Dausa: पुलिस ने मेहंदीपुर बालाजी में फर्जी एडीएम को गिरफ्तार किया

दौसा: मेहंदीपुर बालाजी मंदिर से एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है। यहां एक युवक खुद को एडीएम (अपर जिला कलेक्टर) बताकर वीआईपी दर्शन की मांग कर रहा था। जब पुलिस ने उससे पहचान पत्र मांगा, तो वह आनाकानी करने लगा। शक होने पर पुलिस ने युवक को हिरासत में लिया और पूछताछ की, जिसके बाद उसका झूठ सामने आ गया।
कैसे पकड़ा गया फर्जी अधिकारी?
घटना तब हुई जब मंदिर परिसर में ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों ने एक व्यक्ति को वीआईपी दर्शन के लिए अधिकारियों से विशेष अनुरोध करते देखा। उसने खुद को एडीएम बताया और जल्द दर्शन की सुविधा देने की मांग की।
पुलिसकर्मियों को युवक पर संदेह हुआ, इसलिए उन्होंने उससे सरकारी पहचान पत्र दिखाने को कहा। पहले तो युवक बहाने बनाने लगा और फिर सही तरीके से जवाब देने से बचता रहा। शक गहराने पर पुलिस ने जब उसे हिरासत में लिया और कड़ाई से पूछताछ की, तो पूरा मामला उजागर हो गया। युवक फर्जी एडीएम निकला, जिसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।
क्या थी युवक की मंशा?
फर्जी अधिकारी बनने का यह मामला बेहद गंभीर है। पूछताछ में सामने आया कि आरोपी वीआईपी ट्रीटमेंट पाने के लिए खुद को प्रशासनिक अधिकारी बता रहा था। वह मंदिर में बिना किसी लाइन में लगे दर्शन करना चाहता था और पुलिसकर्मियों पर भी रौब झाड़ रहा था।
यह पहली बार नहीं है जब मेहंदीपुर बालाजी मंदिर में इस तरह की घटना सामने आई हो। बड़े धार्मिक स्थलों पर कई बार लोग वीआईपी ट्रीटमेंट पाने के लिए झूठ का सहारा लेते हैं, लेकिन पुलिस की सतर्कता से आरोपी पकड़ लिया गया।
पुलिस की कार्रवाई
मंदिर प्रशासन की शिकायत पर पुलिस ने युवक को गिरफ्तार कर लिया है और अब उसके आपराधिक रिकॉर्ड की जांच की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कहीं उसने पहले भी इसी तरह की ठगी तो नहीं की।
मेहंदीपुर बालाजी मंदिर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम
राजस्थान का मेहंदीपुर बालाजी मंदिर एक प्रसिद्ध धार्मिक स्थल है, जहां हर दिन हजारों श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं। इसे ध्यान में रखते हुए पुलिस ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं।
पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध व्यक्ति या गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें, ताकि इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।





