राजस्थान

प्रतापगढ़ के कर्मचारियों व पेंशनभोगियों को प्रदेश के बाहर के बड़े अस्पतालों में नहीं मिलेगा कैशलेस इलाज

Bhumika Sahu
14 July 2022 9:01 AM GMT
प्रतापगढ़ के कर्मचारियों व पेंशनभोगियों को प्रदेश के बाहर के बड़े अस्पतालों में नहीं मिलेगा कैशलेस इलाज
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कर्मचारियों व पेंशनभोगियों

जनता से रिश्ता वेबडेस्क। प्रतापगढ़, प्रतापगढ़ राजस्थान सरकार स्वास्थ्य योजना (RGHS) में प्रदेश के बाहर इलाज कराने पर कर्मचारियों को कैशलेस सुविधा नहीं मिलेगी। कर्मचारियों को रोगोपचार के लिए हर माह 850 रुपए जमा करने के बाद भी एक बारगी अपनी जेब से ही एक मुश्त रुपए खर्च करने होंगे। इससे पोर्टल पर चिकित्सकीय दावा ऑनलाइन करने के बाद तय प्रक्रिया के बाद ही पुनर्भरण होगा। दरअसल, प्रदेश के बाहर स्थित रैफरल अस्पतालों ने 11 माह बाद भी योजना के तहत कैशलेस की स्वीकृति नहीं दी है। राजस्थान सरकार ने 16 जुलाई 2021 को योजना के तहत 14 रैफरल अस्पतालों की सूची तैयार की थी। इसमें देश के प्रमुख अस्पताल शामिल किए हैं। जिसमें लीवर, बोनमेरो, ज्वाइंट ट्रांसप्लांट, कैंसर, कार्डियोलॉजी सहित विभिन्न गंभीर रोगों के उपचार के लिए विशेषज्ञ व तकनीकी सुविधाएं उपलब्ध हैं। इन अस्पतालों में उपचार करने में अधिक खर्च होता है। इसमें आरजीएचएस पोर्टल के माध्यम से रैफर किए जाने पर कैशलेस चिकित्सकीय सुविधा अाैर बिना रैफर किए जाने पर आरजीएचएस दरों पर नियमानुसार पुनर्भरण तय किया गया था। सूची अनुसार तय रैफरल अस्पतालों में से एक ने भी कैशलेस सुविधा की सहमति नहीं दी है, जिससे राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी योजना को झटका लगा है।

इनमें सिर्फ पुनर्भरण : {ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट आॅफ मेडिकल साइंस, नई दिल्ली { बॉम्बे हॉस्पिटल, मुंबई क्रिसचन मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल, वैलूर { फोट‌र्स हॉस्पिटल, नई दिल्ली { गुजरात कैंसर एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट एमजी शाह कैंसर हॉस्पिटल अहमदाबाद { पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट, चंड़ीगढ़ { राजीव गांधी कैंसर इंस्टीट्यूट एंड रिसर्च सेंटर, दिल्ली { टाटा मेमोरियल होस्पिटल मुंबई { द गुजरात रिसोर्स एंड मेडिकल इंस्टीट्यूट राजस्थान हॉस्पिटल अहमदाबाद { इंस्टीटीयूट आॅफ लीवर बीलेरी साइंस न्यू दिल्ली { मेदांता द मेडिसिटी गुड़गांव { सेल्बी हॉस्पिटल अहमदाबाद { इंद्रप्रस्थ अपोलो हॉस्पिटल नई दिल्ली { ग्लोबल हॉस्पिटल चेन्नई, अहमदाबाद। दिल और हड्डियों से संबंधित उपचार बाहर करवा रहे :जिले के कर्मचारियों को ऐसे में आरजीएचएस योजना के सम्पूर्ण लाभ को लेकर दिक्कत बनी हुई है। पेंशनर सुरेश शर्मा, विनीत सिंह आदि बताते हैं कि जिले में करीब 10 हजार कार्मिक एवं पेंशनर्स को स्थानीय स्तर पर योजना के तहत निजी अस्पताल शामिल नहीं होने से लाभ नहीं मिल रहा है। इसके चलते यहां से लोगों को अहमदाबाद उपचार के लिए जाना पड़ता है। इनमें कई लोग दिल और हड्डियों से संबंधित बीमारियों से परेशान हैं। अब वहां भी उन्हें योजना के तहत कैशलेस सुविधा नहीं मिलेगी। उन्हें रैफरल अस्पताल में उपचार कराने पर राज्य कर्मचारियों की भांति तय सीमा तक चिकित्सा सुविधा एवं पुनर्भरण देय होगा। कैशलेस के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। उच्च स्तर पर इसके लिए अस्पतालों से बात की जा रही है। कैशलेस होने तक परेशानी न हो इसलिए वित्त विभाग से पुनर्भरण के आदेश किए हैं।


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