राजस्थान

गहलोत सरकार चली सॉफ्ट हिंदुत्व की राह! रामनवमी और हनुमान जयंती पर करवाएगी रामायण-सुंदरकांड पाठ का सरकारी आयोजन

Renuka Sahu
8 April 2022 5:02 AM GMT
गहलोत सरकार चली सॉफ्ट हिंदुत्व की राह! रामनवमी और हनुमान जयंती पर करवाएगी रामायण-सुंदरकांड पाठ का सरकारी आयोजन
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फाइल फोटो 

राजस्थान में पहली बार गहलोत सरकार देवस्थान विभाग के अधीन प्रत्यक्ष प्रभार के मंदिरों में धार्मिक आयोजन करवाने जा रही है.

जनता से रिश्ता वेबडेस्क। राजस्थान में पहली बार गहलोत सरकार (gehlot government) देवस्थान विभाग के अधीन प्रत्यक्ष प्रभार के मंदिरों में धार्मिक आयोजन करवाने जा रही है. देवस्थान विभाग (devasthan department) के एक आदेश के मुताबिक सरकार रामनवमी पर रामायण (ramayana) पाठ और हनुमान जयंती (hanuman jayanti) पर सुंदरकांड के पाठ (sunderkand) का आयोजन करवाएगी. सरकार के इस आयोजन के संबंध में देवस्थान विभाग के शासन सचिव ने आदेश भी निकाल दिए हैं. बता दें कि देवस्थान विभाग के आयुक्त करण सिंह ने सभी जिलों के सहायक आयुक्तों से जिलों में प्रत्यक्ष प्रभार वाले दो-दो मंदिरों की सूची मंगाई है जहां पक रामायण पाठ और सुंदरकांड पाठ का आयोजन करवाना है. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक विभाग की ओर से इन मंदिरों में 10 अप्रैल को रामायण पाठ और 16 अप्रैल को हनुमान जयंती पर सुंदरकांड पाठ के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं करने के लिए कहा गया है.

राजधानी की बात करें तो जयपुर (jaipur) में प्रत्यक्ष प्रभार का एक ही राम मंदिर होने के चलते यहां रामगढ़ मोड़ पर स्थित श्री रघुनाथ जी मंदिर, राधानिवास में रामायण पाठ का आयोजन किया जाएगा. सरकार की ओर से यह पाठ 9 अप्रैल को शुरू होंगे और 10 अप्रैल को पूर्णाहुति दी जाएगी.
गहलोत सरकार करवाएगी रामायण पाठ
गहलोत सरकार के देवस्थान विभाग ने चिह्नित किए गए मंदिरों में पाठ करवाने के लिए 8 पुजारियों को भी नियुक्त किया है जो अपने-अपने मंदिरों की सेवापूजा का काम करने के साथ ही तीन-तीन घंटे का रामायण पाठ भी करेंगे. आदेश के मुताबिक यह पुजारी रात में मंदिर में ही रहेंगे. रिपोर्ट के अनुसार रामनवमी के दिन रामायण पाठ की पूजा के लिए विशेष रूप से जिम्मेदारी पुजारी उमाशंकर मिश्रा और मातृप्रसाद पुजारी को दी गई है जो रामायण पाठ संपन्न करवाएंगे.
अजमेर में लगाई गई धारा 144
वहीं इधर राजस्थान सरकार ने करौली में हुई हिंसा के बाद अन्य जिलों के लिए कड़े फैसले लेना शुरू कर दिया है. गुरूवार को अजमेर जिला कलेक्टर की ओर से जारी आदेश के मुताबिक अब जिले के शहरी, ग्रामीण इलाकों में धारा 144 लागू कर दी गई है. प्रशासन का कहना है कि सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने की ख़ुफ़िया रिपोर्ट मिलने के बाद यह फैसला लिया गया है.
अजमेर जिला कलेक्टर के मुताबिक जिले में धार्मिक आयोजन के दौरान डीजे नहीं बजाया जा सकेगा और सार्वजनिक स्थानों, धार्मिक स्थानों, आमजन को प्रभावित करने वाले क्षेत्रों में धार्मिक चिन्हयुक्त झंडिया भी लगाने पर प्रतिबंध लगाया गया है.
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