राजस्थान
Churu: जीवदया और पारिस्थितिकी विकास से जुड़े व्यक्तियों का हुआ सम्मान
Tara Tandi
23 Sept 2024 4:44 PM IST

x
Churu चूरू । ताल छापर की नेचर एनवॉयरमेंट एण्ड वाइल्ड लाइफ सोसायटी (न्यूज) की ओर से रविवार शाम आयोजित स्वामी गीगदास पर्यावरण एवं प्रकृति सेवा सम्मान राज्य स्तरीय समारोह राजस्थान सरकार के वृक्षारोपण अभियान के ब्रांड एंबेसडर पदम् श्री हिम्मताराम भामू की अध्यक्षता में आयोजित हुआ।
समारोह मेंं वृक्षारोपण, जीव दया और पारिस्थितिकी विकास से जुड़े व्यक्तियों का सम्मान किया गया। इस अवसर पर बोलते हुए पदमश्री भामू ने कहा कि पर्यावरण प्रदूषण प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से मनुष्यों और अन्य प्रजातियों के जीवन को नकारात्मक ढंग से प्रभावित करता है। विभिन्न प्रकार के प्रदूषणों से बचने के लिए अधिक से अधिक पेड़ लगाने चाहिए। उन्होंने कहा कि इस संस्था के संरक्षक होने के नाते मुझे गर्व है कि छापर जैसी पुण्य धरा पर पर्यावरण संरक्षण का काम कर रही इस संस्था की गूंज आने वाले समय में पूरे देश-विदेश में सुनाई देगी। भामू ने अपनी ओर से अपनी दादी के हाथ के लगाए प्रथम पेड़ की फोटो (जो उनकी प्रेरणा बनी) की लेमिनेटेड फोटो संस्था को भेंट की। इस अवसर पर उन्होंने एक गीत ‘भाया! प्रदूषण ने रोको जी, सारा मिलने पेड़ लगावो ओई मोको जी...’ सुनाकर सभी को प्रेरित किया।
समारोह की मुख्य अतिथि नई दिल्ली की वरिष्ठ पत्रकार और पर्यावरण साधक डॉ. मीना कुमारी ने कहा कि वृक्षारोपण और पर्यावरण का विकास बिना जल के सम्भव नहीं हैं। जल जीवन की आधारशिला है। उन्होंने कहा कि जल संचयन प्रणालियां पारंपरिक तकनीकें हैं जो कई शताब्दियों से स्थानीय आबादी की जरूरतों को पूरा करती आ रही हैं, जो यह दर्शाता है कि ये प्रणालियां स्पष्ट रूप से टिकाऊ हैं। समाज के सभी स्तरों पर पारंपरिक जल-ज्ञान ने सभी के लिए पर्याप्त जल उपलब्धता सुनिश्चित की, जिसने बदले में सवार्ंगीण विकास और समृद्धि का आधार बनाया। हमें फिर से प्राचीन ज्ञान को सीखना-समझना चाहिए और वर्तमान जल संकट की स्थिति से छुटकारा पाने के लिए इसे अपने आधुनिक समाज में लागू करना चाहिए।
समारोह की मुख्य वक्ता ट्री बेबी ऑफ राजस्थान के नाम से विख्यात सीकर की अभिलाषा रणवां ने कहा कि उनके शिक्षक पिता की अल्पायु में मृत्यु हो जाने के बाद उनकी मां ने पिता द्वारा एकत्रित धनराशि उसे देते हुए खुद के लिए एक गाड़ी खरीदने को कहा तो उन्होंने अपनी मां से कहा कि मुझे गाड़ी नहीं, गार्डन चाहिए। उन्होंने गाड़ी के लिए एकत्रित सारी धनराशि वृक्षारोपण में खर्च कर दी। अभिलाषा रणवां ने कहा कि पेड़-पौधों से अच्छे हमारे कोई मित्र नहीं हो सकते। हमारी सांसों का आधार प्राणवायु ऑक्सीजन इन्हीं के माध्यम से हमें प्राप्त होती है। उन्होंने प्रत्येक व्यक्ति को पांच पेड़ तो कम से कम अपने जीवन में लगाने की सलाह दी। उन्होंने उपहार में पौधे वितरित करने का सुझाव दिया। अपने साथ लाये पौधे भी उन्होंने समारोह में वितरित किए। समारोह के स्वागताध्यक्ष वरिष्ठ अधिवक्ता सूर्य प्रकाश स्वामी ने समाहार वक्तव्य दिया और मंचस्थ नगर पालिका छापर के अध्यक्ष श्रवण कुमार माली ने आभार ज्ञापित किया। समारोह का शुभारंभ स्वामी गीगदास महाराज के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर दीप प्रज्ज्वलन से हुआ। संस्था के अध्यक्ष कन्हैयालाल स्वामी ने आयोजकीय पृष्ठभूमि को रेखांकित करते हुए स्वागत वक्तव्य प्रस्तुत किया। संस्था के शंकर लाल सारस्वत ने स्वामी गीगदास महाराज व्यक्तित्व और कृतित्व की जानकारी दी। कार्यक्रम का संचालन साहित्यकार डॉ. घनश्याम नाथ कच्छावा ने किया। आयोजन में छात्राओं ने वानिकी प्रार्थना प्रस्तुत की।
आगन्तुक अतिथियों का स्वागत प्रदीप सुराणा, चैनरूप दायमा, पंडित किशन उपाध्याय, सरोजिनी स्वामी, पूर्व पालिकाध्यक्ष सुनीता पारीक, प्रमिला दर्जी, शिल्पा यादव, शिक्षिका कृष्णा राजपुरोहित, पूजा सोनी, अरूणा बाला, लक्ष्य सारस्वत, पार्षद देवकीनंदन सैन शैली, राकेश ढेनवाल, संस्था के सचिव सुनील कुमार पुरोहित, पार्थ सोनी, संदीप पुरोहित, मुकेश धानक, तेजकरण उपाध्याय, जितेंद्र स्वामी, देवकीनंदन भाटी आदि ने किया।
समारोह में भारतीय सेना में कर्नल उमेश स्वामी, सीकर के दीपक बगड़िया, सरदारशहर के छगनलाल सेवदा, महेंद्र चारण, सुजानगढ़ के रतन सैन, कमल नयन तोषनीवाल, किशोर सैन, दिलीप प्रजापत, शंकरलाल पारीक , सुमित्रा सैन, जय प्रकाश सोनी, नानकराम तापड़िया, धन्नाराम प्रजापत, गौरीशंकर भावुक, जितेंद्र तंवर, जयराम जांगिड़, बजरंग लाल सूंठवाल, पन्नालाल आर्य , डॉ. गिरधारी दाधीच सहित बड़ी संख्या में कस्बेवासी और दूर -दराज से आये पर्यावरण से जुड़े कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
उल्लेखनीय कार्य के लिए हुआ सम्मान
स्वामी गीगदास पर्यावरण और प्रकृति सेवा सम्मान राज्य स्तरीय समारोह में सघन वृक्षारोपण के लिए सुजानगढ़ के एईएन राजेन्द्र प्रजापत, मांगीलाल स्वामी, जीव संरक्षण के लिए बीदासर के पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ . प्रदीप सोनी, वृक्षारोपण के लिए सरदारशहर के कवि व शिक्षक अशोक अनुराग, सामाजिक कार्यकर्ता डॉ. मोनिका सैनी, पर्यावरणीय गतिविधियों के लिए राजगढ़ गुलपुरा के शिक्षक सुमेर सिंह सिहाग, जीवदया के लिए आबसर के शिक्षक ईश्वर सुथार, वृक्ष संरक्षण व संवर्धन के लिए छापर के पंडित संतोष कुमार उपाध्याय और निराश्रित गौवंश की सेवा, वन्य जीव -पक्षी संरक्षण, वृक्षारोपण के विविध कार्यों हेतु आपणों गांव श्री डूंगरगढ़ सेवा समिति को सम्मानित किया गया। सम्मानित होने वाले लोगों का परिचय क्रमशः हेमंत कुमार तंवर ,चंद्र प्रकाश पेडीवाल, पार्षद निर्मल स्वामी, लाडनूं के डॉ.वीरेंद्र भाटी मंगल, रतनगढ़ के श्रीकांत आत्रेय, व्याख्याता विनीत प्रजापत, एडवोकेट अन्नपूर्णा सुथार, सुजानगढ़ के महेश कुमार तंवर और कवि हरिराम गोपालपुरा ने प्रस्तुत किया। इस अवसर पर छापर की दो प्रतिभाओं पूजा पारीक और प्रेरणा स्वामी का चयन निरीक्षक, कस्टम और जीएसटी पद पर होने पर उनका नागरिक अभिनंदन किया गया। इनके सम्मान पत्र का वाचन पूर्व प्राचार्य रेखाराम गोदारा और सामाजिक कार्यकर्ता चमन दुधोड़िया ने किया।
TagsChuru जीवदयापारिस्थितिकी विकासजुड़े व्यक्तियों सम्मानChuru compassion for living beingsecological developmentrespect for the persons involvedजनता से रिश्ता न्यूज़जनता से रिश्ताआज की ताजा न्यूज़हिंन्दी न्यूज़भारत न्यूज़खबरों का सिलसिलाआज की ब्रेंकिग न्यूज़आज की बड़ी खबरमिड डे अख़बारJanta Se Rishta NewsJanta Se RishtaToday's Latest NewsHindi NewsIndia NewsKhabron Ka SilsilaToday's Breaking NewsToday's Big NewsMid Day Newspaperजनताjantasamachar newssamacharहिंन्दी समाचार
Next Story





