राजस्थान

Rajasthani परंपरा की झलक के साथ तीज सवारी का भव्य आयोजन, उप मुख्यमंत्री रहीं उपस्थित

Tara Tandi
28 July 2025 2:13 PM IST
Rajasthani परंपरा की झलक के साथ तीज सवारी का भव्य आयोजन, उप मुख्यमंत्री रहीं उपस्थित
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Jaipur जयपुर । महिलाओं के रंग बिरंगे तीज त्यौहार के अवसर पर पर्यटन विभाग की ओर से जयपुर में 27 एवं 28 जुलाई को आयोजित दो दिवसीय तीज महोत्सव-2025 के अवसर पर पहले दिन रविवार को पारम्परिक तीज माता की सवारी निकाली गई। इस पारम्परिक तीज महोत्सव में तीज माता की भव्य शोभा यात्रा में बड़ी संख्या में महिलाएं, आम नागरिक, देशी-विदेशी पर्यटक शामिल हुए।
तीज महोत्सव के अवसर पर तीज माता की आरती के लिए छोटी चौपड़ पर बड़े मंच पर राज्यपाल श्री हरिभाऊ बागडे, विधानसभा अध्यक्ष श्री वासुदेव देवनानी, उप मुख्यमंत्री और पर्यटन, कला एवं संस्कृति मंत्री दिया कुमारी, उत्तराखंड के पर्यटन मंत्री श्री सतपाल जी महाराज, विधायकगण श्री बालमुकुंद आचार्य और श्री गोपाल शर्मा, प्रमुख शासन सचिव, पर्यटन, कला एवं संस्कृति श्री राजेश यादव एवं पर्यटन आयुक्त श्रीमती रुक्मणि रियाड़, जयपुर नगर निगम, हेरिटेज, महापौर श्रीमती कुसुम यादव, जयपुर नगर निगम ग्रेटर महापौर श्रीमती सौम्या गुर्जर, देशी विदेशी पर्यटक, पत्रकार गण एवं सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर उपस्थित रहे। इनमें बड़ी संख्या महिलाओं की रही।
छोटी चौपड़ पर बड़े मंच पर तीज माता की सवारी की पहली बार भव्य महाआरती की गई। दिया कुमारी ने यहां महाआरती की।
तीज माता की भव्य शोभायात्रा ने सभी को किया आकर्षित—
तीज माता की भव्य और शाही शोभायात्रा जनानी ड्यौड़ी, सिटी पैलेस, त्रिपोलिया गेट से शुरू होकर छोटी चौपड़, चौगान स्टेडियम होते हुए तालटोरा पौंड्रिक पार्क तक पहुंची।
छोटी चौपड़ पर तीज माता की शानदार शोभायात्रा में राजस्थानी झांकियाँ, घोड़े-बग्घियाँ, सजे धजे हाथी, ऊंट, बैल, बैण्ड, शहनाई-नगाड़े से सुसज्जित शाही लवाजमा के साथ नारी शक्ति और लोक सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ दी गई।
लोक कलाओं में निपुण लगभग 200 कलाकारों ने राजस्थान की रंगबिरंगी संस्कृति को किया साकार—
तीज माता की शोभायात्रा की शुरुआत में श्री बनवारीलाल जाट की कच्छी घोड़ी की झांकी दिखाई दी। इसके पश्चात शेखावाटी क्षेत्र के गैर नृत्य की झांकी ने दर्शकों को अपनी ओर आकर्षित किया। बहुरुपिया कलाकार ने श्री नारद, श्री कृष्ण, श्री शंकर भोले जैसे अपने बहुरूपों से मोहित किया। अंतराष्ट्रीय स्तर पर प्रसिद्ध श्री पूरणनाथ सपेरा ने अपनी मधुर स्वर लहरी से एवं कालबेलिया नृयंगानाओं ने अपनी मोहक नृत्य कला से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। चरी नृत्य, हेला ख्याल की शानदार प्रस्तुतियों की झाकियों के बाद जयपुर के अंतराष्ट्रीय कठपुतली कलाकार श्री राजू भाट ने अपनी अंगुलियों की धुन पर कठपुतलियों का नर्तन करवाया।
नागौर जिले के तेजपाल नागौरी के दल ने कच्छी घोड़ी और बांक्या वादन से समा बांध दिया। ध्वज वाहकों की हाथियों की शाही सवारी, ताल से ताल मिला गीत को बैंड वादकों को दल ने मधुर स्वरलहरियों से सभी मन्त्रमुग्ध कर दिया। लाल कपड़े से सजे हुए बैल, बैल गाड़ी चालक भी लाल कपड़ों में उसके पीछे ऊंटों की कतार, जिन पर पारम्परिक राजस्थानी वेशभूषा पहने हुए और तलवार के साथ मूछों को भी तान कर चल रहे थे, जो राजस्थान की रणबांकुरी संस्कृति को शान से पेश करती है। मोर डांस और बड़ा नंगारा नाद करता सुनाई दिया। शाही घोड़ों की सवारी और फिर शाही बग्गियां और इसके बाद सजे धजे हाथियों की लंबी कतार दिखाई दी और फिर वो क्षण आया, जब तीज माता की भव्य सवारी त्रिपोलिया गेट से अवतरित होती दिखाई। सबसे पहले लाल बग्घी, बैंड टोली और तीज माता की सवारी आई। त्रिपोलिया के दोनों ओर खचखच दर्शकों ने तीज माता के जयकारे लगाये।
भव्य रूप से आयोजित तीज उत्सव और तीज माता की अद्भुत शोभायात्रा में राजस्थान की लोक कलाओं में निपुण लगभग 200 कलाकारों ने राजस्थान की रंगबिरंगी संस्कृति को साकार साकार कर दिया। लोक-कलाकार ने अपनी कलाओं के प्रदर्शन से जयपुर वासियों सहित यहां आने वाले देशी विदेशी पर्यटकोंं को राजस्थान की शानदार कला संस्कृति से परिचित करवाया।
महिलाओं की झाँकी—
तीज माता की सवारी के दौरान महिलाओं की झाँखी सभी के लिए प्रमुख आकर्षित करने वाली रही। रंग बिरंगी लहरिया साडिया पहनकर माथे पर कलश रखकर नाचती गाती महिलाओं की झांकी ने राजस्थान की अद्भुत संस्कृति को साकार कर दिया।
महिला पुरोहितों ने किया पूजन—
तीज माता की सवारी के दौरान तीज माता का पूजन महिला पुरोहितों के द्वारा किया गया। लोक उमंगो से ओतप्रोत इस अनोखे रंगीले तीज उत्सव का विभिन्न मीडिया चैनलों से सजीव प्रसारण करने साथ ही राजस्थान पर्यटन विभाग की ओर से डीओआईटी की मदद पूरे राज्य में लगभग 200 स्क्रीन पर दिखाया गया।
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