राजस्थान

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने दी दीपावली की शुभकामनाएँ

SHIDDHANT
19 Oct 2025 9:44 PM IST
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने दी दीपावली की शुभकामनाएँ
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Rajasthan राजस्थान। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने दीपावली, गोवर्धन पूजा और भाई दूज के अवसर पर प्रदेशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएँ दी हैं। अपने संदेश में उन्होंने कहा कि दीपों का यह पर्व खुशहाली, समृद्धि और हमारी जीवंत परंपराओं का प्रतीक है। यह अंधकार पर प्रकाश की विजय का उत्सव है और हमें इसे सुरक्षित और पर्यावरण के अनुकूल तरीके से मनाना चाहिए। मुख्यमंत्री ने सभी नागरिकों से आग्रह किया कि इस वर्ष ग्रीन पटाखों का प्रयोग करें और पारंपरिक दीपों की रोशनी को प्राथमिकता दें। उन्होंने विशेष रूप से बच्चों से अनुरोध किया कि वे पटाखों को अपने माता-पिता और बड़ों की देखरेख में ही जलाएँ। साथ ही बड़ों से भी आग्रह किया कि वे त्योहार को सावधानीपूर्वक और सुरक्षित रूप से मनाएँ, ताकि किसी प्रकार का हादसा या दुर्घटना न हो।
भजनलाल शर्मा ने प्रदेशवासियों को यह संदेश भी दिया कि दीपावली की खरीदारी के दौरान स्थानीय प्रतिभाशाली कारिगरों और कारीगरों के उत्पादों को प्राथमिकता दें। उनका कहना था कि इस प्रकार न केवल परंपरागत कला और संस्कृति को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था और छोटे व्यापारियों को भी सहयोग मिलेगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह प्रयास आत्मनिर्भर भारत और आत्मनिर्भर राजस्थान के निर्माण में योगदान करेगा। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि दीपावली का पर्व केवल व्यक्तिगत उत्सव का अवसर नहीं है, बल्कि यह समाज में भाईचारा और आपसी सहयोग की भावना को मजबूत करने का समय है। उन्होंने सभी से यह अपील की कि वे अपने पड़ोसियों, बुजुर्गों और जरूरतमंदों की मदद करें और त्योहार की खुशियाँ सबके साथ साझा करें।
सुरक्षा और पर्यावरण के महत्व पर बल देते हुए भजनलाल शर्मा ने कहा कि पटाखों के प्रयोग में सावधानी अत्यंत जरूरी है। उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि कम ध्वनि वाले और पर्यावरण-अनुकूल पटाखों का प्रयोग किया जाए, ताकि बच्चों और पालतू जानवरों को कोई खतरा न हो। साथ ही उन्होंने सफाई और कचरा प्रबंधन पर भी जोर दिया, ताकि दीपावली के बाद शहर और गांवों की स्वच्छता बनी रहे। राज्य सरकार द्वारा आयोजित विभिन्न दीपोत्सव कार्यक्रमों में भी पर्यावरण और सुरक्षा के उपायों को प्राथमिकता दी गई है। मुख्यमंत्री ने इन आयोजनों में लोगों की भागीदारी और उत्साह को सराहा और कहा कि ऐसे कार्यक्रम पारंपरिक संस्कृति को जीवंत रखने में मदद करते हैं। मुख्यमंत्री का यह संदेश प्रदेशवासियों के लिए त्योहार को सुरक्षित, खुशहाल और अर्थपूर्ण बनाने का मार्गदर्शन प्रस्तुत करता है। उनके निर्देश और सुझावों का उद्देश्य केवल उत्सव मनाना नहीं बल्कि सामाजिक, सांस्कृतिक और आर्थिक रूप से संतुलित ढंग से त्योहार को मनाना है।
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