राजस्थान

Dungarpur: जिला कलेक्टर ने पर्वतारोही राकेश बिश्नोई को एवरेस्ट पर्वतारोहण के लिए दी शुभकामनाएं

Tara Tandi
2 April 2025 6:16 PM IST
Dungarpur: जिला कलेक्टर ने पर्वतारोही राकेश बिश्नोई को एवरेस्ट पर्वतारोहण के लिए दी शुभकामनाएं
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Dungarpur डूंगरपुर । जिला कलेक्टर अंकित कुमार सिंह ने बुधवार को पर्वतारोही राकेश बिश्नोई को एवरेस्ट पर्वतारोहण की सफलता के लिए मुंह मीठा कराते हुए शुभकामनाएं दी। इस अवसर पर समाजसेवी हरीश पाटीदार, नयन सुथार, धर्मेंद्र सिंह, दिलीप जैन, खुशीलाल भावसार भी मौजूद रहे तथा सफल अभियान के लिए शुभकामनाएं दी। इस अवसर पर जिला कलेक्टर ने पर्वतारोही राकेश बिश्नोई से एवरेस्ट पर्वतारोहण अभियान की पूरी जानकारी ली तथा उनकी हौसलाफजाई भी की।
राकेश बिश्रोई एक जूनूनी पर्वतारोही और व्यवसायी हैं जो की मूल रूप से बीकानेर राजस्थान से हैं तथा डूंगरपुर सागवाड़ा में इनका मिनरल मैन्युफैक्चरिंग का उद्योग है। इनका लक्ष्य सातों महाद्वीपों की सातों सबसे ऊँची चोटियों पर तिरंगा लहराकर भारत, आयुर्वेद और योग की शक्ति का परचम लहराना हैं। इस मिशन के लिए, राकेश ने देश के सबसे बेहतरीन पर्वतारोहण संस्थान नेहरू इंस्टिट्यूट ऑफ माउंटेनियरिंग (रक्षा मंत्रालय संस्थान) से । ग्रेड के साथ प्रशिक्षण पूरा किया है। इन्होने यहाँ से बेसिक, एडवांस माउंटेनियरिंग के साथ सर्च एंड रेस्क्यू कोर्स किये हैं। प्रशिक्षण के उपरांत देश-विदेश की 40 से अधिक चोटियों पर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय रिकॉर्ड के साथ तिरंगा फहराया है।
मुख्य उपलब्धियां
यूरोप महाद्वीप की सबसे ऊँची चोटी पर बिना गाइड के चढ़ाई करने वाले पहले भारतीय का रिकॉर्ड (2023) , अफ्रीका महाद्वीप की सबसे ऊँची चोटी पर दुनिया का सबसे लंबा 510 फीट का तिरंगा फहराने का अंतरराष्ट्रीय रिकॉर्ड। अब इनका अगला लक्ष्य दुनिया की सबसे ऊँची चोटी माउंट एवरेस्ट पर तिरंगा फहराना है। साथ ही दुनिया की चौथी सबसे ऊँची चोटी माउंट ल्होत्से पर रिकॉर्ड समय में तिरंगा फहराकर, सबसे तेज दो 8000 मीटर ऊँची चोटियों पर तिरंगा फहराने वाले भारतीय का रिकॉर्ड बनाने की ओर अग्रसर हैं। राकेश बिश्नोई एक पूर्णतः शाकाहारी व्यक्ति हैं और ये इस अभियान को योग और आयुर्वेद को प्रोत्साहित करते हुए, केवल आयुर्वेदिक उत्पाद के साथ पूरा करेंगे। इसके लिए इनके गुरु श्री संजीव जी और उनकी कंपनी । बसमचपने इसमें सहयोग कर रहे हैं।
माउंट एवरेस्ट की तैयारीः
उन्होंने बताया कि इस वर्ष, जनवरी 2025 में, मैंने -40°ब् तापमान में, पहले पर्वतारोही के रूप में लद्दाख में माउंट यूटी कांगड़ी (6070 मीटर) और माउंट अन्जोंग (5780 मीटर) का सफलतापूर्वक आरोहण किया।
पूर्व की उपलब्धियां
माउंट सतोपंथ (7084 मीटर) - जिसे स्वर्गारोहिणी पीक भी कहा जाता है एवं कश्मीर की सबसे ऊँची चोटी माउंट कुन (7077 मीटर), जहाँ इन्होने बिना ऑक्सीजन के सफलतापूर्वक तिरंगा फहराया हैं। 6000 मीटर ऊँचाई की कई चोटियाँ माउंट कांग यात्से 1 और 2, कनामो पीक, स्टोक कांगड़ी, गुलेब कांगड़ी, माउंट भारद्वाज, माउंट मेंटोक कांगड़ी 1 और 2, लॉन्गर कांगड़ी आदि पर तिरंगा फहरा चुके हैं।
समर्थन और आशीर्वाद की अपेक्षाः
उन्होंने कहा कि इस अभियान का उद्देश्य व्यक्तिगत उपलब्धि हासिल करने की बजाय भारत, आयुर्वेद और योग के गौरव और भारतीय युवाओं को आत्मनिर्भरता के सन्देश को शिखर तक पंहुचाना हैं। उम्मीद हैं की इस ऐतिहासिक लक्ष्य को पूरा करने में आपका और सभी देशवासियों का समर्थन, आशीर्वाद और आशीष मिलेगा। यह अभियान हर भारतीय का अभियान हैं, जो भारत को ऊंचाइयों पर देखना चाहता हैं।
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