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सीकर। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने गुरुवार को सीकर जिले के फतेहपुर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान शेखावाटी क्षेत्र को विकास परियोजनाओं की बड़ी सौगात दी। मुख्यमंत्री ने सीकर, चूरू और झुंझुनू जिलों से संबंधित 1,277.07 करोड़ रुपये की लागत वाली 83 विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। इस दौरान उन्होंने जनसभा को संबोधित करते हुए शेखावाटी की ऐतिहासिक, सामाजिक और सांस्कृतिक पहचान का उल्लेख किया तथा यमुना जल परियोजना को लेकर कांग्रेस पर राजनीतिक हमला भी बोला।
फतेहपुर में आयोजित समारोह में बड़ी संख्या में स्थानीय लोग, जनप्रतिनिधि और विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने विकास कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास करते हुए कहा कि सरकार शेखावाटी क्षेत्र में सड़क, पानी, बिजली और दूसरी आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करने की दिशा में काम कर रही है।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने अपने संबोधन में शेखावाटी को वीरों, विद्वानों और स्वाभिमानी लोगों की धरती बताया। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र का इतिहास देश सेवा, शिक्षा, व्यापार और सामाजिक योगदान से जुड़ा रहा है। मुख्यमंत्री ने शेखावाटी के आतिथ्य की भी प्रशंसा करते हुए कहा कि यहां आने वाले लोगों को क्षेत्र की संस्कृति और अपनापन हमेशा प्रभावित करता है।
फतेहपुर पहुंचने से पहले मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सीकर जिले के प्रसिद्ध खाटूश्यामजी मंदिर में दर्शन और पूजा-अर्चना भी की। इसके बाद उन्होंने फतेहपुर में आयोजित कार्यक्रम में हिस्सा लिया। उनके इस दौरे में स्थानीय विकास कार्यों के साथ क्षेत्र की जल जरूरतों का मुद्दा भी प्रमुख रूप से सामने आया।
मुख्यमंत्री ने यमुना जल समझौते का जिक्र करते हुए कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने दावा किया कि हरियाणा में कांग्रेस की ओर से इस समझौते को रद्द करने की बात कही गई थी। यह मुख्यमंत्री का राजनीतिक आरोप है। उन्होंने कहा कि राजस्थान सरकार शेखावाटी के लोगों तक उनके हिस्से का यमुना जल पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है।
राजस्थान और हरियाणा के बीच यमुना जल से संबंधित समझौते पर जून 2026 में महत्वपूर्ण प्रगति हुई थी। 23 जून को दोनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों की बैठक में 1994 के अपर यमुना रिवर बोर्ड समझौते के तहत राजस्थान को उसके हिस्से का पानी उपलब्ध कराने पर सहमति बनी थी। इसके बाद 29 जून को दोनों राज्यों ने यमुना जल परियोजना के निर्माण और क्रियान्वयन से संबंधित समझौते पर हस्ताक्षर किए।
इस समझौते के तहत मानसून के दौरान यमुना से राजस्थान के हिस्से का पानी भूमिगत पाइपलाइन के माध्यम से पहुंचाने की योजना है। आधिकारिक जानकारी के अनुसार परियोजना से सीकर, चूरू और झुंझुनू समेत शेखावाटी क्षेत्र को लाभ मिलने की उम्मीद है। यमुना परियोजना के तहत लगभग 580 मिलियन क्यूबिक मीटर पानी जुलाई से अक्टूबर के बीच राजस्थान पहुंचाने की व्यवस्था प्रस्तावित है।
राजस्थान सरकार इस परियोजना को शेखावाटी क्षेत्र में लंबे समय से चली आ रही पेयजल समस्या के समाधान के लिए महत्वपूर्ण मान रही है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा पहले भी कह चुके हैं कि राजस्थान केवल वही पानी चाहता है जो 1994 के समझौते के तहत उसके हिस्से में निर्धारित है। राज्य सरकार के अनुसार हथिनीकुंड बैराज से भूमिगत पाइपलाइन के जरिए पानी सीकर, चूरू और झुंझुनू की ओर लाने की योजना पर काम किया जा रहा है।
फतेहपुर की सभा में मुख्यमंत्री ने कहा कि पानी की उपलब्धता शेखावाटी के विकास से सीधे तौर पर जुड़ी हुई है। क्षेत्र के कई इलाकों में भूजल की समस्या और पेयजल की उपलब्धता लंबे समय से बड़ा मुद्दा रही है। ऐसे में सरकार जल परियोजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाने का प्रयास कर रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार विकास योजनाओं को केवल घोषणाओं तक सीमित नहीं रखना चाहती, बल्कि उन्हें जमीन पर पूरा करने पर जोर दिया जा रहा है। उन्होंने विभिन्न परियोजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार की प्राथमिकता शहरों के साथ गांवों और दूरस्थ इलाकों में भी आधारभूत सुविधाओं का विस्तार करना है।
शेखावाटी में यमुना जल पहुंचाने की परियोजना का मुद्दा पिछले कई वर्षों से राजस्थान की राजनीति में भी महत्वपूर्ण रहा है। वर्तमान समझौते के तहत राजस्थान और हरियाणा सरकारें संयुक्त रूप से परियोजना को आगे बढ़ा रही हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी अगस्त 2026 में राजस्थान के एक कार्यक्रम में इस समझौते का जिक्र करते हुए कहा था कि प्रस्तावित भूमिगत पाइपलाइन से सीकर, चूरू, झुंझुनू और शेखावाटी क्षेत्र के लाखों लोगों को लाभ मिलेगा।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने अपने संबोधन में केंद्र और राज्य सरकार के बीच समन्वय का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि बड़े बुनियादी ढांचे और जल परियोजनाओं को समय पर पूरा करने के लिए विभिन्न स्तरों पर लगातार काम किया जा रहा है।
फतेहपुर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान विकास और जल परियोजनाओं के साथ राजनीतिक बयानबाजी भी देखने को मिली। मुख्यमंत्री ने कांग्रेस की नीतियों की आलोचना की और अपनी सरकार की योजनाओं तथा समझौतों को शेखावाटी क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण बताया। वहीं यमुना जल से जुड़े उनके कांग्रेस पर लगाए गए आरोप राजनीतिक दावे हैं और इन्हें उसी संदर्भ में देखा जाना चाहिए।
कुल मिलाकर फतेहपुर का कार्यक्रम सीकर, चूरू और झुंझुनू जिलों में विकास परियोजनाओं के लोकार्पण और शिलान्यास के साथ-साथ शेखावाटी की जल समस्या और यमुना जल परियोजना पर केंद्रित रहा। मुख्यमंत्री ने क्षेत्र के इतिहास और लोगों की प्रशंसा करते हुए विकास कार्यों को तेजी से आगे बढ़ाने का भरोसा दिलाया।
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