राजस्थान

इस बड़े दांव से गेहलोत vs पायलट मामले का हुआ अंत

Shreya
4 Aug 2023 4:26 PM IST
इस बड़े दांव से गेहलोत vs पायलट मामले का हुआ अंत
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राजस्थान: राजस्थान में कांग्रेस (Congress) ने अपने घर के झगड़े को समेटना शुरू कर दिया है. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (Ashok gehlot) और पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट (Sachin Pilot) के झगड़े के बाद पहली बार दिल्ली से किसी कमेटी में सचिन पायलट का नाम डाला गया है. कल रात घोषित हुई स्क्रीनिंग कमेटी में एक्स ऑफिशियो मेंबर के रूप में सचिन पायलट को मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के साथ सदस्य बनाया गया है. एक्स ऑफिसियो मेंबर का मतलब है कि वो व्यक्ति जो किसी पद पर है, उसकी हैसियत से दूसरे पद के काबिल हो जाते हैं. लेकिन तथ्य यह है कि पायलट किसी भी पद पर नहीं है. बल्कि वह टोंक के विधायक हैं. मगर फिर भी स्क्रीनिंग कमेटी मे एक्स ऑफिसियो मेंबर बनाया गया है. इसका मतलब है कि पायलट को कांग्रेस आलाकमान ने जानबूझकर एडजस्ट किया है. ताकि गहलोत-पायलट कैंप को एक साथ लाया जाए.

हालांकि कुछ लोग क़यास लगा रहे हैं कि पायलट को एआईसीसी में कोई पद दिया जा सकता है. इन सबके बीच जिन पायलट समर्थकों को टिकट कटने का डर सता रहा था, वह अब राहत की सांस ले रहे हैं. उन्हें लग रहा है कि पायलेट अगर स्क्रीनिंग कमेटी में बैठेंगे तो कम से कम का टिकट बच सकता है. जिस तरह से कांग्रेस इलेक्शन ऑब्जर्वर मधुसूदन मिस्त्री और स्क्रीनिंग कमेटी के अध्यक्ष गौरव गोगोई को बनाया गया है. उसे देखकर कहा जा सकता है कि गहलोत और पायलट गुट का झगड़ा खत्म करने के लिए न्यूट्रल कैंप के व्यक्ति को राजस्थान में लगाया जा रहा है. इन दोनों नेताओं को राहुल गांधी का करीबी माना जाता है.

हर विधानसभा से होगा 3 नामों का पैनल

वहीं, स्क्रीनिंग कमेटी के सदस्य के गणेश घोडियाल उत्तराखंड कांग्रेस के अध्यक्ष रह चुके हैं और दिल्ली के अभिषेक दत्त कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव है. इसके अलावा राजस्थान कांग्रेस के अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा, प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा और विधानसभा अध्यक्ष सीपी जोशी भी स्क्रिनिंग कमेटी के मेंबर होंगे. कांग्रेस के प्रभारी सचिव भी इसके सदस्य बनाए गए है. कमेटी का काम हर विधानसभा में तीन नामों का पैनल बनाना है.

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