूद थी। अपनी बहन और दोनों बच्चों को घायल अवस्था में देखने के बाद वह अत्यधिक व्यथित हो गई।

रिपोर्टों के मुताबिक, इस दौरान मनीषा ने खुद को चोट पहुंचाई, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई।

परिजनों और ग्रामीणों ने उसे भी अस्पताल पहुंचाया।

उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए चिकित्सकों ने बेहतर उपचार के लिए दूसरे अस्पताल रेफर कर दिया।

हालांकि, मनीषा की वर्तमान स्वास्थ्य स्थिति के संबंध में विस्तृत जानकारी उपलब्ध नहीं है।

गुजरात में नौकरी करता है महिला का पति

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, मृतका उषा शर्मा का पति अमित शर्मा गुजरात में एक निजी कंपनी में कार्यरत है।

घटना के समय वह गांव में मौजूद था या नहीं, इस संबंध में उपलब्ध रिपोर्टों में विस्तृत जानकारी नहीं है।

वहीं, उषा की छोटी बहन मनीषा का पति अंकित शर्मा जयपुर के एक निजी अस्पताल में नर्स के रूप में काम करता है।

घटना के बाद पुलिस परिवार के सदस्यों से जानकारी जुटा रही है।

परिजनों के बयान और अन्य साक्ष्यों के आधार पर यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि घटना से पहले परिवार में क्या परिस्थितियां थीं।

पुलिस अधिकारियों ने किया घटनास्थल का निरीक्षण

सूचना मिलने पर कठूमर के पुलिस उपाधीक्षक जोगिंदर सिंह राजावत और खेरली थाना पुलिस मौके पर पहुंची।

पुलिस अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और घटना से जुड़े तथ्यों की जानकारी जुटाई।

पुलिस यह पता लगाने में लगी है कि बच्चों और महिला की मौत किन परिस्थितियों में हुई।

घटनास्थल से मिले साक्ष्य, चिकित्सकीय रिपोर्ट और परिजनों के बयान जांच के महत्वपूर्ण आधार होंगे।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट से मृत्यु के कारणों की चिकित्सकीय पुष्टि होने में सहायता मिलेगी।

प्रारंभिक पुलिस जानकारी में महिला द्वारा बच्चों पर हमला करने और बाद में स्वयं को घायल करने की बात सामने आई है, लेकिन घटना के पीछे का वास्तविक कारण अभी स्पष्ट नहीं हुआ है।

घटना के कारणों को लेकर कई सवाल

दंतिया गांव की इस घटना ने कई गंभीर सवाल खड़े किए हैं।

सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर ऐसी कौन-सी परिस्थितियां थीं, जिनके कारण परिवार में यह त्रासदी हुई।

शुरुआती जानकारी में बच्ची के बाहर खेलने जाने की बात पर विवाद होने का उल्लेख किया गया है।

हालांकि, किसी सामान्य पारिवारिक विवाद से इतनी गंभीर घटना होने के पीछे अन्य कारण थे या नहीं, इसकी जांच आवश्यक है।

पुलिस को परिवार की पृष्ठभूमि, घटना से पहले की परिस्थितियों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर पूरे घटनाक्रम को स्पष्ट करना होगा।

फिलहाल किसी मानसिक स्वास्थ्य समस्या या अन्य व्यक्तिगत कारण की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए घटना के पीछे किसी विशेष कारण का अनुमान लगाना उचित नहीं होगा।

बच्चों की सुरक्षा और पारिवारिक तनाव पर चिंता

इस घटना ने परिवार के भीतर बच्चों की सुरक्षा और गंभीर तनाव की परिस्थितियों में समय पर सहायता उपलब्ध कराने के महत्व को सामने रखा है।

बच्चे पूरी तरह से परिवार के वयस्क सदस्यों पर निर्भर होते हैं। इसलिए उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना अत्यंत आवश्यक है।

पारिवारिक तनाव, हिंसा या किसी व्यक्ति के व्यवहार में गंभीर बदलाव दिखाई देने पर परिवार और समाज के अन्य सदस्यों का समय रहते सहायता उपलब्ध कराना महत्वपूर्ण हो सकता है।

ऐसी परिस्थितियों में चिकित्सकीय परामर्श, मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं और स्थानीय सहायता तंत्र की भूमिका भी अहम होती है।

हालांकि, इस विशेष घटना को किसी मानसिक बीमारी से जोड़ने का कोई पुष्ट आधार सामने नहीं आया है।

दंतिया गांव में शोक का माहौल

दंतिया गांव में एक महिला और उसके दो मासूम बच्चों की मौत से शोक का माहौल है।

पांच वर्षीय मुकुल और चार वर्षीय नंदिनी की मौत ने परिवार को गहरा आघात पहुंचाया है।

पुलिस की जांच जारी है और घटना के वास्तविक कारणों को समझने के लिए परिजनों के बयान तथा अन्य साक्ष्यों का परीक्षण किया जा रहा है।

अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस जांच से जुड़े निष्कर्ष महत्वपूर्ण होंगे। इनके आधार पर ही पूरे घटनाक्रम की स्पष्ट तस्वीर सामने आ सकेगी।

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