अशरफ अली खिलजी को तेली घाणी विकास बोर्ड की कमान देने की मांग

जयपुर : राजस्थान राज्य तेली घाणी विकास बोर्ड के अध्यक्ष पद को लेकर अब राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर मांग तेज हो गई है। राष्ट्रीय लोकदल के युवा राष्ट्रीय महासचिव और दिल्ली अल्पसंख्यक आयोग के पूर्व सदस्य एडवोकेट आफताब आलम ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व राज्य मंत्री अशरफ अली खिलजी को बोर्ड का अध्यक्ष नियुक्त करने की मांग की है।
ज्ञापन में राजस्थान सरकार की ओर से तेली समाज के सामाजिक, शैक्षणिक और आर्थिक उत्थान के उद्देश्य से राजस्थान राज्य तेली घाणी विकास बोर्ड के गठन के फैसले की सराहना की गई है। साथ ही मुख्यमंत्री का आभार जताते हुए कहा गया है कि अब बोर्ड को प्रभावी रूप से संचालित करने के लिए ऐसे नेतृत्व की जरूरत है, जो समाज की समस्याओं को समझता हो और उनके समाधान के लिए प्रभावी कदम उठा सके।
एडवोकेट आफताब आलम ने ज्ञापन में कहा कि बोर्ड के अध्यक्ष पद पर ऐसे व्यक्ति की नियुक्ति होनी चाहिए, जिसे समाज का व्यापक समर्थन और विश्वास प्राप्त हो। उन्होंने अशरफ अली खिलजी को इस जिम्मेदारी के लिए उपयुक्त बताते हुए उनके अनुभव और समाज के प्रति योगदान का उल्लेख किया है।
21 लाख आबादी वाले मुस्लिम तेली समाज का जिक्र
ज्ञापन में राजस्थान के मुस्लिम तेली समाज की आबादी करीब 21 लाख बताई गई है। इसमें कहा गया है कि यह समाज प्रदेश का एक महत्वपूर्ण वर्ग है, जिसका प्रमुख जुड़ाव कृषि, तेल घाणी व्यवसाय और छोटे उद्योगों से रहा है। इसके बावजूद समाज अभी भी शिक्षा और आर्थिक विकास के क्षेत्र में कई चुनौतियों का सामना कर रहा है।
आफताब आलम ने कहा कि राजस्थान राज्य तेली घाणी विकास बोर्ड के गठन का उद्देश्य तभी पूरी तरह सफल हो पाएगा, जब इसका नेतृत्व ऐसा व्यक्ति करेगा, जो समाज की वास्तविक परिस्थितियों और जरूरतों को करीब से समझता हो। उन्होंने कहा कि बोर्ड के माध्यम से समाज के युवाओं, उद्यमियों और जरूरतमंद लोगों के लिए योजनाओं को बेहतर तरीके से लागू किया जा सकता है।
अशरफ अली खिलजी के समर्थन में दिए गए तर्क
मुख्यमंत्री को भेजे गए ज्ञापन में अशरफ अली खिलजी के नाम के समर्थन में कई कारण बताए गए हैं। इसमें कहा गया है कि उन्होंने तेली समाज के लिए अलग विकास बोर्ड बनाने की मांग को लंबे समय तक उठाया और समाज की आवाज को सरकार तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया है कि अशरफ अली खिलजी राजस्थान उर्दू अकादमी के पूर्व चेयरमैन रह चुके हैं और राज्य मंत्री के रूप में भी जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। उनके पास प्रशासनिक अनुभव होने के कारण वह बोर्ड की योजनाओं को बेहतर तरीके से लागू करने में सक्षम हो सकते हैं।
आफताब आलम ने कहा कि अशरफ अली खिलजी को समाज के बड़े वर्ग का समर्थन प्राप्त है। उनका मानना है कि यदि उन्हें बोर्ड का अध्यक्ष बनाया जाता है तो वह तेली समाज के सामाजिक, शैक्षणिक और आर्थिक विकास के लिए प्रभावी योजनाएं तैयार कर सकते हैं।
मुख्यमंत्री से सकारात्मक निर्णय की अपील
ज्ञापन के माध्यम से मुख्यमंत्री से आग्रह किया गया है कि तेली समाज की भावनाओं और अपेक्षाओं को ध्यान में रखते हुए अशरफ अली खिलजी को राजस्थान राज्य तेली घाणी विकास बोर्ड का अध्यक्ष नियुक्त किया जाए।
आफताब आलम ने उम्मीद जताई है कि राज्य सरकार इस मांग पर सकारात्मक विचार करेगी। उन्होंने कहा कि अनुभवी और समाज से जुड़े व्यक्ति को जिम्मेदारी मिलने से बोर्ड अपने उद्देश्यों को बेहतर तरीके से पूरा कर सकेगा।
सरकार के फैसले पर नजर
राजस्थान राज्य तेली घाणी विकास बोर्ड के गठन के बाद समाज में उम्मीदें बढ़ी हैं कि इसके माध्यम से शिक्षा, रोजगार, आर्थिक सहायता और छोटे कारोबार को बढ़ावा देने के लिए योजनाएं बनाई जाएंगी। अब अध्यक्ष पद को लेकर उठी मांग के बाद सभी की निगाहें राज्य सरकार के अगले फैसले पर टिकी हैं।
अगर सरकार अशरफ अली खिलजी को यह जिम्मेदारी देती है तो इसे तेली समाज के प्रतिनिधित्व और विकास की दिशा में एक अहम कदम माना जा सकता है। वहीं, सरकार किस नाम पर अंतिम निर्णय लेती है, यह आने वाले समय में साफ होगा। फिलहाल समाज की ओर से बोर्ड को सक्रिय और प्रभावी बनाने के लिए अनुभवी नेतृत्व की मांग लगातार उठाई जा रही है।





