राजस्थान

गेहलोत: कन्हैया के हत्यारों को क्यों नहीं हुई अब तक सजा?

Shreya
29 Jun 2023 5:53 AM GMT
गेहलोत: कन्हैया के हत्यारों को क्यों नहीं हुई अब तक सजा?
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जयपुर: राजस्थान के बहुचर्चित और जघन्य कन्हैयालाल हत्याकांड को एक साल पूरा हो चुका है। लेकिन, अब भी तक दोषियों को सजा नहीं मिली है। इसको लेकर अब मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने अब केंद्र सरकार से उदयपुर के कन्हैयालाल के हत्यारों को जल्द सजा दिलाने की मांग की है। सीएम गहलोत ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर कन्हैयालाल के दोषियों को सजा दिलाने की अपील की है। मालूम हो कि अमित शाह 30 जून को उदयपुर दौरे पर हैं. बता दें कि आतंकी गौस मोहम्मद और रियाज अतारी ने 28 जून 2023 को उदयपुर में कन्हैयालाल हत्याकांड की गला काटकर हत्या कर दी थी।

सीएम गहलोत ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से उदयपुर के कन्हैयालाल के हत्यारों को जल्द सजा दिलाने की अपील करते हुए कहा कि यह एक ‘ओपन एंड शट’ प्रकृति का केस है, जिसमें घटनाक्रम के स्पष्ट सबूत मौजूद हैं। ऐसे केस में भी एक साल तक दोषियों को सजा नहीं मिलना दुखद है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस जघन्य घटना के बाद पुलिस ने 4 घंटे में अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया था। उसी रात केन्द्र की एनआईए ने केस अपने हाथ ले लिया। राजस्थान पुलिस ने अपराधियों से प्रारंभिक पूछताछ भी कर ली थी। राज्य सरकार की एजेंसियों ने एनआईए को पूर्ण सहयोग किया है। हत्यारों को जल्द सजा दिलवाने के लिए शाह को एनआईए को निर्देशित करना चाहिए।

सहयोग के बाद भी NIA ने सजा दिलाने में की देरी

सीएम गहलोत ने लिखा कि राज्य सरकार ने कई दुष्कर्म और हत्या के मामलों में फास्ट ट्रायल कर आरोपियों को एक महीने में कोर्ट से फांसी की सजा दिलवाई है। परंतु कन्हैयालाल हत्याकांड मामले अभी तक हत्यारों को सजा नहीं हुई है। इस जघन्य हत्याकांड के बाद राजस्थान पुलिस ने दोनों आरोपियों को चार घंटे में गिरफ्तार कर लिया और राजस्थान में कानून व्यवस्था को सामान्य बनाए रखा। लेकिन, उसी रात एनआईए ने केस को अपने हाथ में ले लिया। प्रदेश की एजेंसियों ने भी एनआईए का सहयोग किया। इसके बावजूद अभी तक इन आरोपियों को अब तक सजा नहीं मिली है।

प्रदेश सरकार ने कन्हैया के दोनों बेटों को दी नौकरी

सीएम गहलोत ने गृहमंत्री अमित शाह से अपील करते हुए कहा कि वो एनआईए को जल्द से जल्द सजा दिलवाने के लिए निर्देशित करें। ताकि ऐसे मामलों में कानून के दायरे में जल्द से जल्द सख्त सजा मिले और जनता में न्याय के प्रति विश्वास बढ़े। प्रदेश सरकार ने कई बार पीड़ित परिवार से मिलकर संवेदना प्रकट की है। कन्हैयालाल के दोनों बेटों को राज्य सरकार ने सरकारी नौकरी दी है। साथ ही पीड़ित परिवार को एक मुश्त 50 लाख रुपए की आर्थिक सहायता भी प्रदेश सरकार की ओर से दी जा चुकी है।

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