राजस्थान

Chittorgarh: चित्तौड़गढ़-कोटा रूट पर दोहरीकरण की दिशा में कदम

Admindelhi1
25 April 2026 10:28 AM IST
Chittorgarh: चित्तौड़गढ़-कोटा रूट पर दोहरीकरण की दिशा में कदम
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चित्तौड़गढ़: भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एवं चित्तौडगढ़ सांसद सीपी जोशी के प्रयासों से कोटा (गुड़ला)-चित्तौडगढ़ रेल खंड का दोहरीकरण किए जाने के लिए रेलवे की और से फाइनल लोकेशन सर्वे को स्वीकृति मिल गई है। सांसद सीपी जोशी की और से समय-समय पर रेल मंत्री से उदयपुर-चन्देरिया-कोटा रेलमार्ग के दोहरीकरण के संबंध में लगातार आग्रह किया था। इस पर महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए केंद्रीय रेल, सूचना एवं प्रसारण तथा इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इस परियोजना के लिए फाइनल लोकेशन सर्वे को स्वीकृति प्रदान कर दी है।

चित्तौड़गढ़ सांसद सीपी जोशी ने इस महत्वपूर्ण निर्णय के लिए देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव का आभार जताते हुए कहा कि यह निर्णय क्षेत्र की रेल कनेक्टिविटी को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। सांसद सीपी जोशी ने बताया कि उन्होंने रेल मंत्री को पत्र लिख कर उदयपुर-चन्देरिया-कोटा रेलमार्ग के दोहरीकरण की आवश्यकता से अवगत कराया था। इस मार्ग पर बढ़ते यात्री और माल परिवहन के दबाव को देखते हुए इसे प्राथमिकता से स्वीकृत करने का अनुरोध किया गया था। रेल मंत्रालय की और से इस प्रस्ताव पर सकारात्मक पहल करते हुए फाइनल लोकेशन सर्वे को मंजूरी देना क्षेत्र के लिए बड़ी उपलब्धि है।

सांसद सीपी जोशी ने कहा कि कोटा (गुड़ला)-चित्तौडगढ़ खंड का दोहरीकरण होने से क्षेत्र के उद्योग, खनन, कृषि और व्यापार को बड़ा लाभ मिलेगा। मालगाड़ियों की आवाजाही बढ़ने से स्थानीय उत्पादों को देश के विभिन्न बाजारों तक पहुंचाना आसान होगा। साथ ही भविष्य में नई यात्री ट्रेनों के संचालन की संभावनाएं भी बढ़ेंगी, जिससे क्षेत्र के लोगों को बेहतर रेल सुविधा मिलेगी। इसके साथ ही वर्तमान में चित्तौड़गढ़ जंक्शन दक्षिण में रतलाम तक दोहरीकरण से जुड़ रहा हैं, उत्तर में अजमेर तक का कार्य प्रगति पर चल रहा हैं। अब पूर्व में कोटा तक जुड़ने से यहॉ से विकास का रास्ता प्रशस्त हो सकेगा।

सांसद जोशी ने बताया कि चित्तौड़गढ़ क्षेत्र में पिछले कुछ वर्षों में रेल अधोसंरचना के विकास के लिए कई महत्वपूर्ण कार्य हुए हैं। उन्होंने बताया कि 560 करोड़ रुपए की लागत से 56 किमी चित्तौड़गढ़-नीमच रेलमार्ग का दोहरीकरण एवं विद्युतीकरण कार्य पूर्ण हो चुका है। 905 करोड़ रुपए की लागत से 133 किमी नीमच-रतलाम रेलमार्ग के दोहरीकरण का कार्य प्रगति पर है। 1634 करोड़ रुपए की लागत से 178.20 किमी अजमेर-चन्देरिया (चित्तौड़गढ़) रेलमार्ग के दोहरीकरण का कार्य प्रगति पर है। उमरड़ा से देबारी तक लगभग 25 किमी रेलखंड पर 492 करोड़ रुपए से दोहरीकरण का कार्य जारी है। चित्तौड़गढ़-मावली-उदयपुर (लगभग 99 किमी) रेलमार्ग के दोहरीकरण के लिए अंतिम स्थान सर्वे का कार्य किया गया हैं। सांसद सीपी जोशी ने कहा कि इन परियोजनाओं के पूर्ण होने से चित्तौड़गढ़ क्षेत्र देश के प्रमुख रेल कॉरिडोर से और अधिक मजबूत तरीके से जुड़ जाएगा। इससे दिल्ली-मुंबई समेत देश भर के सभी प्रमुख मार्गों के लिए वैकल्पिक रेल कनेक्टिविटी विकसित होगी और यात्री तथा मालगाड़ियों का संचालन सुगम होगा।

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