राजस्थान

जयपुर में गरबा पर विवाद, जावेद खान के दो शो रद्द

Kavita2
20 Oct 2026 4:16 PM IST

जयपुर। राजस्थान की राजधानी जयपुर में नवरात्रि के दौरान आयोजित होने वाले गरबा कार्यक्रमों को लेकर विवाद सामने आया है। सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर और कलाकार जावेद अली खान ने 17 और 18 अक्टूबर 2026 को निर्धारित अपने दो गरबा कार्यक्रम रद्द कर दिए। जावेद खान का आरोप है कि कुछ हिंदू संगठनों के सदस्यों ने आयोजकों को चेतावनी दी थी कि यदि किसी मुस्लिम कलाकार को कार्यक्रम में शामिल होने दिया गया, तो वे विरोध प्रदर्शन करेंगे और आयोजन में बाधा डालेंगे। विवाद बढ़ने के बाद खान ने दोनों कार्यक्रमों से हटने का फैसला किया और आयोजकों से मिली अग्रिम राशि भी लौटा दी। इस घटना ने धार्मिक आयोजनों में कलाकारों की भागीदारी, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और सामाजिक सद्भाव को लेकर नई बहस छेड़ दी है।

17 और 18 अक्टूबर को होने थे कार्यक्रम

जानकारी के अनुसार, जयपुर निवासी सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर जावेद खान को नवरात्रि के अवसर पर दो अलग-अलग गरबा और डांडिया आयोजनों में शामिल होना था।

पहला कार्यक्रम शनिवार, 17 अक्टूबर को विनाया रिजॉर्ट एंड रिट्रीट में निर्धारित था।

दूसरा कार्यक्रम रविवार, 18 अक्टूबर को जयपुर के एक क्लब में आयोजित होना था।

दोनों आयोजनों में जावेद खान की विशेष उपस्थिति तय की गई थी। आयोजकों ने इसके लिए पहले से तैयारियां की थीं।

लेकिन कार्यक्रम से पहले कुछ संगठनों की ओर से आपत्ति जताए जाने के बाद विवाद खड़ा हो गया।

आयोजकों ने संभावित विरोध और अव्यवस्था की आशंका के चलते जावेद खान की भागीदारी रद्द कर दी।

आयोजकों को धमकी देने का आरोप

जावेद खान ने आरोप लगाया कि दो हिंदू संगठनों के सदस्यों ने कार्यक्रम आयोजकों को फोन करके विरोध प्रदर्शन की चेतावनी दी थी।

उनके अनुसार, आयोजकों से कहा गया था कि यदि मुस्लिम कलाकार को गरबा कार्यक्रम में शामिल होने की अनुमति दी गई, तो आयोजन स्थल पर विरोध किया जाएगा।

खान का आरोप है कि संगठनों ने कार्यक्रम में बाधा डालने की भी चेतावनी दी थी।

इससे आयोजकों के सामने सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखने की चुनौती पैदा हो गई।

जावेद खान ने कहा कि वह अपनी उपस्थिति के कारण आयोजकों और कार्यक्रम में आने वाले लोगों को किसी परेशानी में नहीं डालना चाहते थे।

इसलिए उन्होंने दोनों कार्यक्रमों से हटने का निर्णय लिया।

आयोजकों को लौटाई अग्रिम राशि

जावेद खान ने बताया कि उन्होंने कार्यक्रमों के लिए आयोजकों से अग्रिम भुगतान प्राप्त किया था।

लेकिन विवाद सामने आने के बाद उन्होंने पूरी अग्रिम राशि वापस कर दी।

उन्होंने कहा कि कार्यक्रम में शामिल होना उनके लिए कोई समस्या नहीं थी, लेकिन उन्हें आशंका थी कि उनके जाने के बाद भी आयोजन में बाधा पहुंचाई जा सकती है।

खान के अनुसार, कार्यक्रम में शामिल होने वाले लोगों को किसी विवाद के कारण परेशानी उठानी पड़े, यह वह नहीं चाहते थे।

इसी वजह से उन्होंने अपनी भागीदारी रद्द करना बेहतर समझा।

उन्होंने इस बात पर भी दुख जताया कि कई लोगों ने गरबा आयोजनों के लिए तैयारियां की थीं, लेकिन विवाद के कारण उनकी उम्मीदें प्रभावित हुईं।

सनातन सुरक्षा दल का नाम आया सामने

जयपुर के एक कार्यक्रम के आयोजक रवि पटेल ने बताया कि उन्हें सनातन सुरक्षा दल के सदस्यों की ओर से फोन आए थे।

उनका दावा है कि फोन करने वालों ने गैर-हिंदू कलाकार की भागीदारी पर आपत्ति जताई थी।

पटेल के अनुसार, उन्हें चेतावनी दी गई कि यदि कार्यक्रम में जावेद खान को शामिल किया गया, तो विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।

कुछ रिपोर्टों में विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के सदस्यों की ओर से भी आपत्ति जताए जाने का उल्लेख है।

हालांकि, अलग-अलग संगठनों के व्यक्तियों की भूमिका और कथित धमकियों की प्रकृति की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।

सनातन सुरक्षा दल के सदस्यों ने गैर-हिंदू कलाकार की भागीदारी का विरोध करने की बात कही है।

आयोजक ने जताई तोड़फोड़ की आशंका

कार्यक्रम आयोजक रवि पटेल ने दावा किया कि उन्हें कई फोन कॉल और संदेश प्राप्त हुए थे।

उनके अनुसार, फोन करने वाले लोगों ने कार्यक्रम रद्द नहीं करने पर विरोध और तोड़फोड़ की चेतावनी दी।

पटेल का कहना था कि वह आयोजन स्थल पर किसी प्रकार का विवाद या संपत्ति को नुकसान नहीं चाहते थे।

इसलिए उन्होंने जावेद खान की विशेष उपस्थिति वाला कार्यक्रम रद्द करने का फैसला किया।

उन्होंने यह भी बताया कि इससे पहले उनके आयोजन में इस प्रकार की समस्या सामने नहीं आई थी।

आयोजक के इन आरोपों की स्वतंत्र जांच से ही यह स्पष्ट होगा कि धमकियां किसने दी थीं और उनकी वास्तविक प्रकृति क्या थी।

पुलिस आयुक्त से शिकायत करेंगे जावेद खान

जावेद खान ने कहा है कि वह इस मामले को लेकर जयपुर पुलिस आयुक्त से मुलाकात करेंगे।

उन्होंने कथित धमकियों और कार्यक्रमों में बाधा डालने की चेतावनियों के संबंध में लिखित शिकायत देने की बात कही है।

खान का आरोप है कि कुछ संगठन इस प्रकार के विवादों के माध्यम से प्रचार हासिल करने का प्रयास कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि किसी कलाकार की धार्मिक पहचान के आधार पर उसका विरोध करना उचित नहीं है।

हालांकि, मंगलवार तक इस मामले में प्राथमिकी दर्ज होने या किसी व्यक्ति के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की पुष्टि नहीं हुई थी।

पुलिस शिकायत मिलने और तथ्यों की जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई कर सकती है।

पुलिस अधिकारी ने जानकारी होने से किया इनकार

एक रिपोर्ट के अनुसार, जयपुर के मालवीय नगर क्षेत्र के सहायक पुलिस आयुक्त शिवदयाल मेघवाल से जब इस विवाद के संबंध में संपर्क किया गया, तो उन्होंने मामले की जानकारी नहीं होने की बात कही।

दूसरी ओर, आयोजक रवि पटेल ने दावा किया कि उन्हें संभावित विरोध के बारे में पुलिस की ओर से भी जानकारी मिली थी।

इन दोनों बयानों के बीच अंतर होने के कारण पुलिस की भूमिका से जुड़े तथ्यों की पुष्टि आवश्यक है।

यह स्पष्ट होना बाकी है कि आयोजकों ने कार्यक्रम से पहले सुरक्षा की औपचारिक मांग की थी या नहीं।

सोशल मीडिया पर लोकप्रिय हैं जावेद खान

जावेद अली खान जयपुर के चर्चित सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर हैं।

इंस्टाग्राम पर उनके लाखों फॉलोअर्स हैं। वह मनोरंजन और सांस्कृतिक कार्यक्रमों से जुड़ी गतिविधियों के लिए जाने जाते हैं।

उनकी लोकप्रियता के कारण विभिन्न सार्वजनिक आयोजनों में उन्हें विशेष अतिथि के रूप में आमंत्रित किया जाता है।

खान की भागीदारी रद्द होने के बाद उनके समर्थकों ने भी इस विषय पर प्रतिक्रिया व्यक्त की है।

यह मामला अब केवल दो आयोजनों तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में कलाकारों की भागीदारी से जुड़े व्यापक सवाल सामने ला रहा है।

गुजरात में भी सामने आया था ऐसा विवाद

जयपुर के इस मामले से पहले गुजरात में भी गरबा आयोजनों के दौरान गैर-हिंदू व्यक्तियों की भागीदारी को लेकर विवाद सामने आए थे।

अहमदाबाद में 14 अक्टूबर को आयोजित एक गरबा कार्यक्रम के दौरान मंच से गैर-हिंदुओं को आयोजन स्थल छोड़ने के लिए कहे जाने का मामला चर्चा में आया था।

इसके बाद लोकगायक आदित्य गढ़वी ने स्पष्ट किया था कि वह इस घोषणा से सहमत नहीं थे और इसका निर्णय उनकी ओर से नहीं लिया गया था।

गुजरात के अन्य शहरों में भी गरबा आयोजनों में धार्मिक पहचान के आधार पर प्रवेश को लेकर बहस हुई है।

इन घटनाओं ने सांस्कृतिक आयोजनों में सहभागिता और धार्मिक परंपराओं की मर्यादा से जुड़े अलग-अलग दृष्टिकोण सामने रखे हैं।

धार्मिक परंपरा और कलाकारों की स्वतंत्रता पर बहस

गरबा गुजरात की पारंपरिक लोकनृत्य शैली है, जिसका नवरात्रि और देवी उपासना से गहरा संबंध है।

समय के साथ यह धार्मिक आस्था के साथ सांस्कृतिक उत्सव के रूप में भी लोकप्रिय हुआ है।

धार्मिक संगठनों के कुछ प्रतिनिधियों का मानना है कि गरबा आयोजनों की धार्मिक परंपराओं और मर्यादा का पालन आवश्यक है।

वहीं, कलाकारों और सांस्कृतिक गतिविधियों से जुड़े लोगों का तर्क है कि किसी व्यक्ति की धार्मिक पहचान के आधार पर उसकी भागीदारी का विरोध करना सामाजिक सद्भाव को प्रभावित कर सकता है।

इन विचारों में मतभेद होना अलग विषय है, लेकिन किसी कार्यक्रम को हिंसा या तोड़फोड़ की धमकी देकर रुकवाने के आरोपों की निष्पक्ष जांच जरूरी है।

कलाकारों की सुरक्षा को लेकर उठे सवाल

जयपुर में दो गरबा कार्यक्रम रद्द होने के बाद सार्वजनिक आयोजनों में कलाकारों की सुरक्षा का मुद्दा भी सामने आया है।

बड़े आयोजनों में कलाकारों, दर्शकों और कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना आयोजकों तथा संबंधित प्रशासनिक एजेंसियों के लिए महत्वपूर्ण होता है।

यदि किसी कार्यक्रम को लेकर धमकी की शिकायत मिलती है, तो उसकी गंभीरता से जांच और आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था किया जाना जरूरी है।

इस मामले में जावेद खान ने विवाद से बचने के लिए स्वयं पीछे हटने का फैसला किया।

जांच और आगे की कार्रवाई पर नजर

जयपुर में 17 और 18 अक्टूबर को प्रस्तावित गरबा आयोजनों से जावेद खान की भागीदारी रद्द होने के बाद विवाद जारी है।

खान ने हिंदू संगठनों से जुड़े कुछ व्यक्तियों पर धमकी देने का आरोप लगाया है, जबकि संबंधित संगठन के सदस्यों ने गैर-हिंदू कलाकार की भागीदारी के विरोध की बात स्वीकार की है।

जावेद खान ने पुलिस आयुक्त से मिलकर लिखित शिकायत देने की घोषणा की है।

अब इस मामले में पुलिस की संभावित जांच और आयोजकों के आरोपों की पुष्टि पर नजर रहेगी।

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