राजस्थान

Churu: सहकारिता सामाजिक एकता और समृद्धि की कुंजी: सुराणा जिला कलेक्टर

Tara Tandi
17 Feb 2025 7:47 PM IST
Churu: सहकारिता सामाजिक एकता और समृद्धि की कुंजी: सुराणा जिला कलेक्टर
x
Churu चूरू । जिला कलक्टर अभिषेक सुराणा ने सोमवार को डीओआईटी वीसी सभागार में अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता वर्ष - 2025 के अवसर पर पोस्टर का विमोचन किया।
जिला कलक्टर अभिषेक सुराणा ने कहा कि सहकारिता केवल आर्थिक विकास का माध्यम ही नहीं, बल्कि सामाजिक एकता और समृद्धि की कुंजी भी है। उन्होंने ‘सहकार से समृद्धि‘ के संदेश को दोहराते हुए सहकारी संस्थाओं से आपसी सहयोग को बढ़ावा देने की अपील की।
दी चूरू सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक के प्रबंध निदेशक मदन लाल ने बताया कि बैंक किसानों, दुग्ध उत्पादकों और ग्रामीण उद्यमियों को बेहतर बैंकिंग सेवाएं प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि ‘सहकारिता में सहकार‘ के तहत सभी सहकारी संस्थानों को परस्पर सहयोग कर गांव-गांव तक आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में कार्य करना चाहिए।
उन्होंने बताया कि इस पहल का उद्देश्य सहकारी आंदोलन को सशक्त बनाना और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को प्रोत्साहित करना है। इस अवसर पर ‘म्हारो खातो म्हारो बैंक‘ अभियान को और प्रभावी बनाने पर बल दिया गया। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य दुग्ध उत्पादक समितियों और सहकारी बैंकों के बीच समन्वय स्थापित करना है, जिससे किसानों और दुग्ध उत्पादकों को सहज एवं सुलभ वित्तीय सेवाएं उपलब्ध हो सकें। इस पहल के तहत ग्रामीण उद्यमियों को भी सहकारी बैंकिंग सुविधाओं से जोड़ा जा रहा है, जिससे वे सस्ती और सुविधाजनक ऋण योजनाओं का लाभ उठा सके।
कार्यक्रम में गोपाल क्रेडिट कार्ड योजना पर विशेष चर्चा की गई। यह योजना दुग्ध उत्पादकों के लिए एक महत्वपूर्ण वित्तीय सहायता योजना है, जिसके अंतर्गत उन्हें कार्यशील पूंजी उपलब्ध कराई जाती है। यह पूंजी पशु आहार, दवा, देखभाल आदि पशुपालन संबंधी आवश्यकताओं के लिए उपयोग की जा सकती है। जिला कलक्टर अभिषेक सुराणा ने कहा कि इस योजना से ग्रामीण दुग्ध उत्पादकों की आय में वृद्धि होगी और पशुपालन व्यवसाय को नई दिशा मिलेगी।
कार्यक्रम में ग्राम सेवा सहकारी समितियों की महत्वपूर्ण भूमिका पर भी चर्चा की गई। ये समितियां ग्रामीण किसानों को उर्वरक, बीज, कीटनाशक, कृषि यंत्र और वित्तीय सहायता प्रदान कर स्थानीय स्तर पर कृषि और सहकारिता के विकास में योगदान दे रही हैं। जिला प्रशासन और सहकारी बैंक मिलकर इन समितियों को और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में कार्य कर रहे हैं, ताकि हर गांव तक सहकारी सुविधाओं की पहुंच सुनिश्चित की जा सके।
इस दौरान एडीएम अर्पिता सोनी, सीईओ श्वेता कोचर, कृषि संयुक्त निदेशक मुकेश माथुर, सहकारिता उप रजिस्ट्रार डॉ सुनील मांड़िया, सहकारी बैंक के अधिकारी एवं अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। सभी ने सहकारिता आंदोलन को और अधिक प्रभावी बनाने तथा सहकारी संस्थाओं को सुदृढ़ करने के लिए एकजुट होकर कार्य करने का संकल्प लिया।
Next Story