
RJ राजस्थान : उदयपुर जिले के डबोक थाना क्षेत्र से रविवार को एक दर्दनाक हादसे की खबर सामने आई है। मंदेरिया गांव स्थित उदयपुर सीमेंट फैक्ट्री की माइंस में चार मासूम बच्चों की डूबने से मौत हो गई। मृतकों में तीन लड़के और एक लड़की शामिल हैं। इस घटना ने पूरे क्षेत्र में मातम और ग्रामीणों में भारी आक्रोश फैला दिया। सूचना के बाद मौके पर स्थानीय पुलिस की टीम पहुंची और राहत कार्य शुरू किया। जानकारी के अनुसार, मंदेरिया गांव के चार बच्चे बकरियां चराने निकले थे। खेल-खेल में वे पास स्थित सीमेंट फैक्ट्री की माइंस के गड्ढे तक पहुंच गए। गड्ढे में पानी भरा होने के कारण बच्चे गहराई में डूब गए और बाहर नहीं निकल पाए। ग्रामीणों ने शोर सुनकर मौके पर पहुंचकर मशक्कत के बाद चारों बच्चों के शवों को बाहर निकाला। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि सूचना देने के एक घंटे बाद भी माइंस का कोई जिम्मेदार मौके पर नहीं पहुंचा। इस लापरवाही से ग्रामीणों में गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने मौके पर हंगामा किया। स्थानीय लोगों का कहना है कि माइंस में पानी भर जाने के बाद कोई सुरक्षा इंतजाम नहीं किए जाते।
मृतकों में लक्ष्मी गमेती (14), भावेश (14), राहुल (12) और शंकर (13) शामिल हैं। बच्चों के परिवार ने एक सदस्य को नौकरी देने और 10 लाख रुपये से अधिक मुआवजा देने की मांग की है। पुलिस प्रशासन और माइंस के प्रतिनिधि ग्रामीणों को समझाने में जुटे हुए हैं। ग्रामीणों ने माइंस के प्रति लगातार लापरवाही और सुरक्षा के अभाव पर नाराजगी जताई। उनका कहना है कि माइंस की खुदाई के बाद सुरक्षा के कोई ठोस इंतजाम नहीं किए जाते, जिससे यह तरह की दुर्घटनाएं होती हैं। बच्चों की मौत से पूरे गांव में मातम छा गया है और लोग दोषियों को सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। पुलिस और प्रशासन ने कहा है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू कर दी गई है। साथ ही, दुर्घटना स्थल पर सुरक्षा उपायों की समीक्षा की जा रही है ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि अगर उनकी मांगों को नहीं माना गया, तो वे और सख्त कदम उठाएंगे। इस घटना ने न केवल बच्चों के परिवार को शोकग्रस्त किया है, बल्कि पूरे क्षेत्र में सार्वजनिक सुरक्षा और माइंस में सुरक्षा इंतजामों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय प्रशासन को अब यह सुनिश्चित करना होगा कि ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।





