राजस्थान

सोशल मीडिया पर फर्जी एस्कॉर्ट और मसाज सर्विस का गिरोह पकड़ा, 3 गिरफ्तार

SHIDDHANT
21 Aug 2025 9:26 PM IST
सोशल मीडिया पर फर्जी एस्कॉर्ट और मसाज सर्विस का गिरोह पकड़ा, 3 गिरफ्तार
x

SIKAR सीकर, राजस्थान: राजस्थान के सीकर जिले में साइबर पुलिस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर सक्रिय एक ऐसे गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो फर्जी एस्कॉर्ट और मसाज सर्विस के नाम पर लोगों को ठग रहा था। पुलिस ने इस कार्रवाई में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है और उनके कब्जे से छह मोबाइल फोन और कई फर्जी एटीएम कार्ड बरामद किए गए हैं। ठगी का तरीका पुलिस जांच में पता चला कि आरोपी फेसबुक और इंस्टाग्राम जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर फर्जी प्रोफाइल और पेज बनाते थे। इन पेजों पर आकर्षक विज्ञापन डालकर लोगों को एस्कॉर्ट और मसाज सर्विस का लालच दिया जाता था। जो व्यक्ति इनसे संपर्क करता, उनसे एडवांस पेमेंट की मांग की जाती थी। आरोपी विभिन्न बहानों का सहारा लेते थे। इनमें रजिस्ट्रेशन फीस, सर्विस चार्ज, सिक्योरिटी डिपॉजिट आदि शामिल थे। इन बहानों के तहत लगातार पैसे ऐंठे जाते थे। कई पीड़ित हजारों रुपये देने के बाद इस ठगी का शिकार होने का एहसास करते थे।

साइबर पुलिस की कार्रवाई साइबर पुलिस ने आरोपियों की गतिविधियों पर लंबे समय से नजर रखी थी। डिजिटल साक्ष्य और सोशल मीडिया पोस्ट की पड़ताल के बाद पुलिस ने आरोपियों की लोकेशन का पता लगाया। छापेमारी के दौरान तीनों आरोपियों को उनके ठिकानों से गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से छह मोबाइल फोन, फर्जी एटीएम कार्ड और अन्य डिजिटल उपकरण भी जब्त किए। पुलिस अधिकारी ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है। इससे यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि उन्होंने कितने लोगों को ठगा और ठगी की कुल राशि कितनी हुई। अधिकारी ने चेतावनी दी कि ऐसे फर्जी पेज और विज्ञापनों से सतर्क रहना जरूरी है और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत साइबर पुलिस को दें।

सोशल मीडिया और डिजिटल ठगी विशेषज्ञों का कहना है कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर बढ़ती ठगी लोगों के लिए खतरा बनती जा रही है। फर्जी प्रोफाइल और आकर्षक विज्ञापन लोगों को आसानी से फंसाते हैं। साइबर अपराधियों के पास तकनीकी दक्षता होती है, जिससे वे डिजिटल लेनदेन और ऑनलाइन भुगतान के माध्यम से ठगी को अंजाम देते हैं। इस मामले में साइबर पुलिस ने कहा कि यह ठगी का गिरोह केवल राजस्थान ही नहीं, बल्कि अन्य राज्यों में भी सक्रिय हो सकता था। इसलिए सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं को सतर्क रहने और किसी भी असामान्य लेनदेन में शामिल न होने की सलाह दी गई है। सावधानी और जागरूकता पुलिस ने लोगों को सलाह दी है कि किसी भी सेवा के लिए एडवांस पेमेंट देने से पहले उसकी वैधता जांचें। सोशल मीडिया पर आकर्षक विज्ञापन और ऑफर्स पर तुरंत विश्वास न करें। किसी भी संदेहास्पद गतिविधि की सूचना स्थानीय साइबर पुलिस या संबंधित प्लेटफॉर्म को दें। सीकर पुलिस ने आश्वासन दिया है कि गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई तेज़ी से की जाएगी और गिरोह के अन्य सहयोगियों की पहचान के लिए भी जांच जारी है।

Next Story