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Rajasthan राजस्थान। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने नीति आयोग के सदस्य के. वी. राजू के साथ राज्य के जिला घरेलू उत्पाद (District Domestic Product) के अनुमानों की समीक्षा की। बैठक में जिला स्तर पर आर्थिक गतिविधियों के आकलन और विकास की संभावनाओं को बढ़ाने के लिए जिला-आधारित विकास मॉडल को प्रभावी ढंग से लागू करने पर विशेष जोर दिया गया।
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्थान के समग्र विकास के लिए प्रत्येक जिले की आर्थिक क्षमता, संसाधनों और स्थानीय विशेषताओं का सही मूल्यांकन आवश्यक है। जिला घरेलू उत्पाद के सटीक आंकड़े उपलब्ध होने से स्थानीय स्तर पर विकास योजनाएं तैयार करने और संसाधनों के बेहतर उपयोग में मदद मिलेगी। इससे क्षेत्रीय असमानताओं को कम करने और संतुलित विकास को बढ़ावा देने का मार्ग भी प्रशस्त होगा। नीति आयोग के सदस्य के.वी. राजू ने जिला घरेलू उत्पाद के आंकड़ों के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह प्रणाली स्थानीय अर्थव्यवस्था की वास्तविक स्थिति को समझने में मदद करती है। इससे कृषि, उद्योग, सेवा क्षेत्र और अन्य आर्थिक गतिविधियों का व्यापक विश्लेषण संभव हो सकेगा, जिसके आधार पर योजनाओं को अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिला स्तर पर डेटा संग्रह और विश्लेषण की प्रक्रिया को और अधिक मजबूत किया जाए, ताकि विकास योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंच सके। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार आत्मनिर्भर और समावेशी विकास के लक्ष्य को हासिल करने के लिए डेटा आधारित नीति निर्माण को प्राथमिकता दे रही है। बैठक में विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी भाग लिया और जिला-आधारित आर्थिक विकास को गति देने के लिए कई सुझाव प्रस्तुत किए। सरकार को उम्मीद है कि इस पहल से राजस्थान के सभी जिलों में समान और सतत विकास सुनिश्चित किया जा सकेगा।
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