राजस्थान

Dungarpur: बेणेश्वर पुल पर जलभराव, आवागमन पर रोक लगाई गई

Tara Tandi
29 July 2025 4:45 PM IST
Dungarpur: बेणेश्वर पुल पर जलभराव, आवागमन पर रोक लगाई गई
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Dungarpur डूंगरपुर । जिला प्रशासन डूंगरपुर द्वारा ऐहतियात बरतते हुए बेणेश्वर पुल पर आवागमन को रोक दिया है। जिला कलक्टर अंकित कुमार सिंह ने बताया कि बेणेश्वर पुल पर पानी बहने तथा मौसम विभाग द्वारा भारी बारिश की चेतावनी के मददेनजर आमजन की सुरक्षा को दृष्टिगत रखते हुए बेणेश्वर पुल के तीनों मार्ग बांसवाड़ा की तरफ से आने वाले मार्ग, साबला की तरफ से आने वाले मार्ग, वलाई की तरफ से आने वाले मार्ग पर अवरोधक लगाते हुए आवागमन को रोक दिया गया है।
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अधीक्षण अभियंता ने कुएं के पानी के गुणवत्ता की जांच
फोटो संलग्न- 04 से 06 तक
डूंगरपुर, 29 जुलाई। ऊपरी गांव में पानी के गुणवत्ता की शिकायत पर अधीक्षण अभियंता पीएचइडी ने ओबरी गांव में स्थित खुले कुएं के पानी की मौके पर जाकर गुणवत्ता की जांच की और पानी में किसी भी प्रकार का अवशिष्ट नहीं पाया गया।
उन्होंने बताया कि ओबरी गांव की यादव बस्ती में खुला कुआं स्थित है जिसमें से हरिजन बस्ती एवं यादव बस्ती में पानी सप्लाई होती है। इस कुएं के पानी के मौके पर जाकर गुणवत्ता की जांच की गई। खुले कुएँ के पानी की जाँच में गुणवत्ता अच्छी पाई गई तथा गंदगी नहीं पाई गई है। साथ ही अवशिष्ट क्लोरीन की जाँच भी की गई और सब ठीक पाया गया।
जांच के दौरान पीएचईडी विभाग के अधिशासी अभियंता एवं अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
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जर्जर और नकारा भवन को गिराए जाने की प्रक्रिया जारी
फोटो संलग्न-07
डूंगरपुर, 29 जुलाई। जिला कलक्टर अंकित कुमार सिंह के निर्देशन में जिले में जर्जर एवं नकारा भवन, क्षतिग्रस्त एवं मरम्मत योग्य भवन के लिए चलाए जा रहें सघन निरीक्षण के अंतर्गत पूर्ण रूप से जर्जर भवनों को गिराये जाने की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है।
जिला कलक्टर अंकित कुमार सिंह ने बताया कि सोमवार को महाविद्यालय में स्थित जर्जर भवन को गिराया जा रहा है वही मंगलवार को बिलपन ग्राम पंचायत के उच्च प्राथमिक विद्यालय गुंदी कुआं के नकारा भवन को जमीदोज किया गया।
उन्होंने बताया कि सभी विभागों के द्वारा अधीनस्थ आने वाले भवनों के सघन निरीक्षण एवं जांच की प्रक्रिया लगातार की जा रही है तथा श्रेणीवार भवनों को सूचीबद्ध किया जा रहा है। इनमें से जो भवन कमेटी तथा पीडब्ल्यूडी इंजीनियर द्वारा पूर्ण रूप से नकारा घोषित किए जाएंगे उन्हें नियमानुसार गिराये जाने की प्रक्रिया भी पूर्ण की जाएगी।
उन्होंने बताया इसके साथ ही विद्यालयों, आंगनबाड़ी केंद्रों, मां-बाड़ी के भवन अथवा कक्ष क्षतिग्रस्त होने की स्थिति में किसी भी स्थिति में उसमें बच्चों को नहीं बैठाने, वहां पर कक्षा संचालित नहीं किए जाने तथा अन्यत्र वैकल्पिक व्यवस्था करने, किसी भी राजकीय कार्यालय के भवन अथवा कक्ष के जर्जर, क्षतिग्रस्त होने की स्थिति में वहां नहीं बैठने तथा सुरक्षित वैकल्पिक व्यवस्था के निर्देश भी लगातार दिए जा रहें हैं।
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