राजस्थान

जिला कलक्टर की अध्यक्षता में आपदा प्रबंधन की बैठक आयोजित जिला स्तरीय अधिकारी को अपने विभाग

Tara Tandi
19 Jun 2023 1:44 PM GMT
जिला कलक्टर की अध्यक्षता में आपदा प्रबंधन की बैठक आयोजित जिला स्तरीय अधिकारी को अपने विभाग
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जिला कलक्टर श्री पुखराज सेन की अध्यक्षता में आज मिनी सचिवालय सभागार में जिला आपदा प्रबंधन समिति की बैठक आयोजित हुई।
जिला कलक्टर ने सभी विभागों के फ्लड कंटेंजेंसी प्लान की समीक्षा कर निर्देश दिये कि जिले के भौतिक स्वरूप एवं उपलब्ध संसाधनों को दृष्टिगत रखते हुए अपने फ्लड कंटेंजेंसी प्लान को अपडेट कर दो दिवस में भिजवाना सुनिश्चित करें। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिये कि किसी भी आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए मुश्तैदी के साथ आपसी समन्वय रखें। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिये कि आपदा प्रबंधन के संबंध में अपने विभाग की बैठक भी आयोजित करें जिसकी सूचना तुरन्त भिजवाएं। उन्होंने उपखण्ड अधिकारियों को निर्देश दिये कि ब्लॉक आपदा प्रबंधन समिति की बैठक आयोजित कर ब्लॉक में आपदा जैसी स्थिति से निपटने के लिए कार्य योजना बनाए एवं उनके अनुरूप संसाधनों की व्यवस्था सुनिश्चित करें। उन्होंने जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी को निर्देशित किया कि वर्षा ऋतु में ग्रामीण क्षेत्रों में जल जनित हादसों एवं अन्य आपदाओं की रोकथाम हेतु ग्राम पंचायत स्तर पर तैयारी रखने हेतु विभागीय बैठक आदि कर आवश्यक दिशा निर्देश देवें। उन्होंने उपखण्ड अधिकारियों को निर्देश दिये कि जिले के संभावित जल भराव क्षेत्रों को चिन्हित कर अधिकतम दो दिवस में रिपोर्ट भिजवाना सुनिश्चित करें।
उन्होंने नगर विकास न्यास एवं नगर परिषद के साथ जिले की नगरीय निकायों के प्रभारी अधिकारियों को निर्देश दिये कि बाढ की स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक संसाधन की व्यवस्था सुनिश्चित रखे। उन्होंने पंचायती राज विभाग एवं जल संसाधन विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिये कि जिले के बांधों पर चेतावनी बोर्ड लगाए तथा इसी प्रकार संबंधित विभाग अन्य स्थानों पर भी आमजन को सूचित करने हेतु चेतावनी बोर्ड लगाए। उन्होंने शिक्षा, महिला एवं बाल विकास विभाग एवं चिकित्सा विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिये कि असुरक्षित भवनों को चिन्हित कर उनमें विभागीय गतिविधियां प्रतिबंधित करावे। साथ ही भवनों की आवश्यकता अनुरूप मरम्मत के कार्य तुरन्त करावे। उन्होंने पीडब्ल्यूडी, नगरीय निकायों एवं अन्य विभागों के अधिकारियों को भी असुरक्षित भवनों की सूची बनाकर उन्हें उपयोग में नहीं लेने हेतु निर्देशित किया। उन्होंने आपदा प्रबंधन एवं नागरिक सुरक्षा विभाग को जिले के डिजास्टर मैनेजमेंट प्लान के अनुरूप तैयारियों को अमलीजामा पहनाने के आदेश दिए। उन्होंने एसडीआरएफ की टीमों को भी हर आपातकालीन स्थिति से निपटने हेतु तैयार रखने के निर्देश दिये। उन्होंने विद्युत विभाग के अधीक्षण अभियन्ता को निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए बैकअप प्लान भी तैयार रखे। उन्होंने सिंचाई विभाग, पीडब्ल्यूडी, पीएचईडी, सिविल डिफेन्स विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि जिले में निचले इलाकों में जल भराव के स्थानों को चिन्हित करे व आपात स्थिति से निपटने हेतु संबंधित राहत बचाव टीमों को जरूरी संसाधनों के साथ तैयार रखे। साथ ही निचले क्षेत्रों में भरे पानी को निकालने हेतु पम्प सेटों की व्यवस्था सुनिश्चित करें।
उन्होंने जिला स्तर पर संचालित आपदा नियंत्राण कक्ष को प्रभावी रूप से संचालित करने एवं सूचना सम्प्रेषण करने का सशक्त माध्यम बनाने के निर्देश दिये। उन्होंने निर्देश दिये कि आपात स्थिति से निपटने हेतु मिट्टी के कट्टे भी पहले से ही तैयार रखे। उन्होंने संबंधित विभागों को निर्देश दिये कि भण्डार में रखी जाने वाली महत्वपूर्ण सामग्री को तैयार रखने व सम्पूर्ण जानकारी से अवगत करावे। उन्होंने सीएमएचओ को निर्देश दिये कि जीवन रक्षक दवाओं व अन्य महत्वपूर्ण दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करे। उन्होंने आपदा प्रबंधन विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी जरूरी संसाधनों की जांच की जाए व वाहनों की व्यवस्था रखे। उन्होंने संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देशित किया कि आपात स्थिति में महत्वपूर्ण विभागों के अधिकारी/कर्मचारियों के नाम व फोन नम्बर आमजन को सम्पर्क करने के लिए उपलब्ध कराए एवं इसका प्रचार-प्रसार करावे।
बैठक में एडीएम प्रथम श्री उत्तम सिंह शेखावत, एडीएम द्वितीय श्री इन्द्रजीत सिंह, डीएफओ अलवर श्री ए.के श्रीवास्तव, डीएसओ श्री जितेन्द्र सिंह नरूका,यूआईटी के उप सचिव श्री योगेश डागुर, डीटीओ श्री बिरदी चंद गंगवाल, एडीपीएस श्रीमती श्वेता यादव, सीएचएचओ डॉ. श्रीराम शर्मा, पीडब्ल्यूडी के अधीक्षक अभियन्ता श्री संगीत कुमार सहित, विद्युत विभाग के अधीक्षण अभियन्ता श्री जौहरी लाल मीना संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
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