राजस्थान

Dungarpur: ऑनलाइन एस्कॉर्ट सर्विस के नाम पर ठगी, डूंगरपुर पुलिस की बड़ी कार्रवाई

Admindelhi1
4 Sept 2026 8:33 AM IST
Dungarpur: ऑनलाइन एस्कॉर्ट सर्विस के नाम पर ठगी, डूंगरपुर पुलिस की बड़ी कार्रवाई
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ठगी के लिए चला रहा था फर्जी एस्कॉर्ट सर्विस, पुलिस ने दबोचा

डूंगरपुर: साइबर अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए राजस्थान पुलिस द्वारा चलाए जा रहे विशेष अभियानों के तहत डूंगरपुर की साइबर थाना पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने 'ऑपरेशन म्युल हंटर' के अंतर्गत फर्जी एस्कॉर्ट सर्विस उपलब्ध कराने का झांसा देकर साइबर ठगी करने वाले एक शातिर आरोपित को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपित अपनी मृत दादी के नाम पर सक्रिय बैंक खाते (म्युल अकाउंट) का उपयोग कर साइबर ठगी की राशि प्राप्त करता था। अब तक के अनुसंधान में लगभग 10 लाख रुपये के फ्रॉड का खुलासा हुआ है।

साइबर क्राइम महानिदेशक के निर्देशानुसार प्रदेशभर में संदिग्ध बैंक खातों के विरुद्ध 'ऑपरेशन म्युल हंटर' चलाया जा रहा है। इसी क्रम में जिला पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में साइबर हंट अभियान के तहत बैंक ऑफ बड़ौदा के एक संदिग्ध खाते की पड़ताल शुरू की गई। राष्ट्रीय साइबर पुलिस पोर्टल और समन्वय पोर्टल पर दर्ज शिकायतों की जांच में सामने आया कि आरोपित जसपुर जापका थाना दोवडा निवासी चेतन पाटीदार लोगों को फर्जी एस्कॉर्ट सर्विस के नाम पर लड़कियां उपलब्ध कराने का झांसा देता था और उनसे अलग-अलग बहानों से मोटी रकम ऐंठ लेता था।

मामले में साइबर थाना पुलिस द्वारा आरोपित के बैंक स्टेटमेंट्स और केवाईसी दस्तावेजों का गहन विश्लेषण किया गया। जांच के दौरान भूरी देवी पत्नी कोदर पाटीदार निवासी जसपुर झापका के बैंक खाते का विवरण सामने आया। पुलिस जांच में चौंकाने वाला तथ्य यह सामने आया कि भूरी देवी आरोपित चेतन पाटीदार की दादी थीं, जिनकी मई 2020 में ही मृत्यु हो चुकी है।

आरोपित ने दादी के जीवित रहते ही उनके बैंक खाते में अपना मोबाइल नंबर लिंक करवा लिया था। दादी की मृत्यु के बाद उसने बैंक को मृत्यु प्रमाण पत्र या सूचना उपलब्ध नहीं कराई और अवैध रूप से खुद खाते का संचालन करता रहा। मई 2020 से 13 जुलाई 2026 तक आरोपित ने इस म्युल खाते में साइबर ठगी की कुल 9 लाख 87 हजार 509 रुपये की राशि प्राप्त की और इस पैसे को अपने व्यक्तिगत शौक व मौज-मस्ती में उड़ा दिया।

साइबर थानाधिकारी मुकेश कुमार के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई। पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपित को दस्तयाब कर विधिवत रूप से गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के दौरान आरोपित ने अपना गुनाह स्वीकार कर लिया है। पुलिस ने आरोपित के कब्जे से घटना में प्रयुक्त दाे एंड्रॉइड मोबाइल फोन भी बरामद किए हैं। फिलहाल पुलिस आरोपित से गहन पूछताछ कर रही है, जिससे इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और अन्य साइबर ठगी के मामलों का खुलासा होने की संभावना है।

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