राजस्थान

Dholpur: स्थानीय उत्पाद स्थानीय धरोहरों और उद्योगों को नया जीवन देगा पंच गौरव

Tara Tandi
11 Feb 2025 6:00 PM IST
Dholpur: स्थानीय उत्पाद स्थानीय धरोहरों और उद्योगों को नया जीवन देगा पंच गौरव
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Dholpur धौलपुर । जिले की क्षमता एवं क्षेत्र विशिष्टता के आधार पर उत्पादों एवं स्थलों का चयन कर इनके संरक्षण, संवर्धन और विकास के माध्यम से जिले को एक मजबूत सांस्कृतिक एवं आर्थिक पहचान दिये जाने हेतु पंच गौरव कार्यक्रम का प्रभावी संचालन करने जिला कलक्टर श्रीनिधि बी टी की अध्यक्षता में सोमवार को बैठक का आयोजन किया गया। जिले के पंच गौरव में एक जिला एक प्रजाति के तहत करंज वृक्ष, एक जिला एक उपज के तहत आलू, एक जिला, एक खेल हॉकी, एक जिला एक उत्पाद सैंड स्टोन कार्विंग एवं एक जिला एक गंतव्य के रूप में मचकुण्ड तीर्थ को चिन्हित किया गया।
बैठक में जिला कलक्टर ने बताया कि पंच गौरव कार्यक्रम के तहत जिले की आर्थिक पारिस्थितिकी एवं ऐतिहासिक धरोहरों का संरक्षण एवं संवर्धन किया जायेगा। स्थानीय शिल्प, उत्पाद, कला को संरक्षण प्रदान किया जायेगा। साथ ही उत्पादों की गुणवत्ता, विपणन क्षमता में सुधार करना कार्यक्रम के उद्देश्यों में शामिल हैं। इसके माध्यम से स्थानीय स्तर पर ही रोजगार अवसरों में वृद्धि के प्रयास किये जायेंगे। कार्यक्रम के प्रभावी संचालन हेतु आयोजना विभाग को नोडल विभाग बनाया गया है। जिला स्तर पर इसके लिये जिला कलक्टर की अध्यक्षता में एक समिति का गठन भी किया गया है। एक जिला एक उपज के लिये कृषि एंव उद्यानिकी विभाग, एक जिला एक वनस्पति प्रजाति के लिये वन विभाग, एक जिला एक उत्पाद के लिये उद्योग एवं वाणिज्य विभाग, एक जिला एक पर्यटन स्थल के लिये पर्यटन विभाग तथा एक जिला एक खेल के लिये खेल विभाग नोडल एजेंसी के रूप में
कार्य करेंगे।
एक जिला एक पर्यटन स्थल के रूप में मचकुंड का होगा विकास
मचकुण्ड तीर्थ स्थल को पर्यटन की दृष्टि से उन्नत करने हेतु बैठक में जिला कलक्टर ने तीर्थ स्थल पर साफ-सफाई के कार्य, लाइट एण्ड साउण्ड शॉ का पुनः संचालन, पर्यटन सुविधा केंद्र स्थापित किये जाने, तीर्थ स्थल पर सीसीटीवी कैमरे, बुनियादी सेवाएं जैसे पेयजल, टॉयलेट इत्यादि का विकास कराये जाने के संबंध में संयुक्त निदेशक पर्यटन विभाग को निर्देशित किया।
एक जिला एक प्रजाति के तहत करंज रोपण पर दिया जाएगा विशेष ध्यान
जिले में करंज के अनुसार पारिस्थितकी अनुकूलन को देखते हुए कंरज रोपण पर विशेष ध्यान दिया जायेगा। बैठक में बताया गया कि जिले की सभी नर्सरियों में लगभग 1 लाख 60 हजार करंज के पौधे तैयार किये जा रहे है जिनकों मानसून में वृक्षारोपण हेतु वितरित किया जायेगा।
एक जिला एक उत्पाद में रेड सैंड स्टोन कार्विंग को दिया जायेगा बढ़ावा
एक जिला एक उत्पाद के तहत बलुआ पत्थर के शिल्प उत्पादों को बढ़ावा देने हेतु उद्यमिता विकास एवं कौशल संवर्धक हेतु प्रयास किये जायेंगे। इस हेतु स्थानीय समुदायों को कौशल प्रशिक्षण दिया जायेगा। जिला कलक्टर ने बैठक में स्टोन पार्क में बुनियादी सुविधाओं के विकास हेतु निर्देशित किया।
हॉकी से बनेगा चक दे धौलपुर!
जिले में हॉकी खेल को बढ़ावा दिया जाकर स्थानीय स्तर पर लगातार हॉकी संघों के सहयोग से टूर्नामेंट आयोजित किये जायेंगे। सभी ब्लॉक में उच्च माध्यमिक विद्यालयों का चयन कर हॉकी हेतु खेल मैदानों का विकास किया जायेगा। स्थानीय स्तर पर हॉकी खेल को बढ़ावा देकर युवाओं में हॉकी खेल प्रतिभा तराशी जायेगी।
एक जिला एक उपज में आलू की किस्म विकास एवं खाद्य प्रसंस्करण उद्योग को मिलेगा बल
जिले में एक जिला एवं एक उपज के तहत आलू संग्रहण, भण्डारण, ग्रेडिंग, खाद्य प्रसंस्करण सुविधाएं और शीत गृह संरचनाओं का उन्नयन किया जायेगा। जिला कलक्टर ने आलू की किस्म विकास एवं स्थानीय स्तर पर आलू के खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में स्थानीय समुदायों को क्षमता वर्धन गतिविधियों से जोड़े जाने हेतु निर्देशित किया। उन्होंने कहा कि नई प्रौद्योगिकी, उन्नत कृषि तकनीक और खाद्य प्रसंस्करण के जरिये मूल्यवर्धन कर स्थानीय स्तर पर अधिक से अधिक लाभ सृजन हेतु प्रयास किये जायें।
लगभग पांच करोड़ रुपये की राशि से होगा पंच गौरव विकास कार्यों का संचालन
जिले में क्षेत्र विशिष्टता के आधार चयन उत्पादो एवं स्थलों क पंच गौरव कार्यक्रम के तहत विकास हेतु विभिन्न गतिविधियों का संचालन किया जायेगा। इस हेतु एक जिला एक उत्पाद में रेड सैण्ड स्टोन कार्विंग उन्नयन हेतु 97 लाख रुपये, पर्यटन स्थल विकास हेतु 95 लाख रुपये, एक जिला एक उपज के तहत आलू के प्रसंस्करण, प्रशिक्षण एवं उन्नत तकनीक इत्यादि के विकास हेतु 134 लाख 50 हजार, एक जिला एक प्रजाति हेतु करंज को बढ़ावा दिये जाने के लिये 68 लाख 52 हजार और स्थानीय स्तर पर हॉकी के खेल विकास हेतु 63 लाख रुपये एवं अन्य विविध कार्यों के लिये 20 लाख रुपये सहित कुल 4 करोड़ 78 लाख 2 हजार रुपये के परियोजना प्रस्ताव उच्च स्तर पर प्रेषित किये गये हैं।
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