Chittorgarh: फसलों पर भारी बारिश का असर, विधायक आक्या ने लिया संज्ञान

चित्तौड़गढ़: जिले में पश्चिमी विक्षोभ के कारण रविवार रात को हुई बे मौसम बरसात के कारण खेतों की सूरत बिगड़ कर रह गई है। खेतों में काफी नुकसान पहुंचा है। अफीम, गेहूं, सरसों सहित अन्य फसलों में नुकसान का आंकलन है। बरसात की सूचना चित्तौड़गढ़ जिले के विभिन्न क्षेत्रों में सामने आ रही है। नुकसान को लेकर कृषि विभाग ने भी आंकलन निकालना शुरू कर दिया है। साथ ही किसानों से नुकसान होने की स्थिति में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत आवेदन करने के लिए भी आग्रह किया है। वहीं सबसे अधिक नुकसान अफीम की फसल में होने की बात सामने आ रही है। मैदानी और पहाड़ी क्षेत्र दोनों ही इलाकों में नुकसान हुआ है। वहीं चित्तौड़गढ़ विधायक चंद्रभानसिंह आक्या ने सरकार से फसलों की गिरदावरी करवाने की मांग की है।
कृषि विभाग के अधिकारी उप निदेशक उद्यान एवं कृषि विशेषज्ञ डॉक्टर शंकरलाल जाट ने बताया कि रविवार रात को चित्तौड़गढ़ जिले के कई क्षेत्रों में बरसात एवं ओलावृष्टि हुई है। यह ओलावृष्टि एक पट्टी के रूप में रही है। घाटा क्षेत्र में उदपुरा सहित अन्य गांव में नुकसान की बात सामने आई है। इसके अलावा कनेरा घाट क्षेत्र में भी ओलावृष्टि से अफीम के खेतों में नुकसान हुआ है। वहीं बेगूं से आगे बोराव व रावतभाटा क्षेत्र में ओलावृष्टि के समाचार है। संबंधित कृषि अधिकारियों को निर्देशित किया है कि वह अपने क्षेत्र में हुई फसल खराबे का सर्वे करवा कर रिपोर्ट भेजें। इस रिपोर्ट को आगे भेजा जाएगा। कृषि विशेषज्ञ डॉ शंकरलाल जाट ने बताया कि जिन क्षेत्रों में बरसात हुई है उन क्षेत्रों में तो खेती को लेकर फायदा हुआ है। गेहूं, सरसों, चना आदि में सिंचाई हो गई है पैदावार अच्छी होगी। लेकिन जहां ओलावृष्टि हुई है उसमें अफीम सहित अन्य फसलों फसल में नुकसान हुआ है। अफीम की फसल में भी जहां डोडे बड़े हैं वहां नुकसान अधिक है।इस संबंध में सर्व करवाए जा रहे हैं। साथ ही अफीम किसान नुकसान को लेकर नारकोटिक्स विभाग के अधिकारियों को सूचना दें। अफीम की फसल को नारकोटिक्स विभाग देखता है। वहीं अन्य फसलों में अगर नुकसान है और किसानों ने बीमा करवा रखा है तो नियमानुसार आवेदन करें।
कहीं डोडे फूटे तो कहीं आड़ी पड़ी अफीम की फसल
मेवाड़ की प्रमुख वाणिज्य फसल कहलाई जाने वाली अफीम में कुछ क्षेत्रों में खराबा होने की बात सामने आई है। स्थिति यह है कि कहीं जहां फसल अगेती (एडवांस) थी और डोडे बड़े हो गए तो वहां डोडे फूट गए। वहीं ओलावृष्टि के दौरान हवा चलने से फसल आड़ी पड़ गई। उदपुरा घाट निवासी रमेश मीणा ने बताया कि उनके क्षेत्र में फसलों को काफी नुकसान पहुंचा है। गेहूं की फसल आदि पड़ गई और अफीम में भी नुकसान है। इधर, ओछड़ी निवासी दशरथ मेनारिया ने बताया की बीती रात को ओलावृष्टि एवं बरसात के कारण अफीम की फसल को काफी नुकसान पहुंच गया है। अफीम की फसल से पत्ते नीचे गिर गए। ऐसे में अब फसल से पूरी तरह पैदावार लेने में परेशानी आ सकती है। सरकार को चाहिए की फसल में हुए नुकसान की गिरदावरी करवा कर राहत दें।
विधायक आक्या ने सीएम को लिखा पत्र
इधर, चित्तौड़गढ़ विधायक चन्द्रभान सिंह आक्या ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को पत्र लिखा। इसमें विधानसभा क्षेत्र चित्तौडगढ़ की ग्राम पंचायत विजयपुर, अमरपुरा, उदपुरा, घटियावली, गिलुण्ड के विभिन्न गांवों सहित आस-पास के क्षेत्रों में ओलावृष्टि से किसानों की फसलो को हुए नुकसान की शीघ्र गिरदावरी करा उचित मुआवजा दिलाने की मांग की है। विधायक आक्या ने सीएम व कृषि मंत्री किरोड़ीलाल मीणा को पत्र लिख कर बताया विधानसभा क्षेत्र के कई गांवों में ओलावृष्टि से खेतों में खड़ी अफीम व गेहूं की फसल के साथ ही खेतों में काट के रखी हुई सरसों की फसल को बहुत नुकसान हुआ है। फसल खराब होने से किसानो की उम्मीदों को आघात लगा व पर आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। विधायक आक्या ने सीएम व कृषि मंत्री से आग्रह किया कि ओलावृष्टि से किसानो की फसलों को हुए नुकसान की शीघ्र गिरदावरी करा उचित मुआवजा दिलाया जाए। इससे किसान अपने परिवार का भरण पोषण कर सके।





