राजस्थान

Chittorgarh: राजपूत समाज ने नलकूप मामले में अपना पक्ष प्रशासन के सामने रखा

Admindelhi1
26 Jun 2026 12:14 PM IST
Chittorgarh: राजपूत समाज ने नलकूप मामले में अपना पक्ष प्रशासन के सामने रखा
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पत्थरगढ़ी के बाद बढ़े विवाद पर समाज ने प्रशासन से हस्तक्षेप की अपील

चित्तौड़गढ़: जिले के भदेसर थाना क्षेत्र में सरलाई गांव की सरहद में स्थित भूमि को लेकर बुधवार को कुछ लोगों ने मरूधर होटल के मालिक प्रहलाद सिंह मेड़तिया और अधिवक्ता महेन्द्र सिंह को लेकर आरोप लगाए थे। इसे लेकर जौहर स्मृति संस्थान, मेवाड़ क्षत्रिय महासभा के बैनर तले विभिन्न संगठनों ने आरोपों को सिरे से नकारते हुए उन्हेंं मनगढ़ंत बताया। साथ ही कहा कि मामला क्रयशुदा जमीन और ट्यूबवेल का है, जिसे प्रहलाद सिंह ने चार साल पहले खरीदा था। मौके पर तहसीलदार द्वारा पत्थरगढ़ी भी की जा चुकी है लेकिन कुछ लोग निजी स्वार्थ के खातिर इस विवाद काे हवा दे रहे है और जानबूझकर उन्हें घसीटा जा रहा है। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और समाज को बदनाम करने को लेकर पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपा। इस दौरान जौहर स्मृति संस्था के अध्यक्ष नारायणसिंह बड़ौली, महाराणा भूपाल शिक्षा समिति के अध्यक्ष नरपत सिंह भाटी, मेवाड़ क्षत्रिय महासभा के अध्यक्ष सहदेव सिंह नारेला, जिला अभिभाषक संस्थान के पूर्व अध्यक्ष एसपी सिंह राठौड़, ललित सिंह, लाल सिंह सहित अन्य समाज के प्रतिनिधि मौजूद थे।

नलकूप व जमीन का सीमांकन, सेटलमेंट विभाग को भेजा मामला

इस संबंध में जौहर स्मृति संस्थान के अध्यक्ष नारायण सिंह बड़ौली और अन्य समाजजनों ने मामले पर जानकारी देते हुए बताया कि यह भूमि कैलाश सिंह ने क्रय की थी और गत 8 जून को भदेसर तहसीलदार ने मौके पर जाकर पत्थरगढ़ी भी कर दी थी। इस दौरान कुमावत समाज के प्रतिनिधियों ने हस्ताक्षर करने से मना कर दिया था और मामला उपखंड अधिकारी और सेटलमेंट विभाग को भेजा गया था। नपती किए जाने के दौरान भूमि और ट्यूबवेल कैलाश सिंह की ही निकली और इसी आधार पर तहसीलदार ने रिपोर्ट दी है। इसके बावजूद मामले को राजनीतिक रंग दिया जा रहा है और समाज को घसीटा जा रहा है।

फायरिंग और मारपीट के आरोप बेबुनियाद

उन्होंने बताया कि एक दिन पहले कुमावत समाज के व्यक्तियों प्रकाश, रोशनलाल, सुरेश, दयाराम, दिनेश, सत्यनारायण, रतनलाल आदि ने प्रतिष्ठा धूमिल करने और झूठा परिवाद दर्ज कराने को लेकर ज्ञापन दिया था। इसमें फायरिंग, मारपीट और फसल खराब करने के आरोप लगाए थे। वहीं मौके पर ऐसी कोई घटना नहीं हुई है। उन्होंने पुलिस अधीक्षक से बातचीत कर किसी भी प्रकार के सामाजिक टकराव को रोकने और निष्पक्ष जांच कराने की मांग की वहीं समाज की प्रतिष्ठा को धूमिल करने को लेकर उचित कानूनी कार्यवाही करने की भी मांग की है।

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