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कोटा kota: हाल ही में राज्य में लगातार हो रहे बस हादसों पर चिंता जताते हुए राजस्थान के उपमुख्यमंत्री प्रेमचंद बैरवा ने बुधवार को कहा कि सरकार ने सड़क सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। उन्होंने कहा कि परिवहन विभाग लगातार निगरानी में जुटा है ताकि यात्रियों को सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित की जा सके, लेकिन कुछ निजी बस संचालक नियमों की अनदेखी करते हुए फिटनेस मंजूरी के बाद भी अपने वाहनों में संशोधन कर लेते हैं। उपमुख्यमंत्री बैरवा ने बताया कि ऐसे लापरवाह संचालकों के खिलाफ अब राज्यव्यापी सख्त अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा, “सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि सड़क पर केवल वे ही बसें चलें जो परिवहन विभाग के सभी सुरक्षा मानकों पर खरी उतरती हों। जो बसें फिटनेस सर्टिफिकेट लेने के बाद भी अपनी बनावट में बदलाव कर यात्रियों की जान जोखिम में डालती हैं, उन पर अब कोई नरमी नहीं बरती जाएगी।”
बैरवा ने आगे बताया कि पिछले कुछ दिनों में कई बसों को गंभीर नियम उल्लंघनों के कारण जब्त किया गया है। इनमें कुछ वाहनों में अवैध रूप से गैस सिलेंडर लगाए गए थे, जो यात्रियों की सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा साबित हो सकते थे। उन्होंने कहा कि जांच में यह भी पाया गया है कि कुछ बसें यात्रियों की संख्या से अधिक सीटें लगाकर अधिक कमाई के उद्देश्य से सड़क पर उतारी जा रही थीं। राज्य सरकार ने सभी जिला परिवहन अधिकारियों (RTOs) को निर्देश दिए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में लगातार सघन जांच अभियान चलाएं। जिन बसों में तकनीकी या संरचनात्मक गड़बड़ियां पाई जाती हैं, उन्हें तुरंत सेवा से हटाया जाए। इसके अलावा, फिटनेस प्रमाणपत्र जारी करने की प्रक्रिया में भी कड़े मानदंड अपनाए जा रहे हैं ताकि कोई वाहन बिना सुरक्षा जांच के सड़कों पर न उतरे।
डिप्टी सीएम ने कहा कि सड़क हादसों की रोकथाम के लिए न केवल बस संचालकों की जवाबदेही तय की जाएगी, बल्कि अधिकारियों की भी जिम्मेदारी सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने कहा कि जल्द ही सड़क सुरक्षा नीति 2025 के तहत एक नई प्रणाली लागू की जाएगी, जिसमें जीपीएस-आधारित ट्रैकिंग, कैमरा मॉनिटरिंग और यात्रियों के लिए शिकायत पोर्टल जैसी सुविधाएं जोड़ी जाएंगी। कोटा सहित बूंदी, झालावाड़ और बारां जिलों में हाल के दिनों में कई दर्दनाक सड़क दुर्घटनाओं ने सरकार की चिंता बढ़ा दी है। बैरवा ने कहा, “इन घटनाओं से सबक लेते हुए अब सरकार सख्त रुख अपनाएगी। लोगों की जान से खेलने वाले बस ऑपरेटरों को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा।”
परिवहन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, अब तक 100 से अधिक निजी बसों की जांच की जा चुकी है, जिनमें से कई को फिटनेस नियमों के उल्लंघन पर जब्त किया गया है।राज्य सरकार की इस कार्रवाई को सड़क सुरक्षा विशेषज्ञों ने एक जरूरी और स्वागतयोग्य कदम बताया है, जो आने वाले समय में राजस्थान की सड़कों को और सुरक्षित बनाएगा।
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