राजस्थान
नारी शक्ति सम्मेलन में CM भजनलाल महिला सशक्तीकरण पर दिया जोर
Ratna Netam
3 Oct 2026 6:56 PM IST

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जयपुर। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने शनिवार को जयपुर में आयोजित ‘नारी शक्ति सम्मेलन एवं संवाद’ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए महिलाओं के आर्थिक और सामाजिक सशक्तीकरण पर जोर दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाएं परिवार, समाज और राष्ट्र निर्माण का आधार हैं तथा उनकी सक्रिय भागीदारी राजस्थान को आत्मनिर्भर और आर्थिक रूप से सक्षम बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। कार्यक्रम का आयोजन जयपुर के यूनिवर्सिटी कॉमर्स कॉलेज में किया गया।कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाओं की मौजूदगी का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने इसे महत्वपूर्ण आयोजन बताया। उन्होंने कहा कि महिलाओं की प्रतिबद्धता, परिश्रम और सामूहिक शक्ति से राज्य के विकास को नई गति मिल सकती है। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के दौरान विभिन्न सरकारी योजनाओं की महिला लाभार्थियों से संवाद भी किया और उनसे योजनाओं के कारण उनके जीवन में आए बदलावों के बारे में जानकारी ली।
लखपति दीदी योजना का किया जिक्र
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने अपने संबोधन में महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए चल रही लखपति दीदी योजना का विशेष रूप से उल्लेख किया। राज्य सरकार के अनुसार, योजना के तहत राजस्थान में 26 लाख से अधिक महिलाओं को प्रशिक्षण दिया जा चुका है और करीब 20 लाख महिलाओं को ‘लखपति दीदी’ की श्रेणी में लाया गया है।मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं को स्वरोजगार और आय के नए अवसर उपलब्ध कराने के लिए स्वयं सहायता समूहों और विभिन्न वित्तीय योजनाओं के माध्यम से सहायता दी जा रही है। उनके अनुसार, आर्थिक रूप से सक्षम महिला अपने परिवार के साथ-साथ पूरे समाज की प्रगति में महत्वपूर्ण योगदान देती है।
महिलाओं और स्वयं सहायता समूहों को ऋण
नारी शक्ति सम्मेलन के दौरान महिला स्वयं सहायता समूहों और लखपति दीदियों को वित्तीय सहायता भी दी गई। मुख्यमंत्री लखपति दीदी ऋण योजना के तहत 3,274 महिलाओं को कुल 25 करोड़ रुपये के ऋण दिए गए। इसके अलावा वित्तीय समावेशन के तहत 2,823 स्वयं सहायता समूहों को 93 करोड़ रुपये के ऋण वितरित किए गए।राज्य सरकार के मुताबिक, 3,300 स्वयं सहायता समूहों को आजीविका संवर्धन के लिए 25 करोड़ रुपये की सहायता भी दी गई। कार्यक्रम में महिलाओं को इन योजनाओं से संबंधित प्रतीकात्मक चेक सौंपे गए। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का प्रयास है कि स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं अपने कारोबार और आजीविका गतिविधियों को आगे बढ़ा सकें।
150 करोड़ रुपये से अधिक की राशि DBT
कार्यक्रम के दौरान विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण यानी DBT के माध्यम से आर्थिक सहायता भी दी गई। राज्य सरकार के अनुसार, 27 हजार से अधिक लाभार्थियों को 150 करोड़ रुपये से अधिक की राशि हस्तांतरित की गई। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के लाभार्थियों को मकानों की चाबियां भी सौंपी गईं।इसके अलावा मुख्यमंत्री मातृत्व पोषण योजना के तहत 29,222 लाभार्थियों को 8.79 करोड़ रुपये DBT के माध्यम से दिए गए। मुख्यमंत्री ने महिला स्वास्थ्य, पोषण और आर्थिक सुरक्षा को सरकार की योजनाओं का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया।
महिला कल्याण की योजनाओं का किया उल्लेख
मुख्यमंत्री शर्मा ने केंद्र और राज्य सरकार की महिला-केंद्रित योजनाओं का जिक्र करते हुए बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना, स्वच्छ भारत मिशन, जल जीवन मिशन, प्रधानमंत्री मुद्रा योजना और प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इन योजनाओं के जरिए शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता, आर्थिक सहायता और स्वरोजगार जैसे क्षेत्रों में महिलाओं तक सुविधाएं पहुंचाने का प्रयास किया गया है।मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के माध्यम से महिलाओं को स्वरोजगार के लिए ऋण सुविधा मिल रही है, जबकि लखपति दीदी योजना महिलाओं की आय बढ़ाने और उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने पर केंद्रित है।
बेटियों की शिक्षा पर भी जोर
मुख्यमंत्री ने बालिकाओं की शिक्षा को महिला सशक्तीकरण का महत्वपूर्ण आधार बताया। उन्होंने कहा कि राज्य में छात्राओं को शिक्षा जारी रखने के लिए साइकिल और स्कूटी जैसी सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। सरकार के अनुसार, बालिका शिक्षा को प्रोत्साहित करने के लिए 13.85 लाख साइकिल वितरित की गई हैं, जबकि कालीबाई भील मेधावी छात्रा स्कूटी योजना और देवनारायण छात्रा स्कूटी योजना के तहत करीब 46 हजार स्कूटी दी गई हैं।मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा के माध्यम से बेटियां न केवल अपने भविष्य को बेहतर बना सकती हैं, बल्कि परिवार और समाज के आर्थिक विकास में भी बड़ी भूमिका निभा सकती हैं।
महिला स्वास्थ्य को लेकर भी सरकार का फोकस
कार्यक्रम में महिलाओं के स्वास्थ्य से जुड़ी योजनाओं का भी उल्लेख किया गया। मुख्यमंत्री के अनुसार, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना में दी जाने वाली सहायता को 5,000 रुपये से बढ़ाकर 6,500 रुपये किया गया है। वहीं गर्भवती महिलाओं की जांच के लिए ‘मां वाउचर’ योजना के तहत 5.74 लाख सोनोग्राफी कूपन जारी किए जाने की जानकारी भी दी गई।इसके अलावा पात्र परिवारों को 450 रुपये में LPG सिलेंडर उपलब्ध कराने की योजना का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार महिलाओं के घरेलू जीवन और आर्थिक बोझ को कम करने के लिए भी योजनाएं चला रही है।
राजीविका की प्रदर्शनी का किया अवलोकन
कार्यक्रम से पहले मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने राजीविका की प्रदर्शनी का अवलोकन किया। यहां स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं द्वारा तैयार किए गए विभिन्न उत्पाद प्रदर्शित किए गए थे। मुख्यमंत्री ने इन उत्पादों की जानकारी ली और महिला लाभार्थियों से बातचीत की।राजीविका के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों से जोड़कर आजीविका और स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाता है। मुख्यमंत्री ने महिला समूहों की भागीदारी को ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत करने से जोड़ा।
‘विकसित राजस्थान’ में महिलाओं की भागीदारी
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि महिलाओं की भागीदारी के बिना राजस्थान के आर्थिक और सामाजिक विकास के लक्ष्यों को पूरा नहीं किया जा सकता। उन्होंने महिलाओं की मेहनत और सामूहिक शक्ति को राज्य के विकास का महत्वपूर्ण आधार बताया।मुख्यमंत्री ने वर्ष 2047 तक ‘विकसित भारत’ और ‘विकसित राजस्थान’ के लक्ष्य का उल्लेख करते हुए कहा कि महिलाओं की सक्रिय भागीदारी इस संकल्प को पूरा करने में अहम होगी। यह राज्य सरकार का घोषित दृष्टिकोण है, जिसकी वास्तविक प्रगति योजनाओं के क्रियान्वयन और उनके परिणामों से आंकी जाएगी।कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा, ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज राज्य मंत्री ओटाराम देवासी, सांसद मंजू शर्मा, अन्य जनप्रतिनिधि और वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे। सम्मेलन में मुख्यमंत्री ने महिला लाभार्थियों से सीधे संवाद कर उनकी बात सुनी और आर्थिक आत्मनिर्भरता, शिक्षा, स्वास्थ्य तथा स्वरोजगार से जुड़ी सरकारी योजनाओं को आगे बढ़ाने पर जोर दिया।
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