राजस्थान

चना प्रक्षेत्र दिवस हुआ संपन्न

Tara Tandi
4 March 2024 6:55 PM IST
चना प्रक्षेत्र दिवस हुआ संपन्न
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बून्दी। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन दलहन योजना के तहत कृषि विज्ञान केन्द्र के तत्वाधान में गांव ऊँचियों का झोपड़ा तहसील हिण्डोली में चने की फसल की किस्म जी.एन.जी. 2144 पर कलस्टर प्रथम पंक्ति प्रदर्शन लगाए गए। प्रदर्शनों में चने की किस्म जी.एन.जी. 2144 को एकीकृत फसल प्रबन्धन विधि के द्वारा कृषकों के खेत पर होने वाली पैदावार के परिणामों एवं किसानों के स्वयं के अनुभवों को गांव के अन्य कृषकों को जानकारी देने के लिए चना प्रक्षेत्र दिवस का आयोजन गांव ऊँचियों का झोपड़ा में किया गया। जिसमें गांव के 35 कृषक व कृषक महिलाओं भाग लिया।
केन्द्र की उद्यान वैज्ञानिक एवं नोडल अधिकारी (प्रदर्शन) इंदिरा यादव ने बताया कि उत्पादित चने को आगामी बुवाई के लिए बीज के रूप में रखकर काम में लिया जा सकता है। जी.एन.जी. 2144 किस्म की विशेषताओं के बारे में बताते हुए कहा कि यह चने की देशी किस्म है। जिसमें दोहरे फूल एवं फलियाँ आती है और इसकी बुवाई दिसम्बर के पहले सप्ताह तक की जा सकती है। इसका दाना पीलापन लिये हुये भूरा एवं 100 दानों का वजन लगभग 16 ग्राम होता है। यह किस्म 125-130 दिन में पककर तैयार हो जाती है और इसकी उपज 25 क्विंटल प्रति हेक्टेयर तक होती है। इसमें प्रोटीन की मात्रा 21 प्रतिशत होती है और यह उखटा, जड़ गलन एवं एस्कोकाईटा झुलसा रोग के प्रति सहनशील है।
कृषि पर्यवेक्षक अरविन्द मीणा ने विभागीय योजनाओं की जानकारी दी। किसानों ने प्रदर्शन खेत में चने की इस किस्म का अवलोकन कर इससे अच्छी पैदावार होने की संभावना व्यक्त की।
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